{"_id":"5fe241908ebc3e3c52614626","slug":"civic-amenities-lakhimpur-news-bly431131023","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा के कहर से बचने को बनेगा दो किमी लंबा बांध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा के कहर से बचने को बनेगा दो किमी लंबा बांध
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बिजुआ। शारदा नदी के कहर से जूझ रहे रमेश्वरापुर, रामनगर कलां इलाके में बांध के निर्माण के बाद अब बेलहा सिकिटिहा इलाके में दो किमी तक नदी किनारे बांध बनाने की कवायद शुरू हो गई। योजना को लेकर विधायक ने अधिकारियों के साथ नदी के किनारे का निरीक्षण कर सिंचाई विभाग और वन विभाग के साथ मिलकर रणनीति बनाई।
बेलहा सिकिटहा ग्राम पंचायत के मजरा बेलहा, सिकिटिहा, नयापुरवा और चकपुरवा में शारदा नदी के कहर से चारों मजरों समेत करीब दस किमी से ज्यादा का इलाका बाढ़ प्रभावित रहा है। विधायक अरविंद गिरि जिले के अधिकारियों से मिलकर शारदा को बांधने के लिए दो किमी से लंबा बांध बनाने की कोशिश में हैं। इसी के चलते विधायक के साथ अधिकारियों ने दौरा कर सर्वे कर बांध की लंबाई पर बातचीत की और उसके स्वरूप के लिए विचार किया। वहीं इसी बांध में निघासन और गोला वन रेंज की जमीन पड़ती है, जिसका सीमांकन कर उसका प्रस्ताव बनाने के लिए दोनो रेंज के अफसरों से रिपोर्ट बनाने को कहा है।
बेघर नहीं होंगे किसान, खेती लायक होगी जमीन
इस बांध के बनने से बाढ़ से मुुक्ति मिलेगी और नदी किनारे की किसानों की जमीन फिर से खेती के लायक हो जाएगी। प्रधान संतोष कुुमार का कहना है कि शारदा नदी इस इलाके के लिए अभिशाप बन चुकी है, हर साल बरसात में सैकड़ों ग्रामीण बाढ़ में आकर अपना घर बार छोड़कर सड़क किनारे आ जाते हैं।
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बेलहा सिकिटहा ग्राम पंचायत के मजरा बेलहा, सिकिटिहा, नयापुरवा और चकपुरवा में शारदा नदी के कहर से चारों मजरों समेत करीब दस किमी से ज्यादा का इलाका बाढ़ प्रभावित रहा है। विधायक अरविंद गिरि जिले के अधिकारियों से मिलकर शारदा को बांधने के लिए दो किमी से लंबा बांध बनाने की कोशिश में हैं। इसी के चलते विधायक के साथ अधिकारियों ने दौरा कर सर्वे कर बांध की लंबाई पर बातचीत की और उसके स्वरूप के लिए विचार किया। वहीं इसी बांध में निघासन और गोला वन रेंज की जमीन पड़ती है, जिसका सीमांकन कर उसका प्रस्ताव बनाने के लिए दोनो रेंज के अफसरों से रिपोर्ट बनाने को कहा है।
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बेघर नहीं होंगे किसान, खेती लायक होगी जमीन
इस बांध के बनने से बाढ़ से मुुक्ति मिलेगी और नदी किनारे की किसानों की जमीन फिर से खेती के लायक हो जाएगी। प्रधान संतोष कुुमार का कहना है कि शारदा नदी इस इलाके के लिए अभिशाप बन चुकी है, हर साल बरसात में सैकड़ों ग्रामीण बाढ़ में आकर अपना घर बार छोड़कर सड़क किनारे आ जाते हैं।
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