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लाखों के घपले में वन विभाग का दावा, लिपिक से हुई चूक
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लखीमपुर खीरी। उत्तर खीरी वन प्रभाग में पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने व मिट्टी ढुलाई के काम में बाउचर पर दर्ज वाहनों के नंबर बाइक और मोपेड के निकलने के मामले में उपनिदेशक बफर जोन डॉ अनिल कुमार पटेल ने पीएजी (प्रधान महालेखाकार) को अपनी रिपोर्ट भेजी है, जिसमें उन्होंने घपले की बात से इंकार करते हुए इसे लिपिकीय त्रुटि होना बताया है। आडिट टीम द्वारा आपत्ति लगाए जाने के बाद उपनिदेशक ने मामले की जांच कराई, तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में ट्रैक्टर के नंबर निकले, जबकि बाउचर पर दर्ज नंबर गलत पाए गए हैं। इससे पीएजी ने उत्तर खीरी वन प्रभाग में 1,63,740 रुपये का घपले की बात कहते हुए वन विभागाध्यक्ष को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
वर्ष 2017-18 और 2019 में मार्च के मासिक बाउचरों का ऑडिट पीएजी ने किया था, जिसमें बाउचरों पर दर्ज वाहनों के नंबरों की जांच की गई, तो वह बाइक और मोपेड के निकले। उत्तर खीरी वन प्रभाग के चार बाउचरों में गड़बड़ी पाई गई, जिनसे 1,63,740 रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि इन बाउचरों के साथ में ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की प्रतियां भी संलग्न थीं, जिनकी जांच नहीं की गई। उपनिदेशक बफर जोन ने बताया कि एक बाउचर में वाहन नंबर यूपी 31बीबी/5358 के बजाय लिपिक की गलती से यूपी 31/5358 फीड हो गया था, जो जांच में मोपेड का नंबर निकला। ऐसे ही यूपी 31एन/0281 के बजाय यूपी 31एएन/0281 नंबर फीड हो गया था, जो स्पेलेंडर बाइक का निकला। जबकि आरसी के मुताबिक दोनों वाहनों के नंबर ट्रैक्टरों के हैं। उन्होंने बताया कि त्रुटि सुधार करते हुए सही रिपोर्ट पीएजी को भेजी है। संवाद
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वर्ष 2017-18 और 2019 में मार्च के मासिक बाउचरों का ऑडिट पीएजी ने किया था, जिसमें बाउचरों पर दर्ज वाहनों के नंबरों की जांच की गई, तो वह बाइक और मोपेड के निकले। उत्तर खीरी वन प्रभाग के चार बाउचरों में गड़बड़ी पाई गई, जिनसे 1,63,740 रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि इन बाउचरों के साथ में ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की प्रतियां भी संलग्न थीं, जिनकी जांच नहीं की गई। उपनिदेशक बफर जोन ने बताया कि एक बाउचर में वाहन नंबर यूपी 31बीबी/5358 के बजाय लिपिक की गलती से यूपी 31/5358 फीड हो गया था, जो जांच में मोपेड का नंबर निकला। ऐसे ही यूपी 31एन/0281 के बजाय यूपी 31एएन/0281 नंबर फीड हो गया था, जो स्पेलेंडर बाइक का निकला। जबकि आरसी के मुताबिक दोनों वाहनों के नंबर ट्रैक्टरों के हैं। उन्होंने बताया कि त्रुटि सुधार करते हुए सही रिपोर्ट पीएजी को भेजी है। संवाद
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