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एसडीएम आदेश देते रहे और स्टाफ ने करवा डाला तहसील भवन की जमीन पर कब्जा

Tue, 08 Dec 2020 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2020 01:55 AM IST
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तहसील की जमीन पर बना मकान। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। नगर सीमा से सटी ब्लॉक बांकेगंज की ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट में तहसील भवन की जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण पर एसडीएम रोक लगाने का आदेश देते ही रह गए और सोमवार को यहां फिर निर्माण कार्य शुरू हो गया। बताया जाता है कि इसमें कुछ तहसील कर्मियों का भी सहयोग है।
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रविवार को एसडीएम अखिलेश यादव ने अवैध निर्माण को रोकने का मौके पर जाकर आदेश दिया था, लेकिन उनके जाते ही कब्जेदार ने पुन: निर्माण कार्य शुरू कर दिया और रातोरात दीवार पर टिन शेड डाल दिया।
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अलीगंज रोड से ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट को जाने वाले संपर्क मार्ग के दाहिनी ओर गाटा संख्या 692, 693 और 696 पर करीब साढ़े तीन एकड़ सरकारी जमीन है, जो तहसील अभिलेखों में तहसील भवन के नाम दर्ज है। लेकिन यह जमीन अब भूमाफिया और अवैध कब्जेदारों के निशाने पर है। जो मौका पाते ही प्रधान, भूमाफिया की शह और तहसील कर्मियों की मदद से पहले झुग्गी झोपड़ी, टाट फट्टी डालकर काबिज होते हैं फिर उसकी आढ़ में पक्का निर्माण करा लेते हैं। इस तरह से इस जमीन पर दर्जनों पक्के मकान बनकर तैयार हो गए हैं। जिन्हें हटा पाना तहसील प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कब्जेदारों के हौसले इतने बुलंद हैं कि रविवार को एसडीएम अखिलेश यादव के रुकवाने के बाद भी मकान का निर्माण होता रहा।
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लेखपाल को मौके पर भेजा गया है, अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर निर्माण ध्वस्त कराकर भूमि खाली कराई जाएगी।
-अखिलेश यादव, एसडीएम
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गोला में सतौती सरोवर का मिट रहा अस्तित्व
गोला गोकर्णनाथ। नगर के बीचो-बीच प्राचीन सतौती सरोवर का अस्तित्व धीरे-धीरे मिटता जा रहा है। सरोवर के पूर्वी हिस्से पर रविवार को कूड़े कचरे से पटाई के बाद रात में ही मिट्टी से पटाई शुरू कर दी गई, जबकि तहसील प्रशासन की सांठगांठ से पश्चिमी हिस्से पर पहले ही प्लाटिंग हो चुकी है।
नगर के बीचोंबीच स्थित प्राचीन सतौती सरोवर पर्यावरण, भूगर्भ जल संतुलन एवं पक्षी विहार का प्रकृति की जीवंत विरासत है। जिस पर बरसों से भूमाफिया, अवैध कब्जेदारों की नजर रही। तहसील प्रशासन की मिलीभगत से इस सरोवर का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है। आसपास के लोगों ने बताया रात में ही डंपरों से लाई गई मिट्टी से पटाई कर मिट्टी बराबर कर दी गई। इससे पहले भी सरोवर के पश्चिमी हिस्से में मिट्टी की पिटाई कर प्लाटिंग कर दी गई थी। नगर पालिका ने की गई प्लाटिंग को अवैध बताते हुए वहां पर साइन बोर्ड लगा कर कब्जे को अवैध घोषित किया था और पटाई की गई जल भूमि को कंटीले तारों से घेर दिया था, लेकिन अवैध कब्जेदरों ने नगर पालिका की कंटीली बाढ़ और बोर्ड को गायब कर प्लाटिंग कर बिक्री कर दी। नगर पालिका परिषद और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने प्लाटिंग और बिक्री पर कोई रोक नहीं लगाई।
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न्यायालय और शासन के आदेश का हो रहा उल्लंघन
नगर में उच्च न्यायालय और शासन के आदेशों का खुल्ला उल्लंघन हो रहा है तो शासन की रोक के बावजूद अवैध खनन कर लाई गई मिट्टी से सरोवर को पाटकर नियम, कानून का मखौल उड़ाया जा रहा है।

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प्रवासी पक्षियों का उजड़ रहा बसेरा
सतौती सरोवर हमेशा से प्रवासी पक्षियों के कलरव से गुंजायमान रहता था। यहां तमाम विदेशी पक्षी आकर कलरव करते थे जो जाड़े की सीजन भर यहीं निवास भी करते थे। सरोवर पर अतिक्रमण और प्लाटिंग होने से प्रवासी पक्षियों का बसेरा उजड़ रहा है।
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सतौती तालाब से संलग्नक कई गाटे हैं, जिन पर पटाई कराई जा रही है। राजस्व कर्मियों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है।
-अखिलेश यादव एसडीम, गोला
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