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नगर पालिका ने साल भर पीटा सफाई का ढोल, बारिश ने खोल दी पोल
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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका प्रशासन पूरे साल लाखों रुपये खर्च कर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर ढोल पीटता रहा, लेकिन बरसात ने सफाई अभियान की पोल खोल दी। शहर का ऐसा कोई मोहल्ला, सड़क और गली नहीं बची, जहां जलभराव न हुआ हो।
नगर पालिका पूरे साल स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर की साफ सफाई का ढिंढोरा पीटती रही। मगर, इसकी हकीकत मंगलवार को सब के सामने आ गई। नाले नालियों की सफाई न होने से बारिश से शहर की हर सड़क और गली में पानी भर गया। ऐसे में शहरवासियों के साथ, कोर्ट कचहरी, अस्पताल आदि आने वाले लोग गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हुए। सबसे ज्यादा खराब हालात सब्जी मंडी, मोहल्ला नई बस्ती और खीरी रोड सहित आसपास के मोहल्लों के रहे।
संभल कर निकलिए, वरना होगी मुसीबत
सौजन्या तिराहे से यदि गुरुगोविंद सिंह तिराहा आ रहे हैं तो शाम के वक्त संभल कर निकलें, क्योंकि जलनिगम ने पाइप लाइन डालने के बाद खोदी गई रोड का मिट्टी से पटवा दिया है, जो बारिश में बैठ गई है। अंधेरे में यहां से निकलना जानलेवा भी हो सकता है।
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अमर उजाला पहले ही कर चुका आगाह
विकास भवन के सामने की सड़क धंस गई है। जलनिगम ने पाइलाइन के लिए खुदवाया था। इसे डालने के बाद मिट्टी से पटवा दिया, जिसके बैठने से रोड पर गड्ढ़ा हो गया। अब यह लोगों के लिए जानलेवा हो गया। हालांकि इस संबंध में अमर उजाला ने चार जुलाई को खबर प्रकाशित कर चेताया था। मगर, न तो नगर पालिका चेती और न ही जलनिगम के जेई व अधिशाषी अभियंता। वहीं जिले के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया।
नाला सफाई का टेंडर हुआ, लेकिन तली झाड़ सफाई नहीं हुई। हमारे वार्ड के नाले नालियां साफ ही नहीं हुए। इसकी जानकारी ईओ साहब को भी दी। सफाई के अभाव में शहर का बुरा हाल हो गया।
-राशिद पठान, सभासद वार्ड थरवरनगंज
जलभराव के लिए लिए नगरवासी और पालिका दोनों जिम्मेदार हैं। लोगों ने नालों पर अतिक्रमण कर रखा है, जिगसे सफाई में दिक्कत आती है। नगर पालिका किस तरह से जिम्मेदार है और नाला सफाई का टेंडर किसको गया है इस संबंध में वह खामोश रहीं।
-निरूपमा बाजपेई, पालिकाध्यक्ष
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नगर पालिका पूरे साल स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर की साफ सफाई का ढिंढोरा पीटती रही। मगर, इसकी हकीकत मंगलवार को सब के सामने आ गई। नाले नालियों की सफाई न होने से बारिश से शहर की हर सड़क और गली में पानी भर गया। ऐसे में शहरवासियों के साथ, कोर्ट कचहरी, अस्पताल आदि आने वाले लोग गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हुए। सबसे ज्यादा खराब हालात सब्जी मंडी, मोहल्ला नई बस्ती और खीरी रोड सहित आसपास के मोहल्लों के रहे।
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संभल कर निकलिए, वरना होगी मुसीबत
सौजन्या तिराहे से यदि गुरुगोविंद सिंह तिराहा आ रहे हैं तो शाम के वक्त संभल कर निकलें, क्योंकि जलनिगम ने पाइप लाइन डालने के बाद खोदी गई रोड का मिट्टी से पटवा दिया है, जो बारिश में बैठ गई है। अंधेरे में यहां से निकलना जानलेवा भी हो सकता है।
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अमर उजाला पहले ही कर चुका आगाह
विकास भवन के सामने की सड़क धंस गई है। जलनिगम ने पाइलाइन के लिए खुदवाया था। इसे डालने के बाद मिट्टी से पटवा दिया, जिसके बैठने से रोड पर गड्ढ़ा हो गया। अब यह लोगों के लिए जानलेवा हो गया। हालांकि इस संबंध में अमर उजाला ने चार जुलाई को खबर प्रकाशित कर चेताया था। मगर, न तो नगर पालिका चेती और न ही जलनिगम के जेई व अधिशाषी अभियंता। वहीं जिले के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया।
नाला सफाई का टेंडर हुआ, लेकिन तली झाड़ सफाई नहीं हुई। हमारे वार्ड के नाले नालियां साफ ही नहीं हुए। इसकी जानकारी ईओ साहब को भी दी। सफाई के अभाव में शहर का बुरा हाल हो गया।
-राशिद पठान, सभासद वार्ड थरवरनगंज
जलभराव के लिए लिए नगरवासी और पालिका दोनों जिम्मेदार हैं। लोगों ने नालों पर अतिक्रमण कर रखा है, जिगसे सफाई में दिक्कत आती है। नगर पालिका किस तरह से जिम्मेदार है और नाला सफाई का टेंडर किसको गया है इस संबंध में वह खामोश रहीं।
-निरूपमा बाजपेई, पालिकाध्यक्ष