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ग्रामीणों को भी अपने घर का नक्शा मिलना होगा आसान
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लखीमपुर खीरी। जल्द ही गांवों के लोगों को भी अपने मकान-दुकान आदि का नक्शा प्राप्त करना आसान हो जाएगा। स्वामित्व योजना के तहत इसके लिए गांवों की आबादी का ड्रोन कैमरे एवं सैटेलाइट की मदद से मानचित्रण किया जाएगा। इस कार्य को प्रारंभ करने से पहले जनपद में दो सीओआरएस (कांटीनियस ऑपरेटिंग रिफ्रेंस स्टेशन) बनाए जाने हैं, जिसमें एक स्टेशन लखीमपुर के बनवारीपुर जूनियर हाईस्कूल में स्थापित किया जा सकता है। जबकि दूसरा स्टेशन निघासन में बनेगा।
गांवों में आज भी लोग परंपरागत पुश्तैनी कब्जों के आधार पर काबिज हैं, जिससे इनके नक्शे, रिकॉर्ड आदि लोगों के पास नहीं हैं। वहीं तहसील प्रशासन के पास भी आबादी क्षेत्र का रिकॉर्ड नहीं है, जिससे विवाद/मुकदमे की स्थिति में काफी मुश्किलें आती हैं। तो लोगों के पास अपने मकान का रिकॉर्ड न होने के कारण बैंक से ऋण नहीं मिल पाता है। अब स्वामित्व योजना के तहत सरकार ने गांवों में भी आबादी का मानचित्रण कराने के आदेश दिए हैं, जिस पर आर्कियोलॉजिकल विभाग ने काम शुरू कर दिया है। एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के 54 हजार ग्रामों की आबादी का ड्रोन कैमरे से मानचित्रण किया जाएगा। जनपद में 1167 ग्राम पंचायतें और 1756 राजस्व ग्राम हैं। भौगोलिक दृृष्टि से क्षेत्रफल अधिक होने के कारण जनपद में दो जगह सीओआरएस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। पूरी तरह तकनीकी रूप से गांवों में आबादी का मानचित्रण किया जाएगा, जिसके बाद उनका डॉक्यूमेंटेशन होगा।
सैटेलाइट से ड्रोन कैमरे को जोड़कर आबादी क्षेत्र के मानचित्र तैयार किए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद मानचित्रों का संबंधित तहसीलों में प्रदर्शन कराया जाएगा, जिसके आधार पर लोगों की आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण कराने के बाद अंतिम रूप से फाइनल मानचित्र प्रदर्शित किए जाएंगे।
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- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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गांवों में आज भी लोग परंपरागत पुश्तैनी कब्जों के आधार पर काबिज हैं, जिससे इनके नक्शे, रिकॉर्ड आदि लोगों के पास नहीं हैं। वहीं तहसील प्रशासन के पास भी आबादी क्षेत्र का रिकॉर्ड नहीं है, जिससे विवाद/मुकदमे की स्थिति में काफी मुश्किलें आती हैं। तो लोगों के पास अपने मकान का रिकॉर्ड न होने के कारण बैंक से ऋण नहीं मिल पाता है। अब स्वामित्व योजना के तहत सरकार ने गांवों में भी आबादी का मानचित्रण कराने के आदेश दिए हैं, जिस पर आर्कियोलॉजिकल विभाग ने काम शुरू कर दिया है। एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के 54 हजार ग्रामों की आबादी का ड्रोन कैमरे से मानचित्रण किया जाएगा। जनपद में 1167 ग्राम पंचायतें और 1756 राजस्व ग्राम हैं। भौगोलिक दृृष्टि से क्षेत्रफल अधिक होने के कारण जनपद में दो जगह सीओआरएस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। पूरी तरह तकनीकी रूप से गांवों में आबादी का मानचित्रण किया जाएगा, जिसके बाद उनका डॉक्यूमेंटेशन होगा।
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सैटेलाइट से ड्रोन कैमरे को जोड़कर आबादी क्षेत्र के मानचित्र तैयार किए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद मानचित्रों का संबंधित तहसीलों में प्रदर्शन कराया जाएगा, जिसके आधार पर लोगों की आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण कराने के बाद अंतिम रूप से फाइनल मानचित्र प्रदर्शित किए जाएंगे।
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