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अतिक्रमित वन भूमि पर बोई गन्ने की फसल नीलाम
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की वन भूमि पर अतिक्रमण कर बोई गई गन्ने की फसल को वन उपज मानते हुए वन विभाग ने नीलाम कर दिया है। अतिक्रमित वन भूमि पर नीलामी की कार्रवाई जिले में पहली बार हुई है। इससे वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों में अफरातफरी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मझगई रेंज के बोधिया कलां में 10 एकड़ वन भूमि पर सैयद शमीम शाह ने लंबे समय से कब्जा कर रखा था। पिछले दिनों वन विभाग ने संबधित भूमि की नपत कराकर सीमांकन कराया था। पैमाइश कराने के दौरान यह जमीन वन भूमि के रूप में चिह्नित की गई थी। अब यहां गन्ने की फसल तैयार होने पर वन विभाग ने इसे वन उपज मानते हुए इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी। वन विभाग ने जिले के गन्ना विभाग से वन भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल का मूल्यांकन कराने के बाद इसकी नीलामी करा दी। नीलामी के दौरान मोहम्मद वकार ने 1.90 लाख की सबसे अधिक बोली लगा कर यह फसल खरीद ली। फसल कटने के बाद वन विभाग इस भूमि पर पौधरोपण कराएगा।
मालूम हो कि वन विभाग अतिक्रमित वन भूमि को खाली कराने का अभियान चला रहा है। इससे पहले दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने खीरी और पीलीभीत जिले के डीएम और जिला गन्ना अधिकारियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वन भूमि पर बोई गई गन्ने की फसल का न सर्वे कराया जाए, न ही संबधित किसानों के सट्टे बनाए जाएं। साथ ही चीनी मिलों को भी अतिक्रमित भूमि पर बोई गई गन्ने की फसल को न खरीदने के लिए कहा था।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मझगई रेंज के बोधिया कलां में अवैध कब्जे की 10 एकड़ वन भूमि पर बोई गन्ने की फसल को वन उपज मानते हुए नीलाम कर दिया गया है। यह धनराशि सरकारी खाते में जमा होगी।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मझगई रेंज के बोधिया कलां में 10 एकड़ वन भूमि पर सैयद शमीम शाह ने लंबे समय से कब्जा कर रखा था। पिछले दिनों वन विभाग ने संबधित भूमि की नपत कराकर सीमांकन कराया था। पैमाइश कराने के दौरान यह जमीन वन भूमि के रूप में चिह्नित की गई थी। अब यहां गन्ने की फसल तैयार होने पर वन विभाग ने इसे वन उपज मानते हुए इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी। वन विभाग ने जिले के गन्ना विभाग से वन भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल का मूल्यांकन कराने के बाद इसकी नीलामी करा दी। नीलामी के दौरान मोहम्मद वकार ने 1.90 लाख की सबसे अधिक बोली लगा कर यह फसल खरीद ली। फसल कटने के बाद वन विभाग इस भूमि पर पौधरोपण कराएगा।
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मालूम हो कि वन विभाग अतिक्रमित वन भूमि को खाली कराने का अभियान चला रहा है। इससे पहले दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने खीरी और पीलीभीत जिले के डीएम और जिला गन्ना अधिकारियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वन भूमि पर बोई गई गन्ने की फसल का न सर्वे कराया जाए, न ही संबधित किसानों के सट्टे बनाए जाएं। साथ ही चीनी मिलों को भी अतिक्रमित भूमि पर बोई गई गन्ने की फसल को न खरीदने के लिए कहा था।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मझगई रेंज के बोधिया कलां में अवैध कब्जे की 10 एकड़ वन भूमि पर बोई गन्ने की फसल को वन उपज मानते हुए नीलाम कर दिया गया है। यह धनराशि सरकारी खाते में जमा होगी।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन