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291 ग्राम पंचायतों में शुरू नहीं हो सका पीएफएमएस से भुगतान
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लखीमपुर खीरी। जनपद की सभी 1167 ग्राम पंचायतों में पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस ) से भुगतान की व्यवस्था लागू होना है, लेकिन अब तक 876 ग्राम पंचायतों में ही यह व्यवस्था चालू हो सकी है। जबकि 291 ग्राम पंचायतों में पांच माह बाद भी पीएफएमएस से भुगतान नहीं हो पा रहा है। तकनीकी खामियों को दूर करने में जिलास्तरीय अधिकारियों के भी पसीने छूट गए, लेकिन सफलता नहीं मिल रही। लिहाजा शासन ने तकनीकी दिक्कतों को दूर कराने के लिए जिले के अधिकारियों को लखनऊ तलब किया है।
जिन ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, उनमें पांच माह से कार्य बिल्कुल ठप हैं। इससे प्रधानों और सचिवों की परेशानी बढ़ती जा रही है, क्योंकि 2020 में पंचायत चुनाव कराए जाने हैं। जनपद की कुल 1167 ग्राम पंचायतों में तीन अगस्त से चेक से भुगतान प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी और पीएफएमएस से भुगतान की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी। पांच माह की कड़ी मशक्कत के बाद 876 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान तो शुरू करा दिया गया, लेकिन इसमें भी कई ग्राम पंचायतों के भुगतान तकनीकी कारणों से रिजेक्ट हो जा रहे हैं। जबकि 291 ग्राम पंचायतों में तकनीकी खामियों के चलते पीएफएमएस एक्टिव नहीं हो पाया हैै। अधिकारियों के तमाम प्रयास भी नाकाम साबित हुए हैं। सबसे ज्यादा निघासन ब्लॉक प्रभावित है, जहां 66 ग्राम पंचायतों में से 55 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान की व्यवस्था चालू नहीं हो पाई है। इसी तरह गोला ब्लॉक के हालात खराब हैं, जहां की 74 ग्राम पंचायतों में 31 ग्राम पंचायतों में अब तक भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। लखीमपुर ब्लॉक की 30 ग्राम पंचायतों में भुगतान नहीं हो पा रहा है।
291 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान शुरू नहीं हो पाया है। इनमें तकनीकी दिक्कत हैं, जिन्हें दूर कराने के लिए डीपीएम अर्पित श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत कुरेंद्र पाल को लखनऊ मुख्यालय भेजा गया है।
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-अजय श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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जिन ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, उनमें पांच माह से कार्य बिल्कुल ठप हैं। इससे प्रधानों और सचिवों की परेशानी बढ़ती जा रही है, क्योंकि 2020 में पंचायत चुनाव कराए जाने हैं। जनपद की कुल 1167 ग्राम पंचायतों में तीन अगस्त से चेक से भुगतान प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी और पीएफएमएस से भुगतान की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी। पांच माह की कड़ी मशक्कत के बाद 876 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान तो शुरू करा दिया गया, लेकिन इसमें भी कई ग्राम पंचायतों के भुगतान तकनीकी कारणों से रिजेक्ट हो जा रहे हैं। जबकि 291 ग्राम पंचायतों में तकनीकी खामियों के चलते पीएफएमएस एक्टिव नहीं हो पाया हैै। अधिकारियों के तमाम प्रयास भी नाकाम साबित हुए हैं। सबसे ज्यादा निघासन ब्लॉक प्रभावित है, जहां 66 ग्राम पंचायतों में से 55 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान की व्यवस्था चालू नहीं हो पाई है। इसी तरह गोला ब्लॉक के हालात खराब हैं, जहां की 74 ग्राम पंचायतों में 31 ग्राम पंचायतों में अब तक भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। लखीमपुर ब्लॉक की 30 ग्राम पंचायतों में भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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291 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान शुरू नहीं हो पाया है। इनमें तकनीकी दिक्कत हैं, जिन्हें दूर कराने के लिए डीपीएम अर्पित श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत कुरेंद्र पाल को लखनऊ मुख्यालय भेजा गया है।
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-अजय श्रीवास्तव, डीपीआरओ