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पैक्सफेड के परियोजना अभियंता बर्खास्त

Thu, 06 Feb 2020 05:51 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2020 05:51 PM IST
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लखीमपुर खीरी। बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत स्कूलों की बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए मिले 27.62 लाख रुपये गबन करने के मामले में सह आरोपी पैक्सफेड के परियोजना अभियंता केके गंगवार पर गाज गिरी है। संस्था ने उनकी सेवाएं समाप्त करते हुए बर्खास्त कर दिया है। जबकि दूसरे आरोपी डीएसटीओ (ए) तिलक सिंह के खिलाफ शासन स्तर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत वर्ष 2018-19 में निघासन ब्लॉक के पांच प्राथमिक विद्यालयों में बाउंड्री वाल बनाने के लिए 27.62 लाख की धनराशि मिली थी। यह कार्य कराने के लिए डीएम ने 25 फरवरी 2019 को कार्यदायी संस्था पैकफेड (उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड) के नाम आदेश जारी किया था। इसके बाद डीएसटीओ (ए) तिलक सिंह और पैक्सफेड (उत्तर प्रदेश विधायन एवं शीतगृह संघ लिमिटेड) के परियोजना अभियंता केके गंगवार ने मिलकर साजिश रचते हुए डीएम के आदेश को वास्तविक कार्यदायी संस्था पैकफेड को नहीं भेजा था, बल्कि मिलते-जुलते नाम वाली दूसरी संस्था पैक्सफेड को डीएम द्वारा जारी कार्यकारी आदेश अवैध रूप से रिसीव करा दिया था। इसके बाद सरकारी धनराशि को अवैध तरीके से हड़प लिया गया था। सीडीओ अरविंद सिंह ने इस गबन के मामले की जांच की, जिसमें डीएसटीओ तिलक सिंह और कार्यदायी संस्था पैक्सफेड के परियोजना अभियंता केके गंगवार को गबन का दोषी पाया था। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने डीएसटीओ तिलक सिंह को निलंबित करने, कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई, गबन की गई धनराशि की वसूली करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को दिसंबर 2019 में भेजी थी। साथ ही डीएसटीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी। वहीं परियोजना अभियंता केके गंगवार को वैधानिक नोटिस जारी कर एक सप्ताह में समस्त शासकीय धनराशि जमा कराने के लिए कहा था। साथ ही डीएम ने कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति करते हुए केके गंगवार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र शासन को भेजा था।
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पैक्सफेड ने परियोजना अभियंता के खिलाफ लगे आरोपों की इंटरनल जांच कराई थी, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर उसकी सेवा समाप्त कर दी है। डीएसटीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिमाइंडर शासन को भेजा गया है। शासन से निर्देश प्राप्त होते ही आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-अरविंद सिंह, सीडीओ
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