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नए साल में खुशियां मनाएं वनयजीवों को न सताएं
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। नववर्ष के जश्न को दौरान संभावित शिकार की घटनाओं के मद्देनजर दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी अधिकारियों और वन कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह जंगल में पेट्रोलिंग तेज कर दें। साथ ही शिकार के लिए संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दें। जंगल के जलाशयों में प्रवासी परिंदों की मौजूदगी के कारण वेटलैंड की खास निगहबानी के निर्देश दिए गए हैं।
नववर्ष के दौरान जश्न मनाने के लिए जंगल में वन्यजीवों के शिकार की आशंका बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि कि वे टीमें बनाकर पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाए। शिकार के लिए संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर उनकी कड़ी निगरानी करें। सर्दियों के मौसम में पक्षियों के शिकार की आशंका बढ़ जाती हैं। ऐसे में दुधवा टाइगर रिजर्व में सभी वेटलैंड पर चौकसी बढ़ाएं।
एफडी के निर्देश के बाद दुधवा टागर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने वन कर्मियों की टीमें गठित कर गश्त तेज कर दी है। भारत-नेपाल सीमा के अलावा जंगल के उन स्थलों पर जो आबादी के नजदीक हैं खास निगाह रखी जा रही है। गुरुवार रात उन्होंने स्वयं भी जंगल भ्रमण कर पेट्रोलिंग का जायजा लिया। जहां उन्हें सभी वनाधिकारी और वन कर्मी ड्यूटी करते मुस्तैद मिले।
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पिछले साल नववर्ष पर के दौरान ही शिकार करता पकड़ा गया था ज्योति रंधावा
पिछले साल 26 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गोल्फर ज्योति सिंह रंधावा और उसका साथी महेश बिरजदार दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) की मोतीपुर रेंज में शिकार करने के लिए आया था, लेकिन वन विभाग की चौकसी से पकड़ा गया। वह और उसका साथी विदेशी टेलीस्कोपयुक्त बंदूक, वन्यजीव की खाल और मुर्गे के साथ गिरफ्तार किए गए थे। उसके कुछ दिन बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने नववर्ष का जश्न मनाने दुधवा जाते समय भीरा रोड पर जंगल के अंदर शराब पीते हुए लखनऊ नगर निगम के कुछ कर्मचारियों को पकड़ा था।
नववर्ष के आगमन पर जंगल में शिकार की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसको देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। भारत-नेपाल सीमा, वेटलैंड और जंगल की चौकसी बढ़ा दी गई है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन
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नववर्ष के दौरान जश्न मनाने के लिए जंगल में वन्यजीवों के शिकार की आशंका बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि कि वे टीमें बनाकर पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाए। शिकार के लिए संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर उनकी कड़ी निगरानी करें। सर्दियों के मौसम में पक्षियों के शिकार की आशंका बढ़ जाती हैं। ऐसे में दुधवा टाइगर रिजर्व में सभी वेटलैंड पर चौकसी बढ़ाएं।
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एफडी के निर्देश के बाद दुधवा टागर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने वन कर्मियों की टीमें गठित कर गश्त तेज कर दी है। भारत-नेपाल सीमा के अलावा जंगल के उन स्थलों पर जो आबादी के नजदीक हैं खास निगाह रखी जा रही है। गुरुवार रात उन्होंने स्वयं भी जंगल भ्रमण कर पेट्रोलिंग का जायजा लिया। जहां उन्हें सभी वनाधिकारी और वन कर्मी ड्यूटी करते मुस्तैद मिले।
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पिछले साल नववर्ष पर के दौरान ही शिकार करता पकड़ा गया था ज्योति रंधावा
पिछले साल 26 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गोल्फर ज्योति सिंह रंधावा और उसका साथी महेश बिरजदार दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) की मोतीपुर रेंज में शिकार करने के लिए आया था, लेकिन वन विभाग की चौकसी से पकड़ा गया। वह और उसका साथी विदेशी टेलीस्कोपयुक्त बंदूक, वन्यजीव की खाल और मुर्गे के साथ गिरफ्तार किए गए थे। उसके कुछ दिन बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने नववर्ष का जश्न मनाने दुधवा जाते समय भीरा रोड पर जंगल के अंदर शराब पीते हुए लखनऊ नगर निगम के कुछ कर्मचारियों को पकड़ा था।
नववर्ष के आगमन पर जंगल में शिकार की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसको देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। भारत-नेपाल सीमा, वेटलैंड और जंगल की चौकसी बढ़ा दी गई है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन