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Lakhimpur Kheri News: आभा आईडी में शहर सुस्त, गांवों ने मारी बाजी
Sun, 19 Apr 2026 11:25 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:25 PM IST
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लखीमपुर खीरी। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बनाने में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि शहरी क्षेत्र खासकर लखीमपुर नगर पालिका पीछे रह गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 47.97 लाख आबादी के सापेक्ष अब तक 23.39 लाख आभा आईडी बनाई गई हैं, जो 48.8 प्रतिशत उपलब्धि है। ग्रामीण ब्लॉकों में धौरहरा 59.4 फीसदी के साथ पहले स्थान पर है। बिजुआ (59.0), फरधान (58.7), नकहा (58.2) और बेहजम (57.8) प्रतिशत उपलब्धि के साथ बेहतर स्थिति में हैं।
लखीमपुर नगर पालिका क्षेत्र में 2.65 लाख आबादी के सापेक्ष मात्र 47,218 आईडी (17.8 प्रतिशत) ही बन सकीं, जो जिले की औसत से करीब 31 प्रतिशत कम है। मोहम्मदी (38.2), गोला (40.2), पसगवां (44.6) और रमियाबेहड़ (44.8) का प्रदर्शन भी कमजोर रहा।
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विशेषज्ञों के अनुसार आभा आईडी डिजिटल हेल्थ सिस्टम की अहम कड़ी है, जिससे मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है और इलाज में सुविधा मिलती है।
अभियान में तकनीकी दिक्कतें भी बाधा बन रही हैं। सर्वर डाउन, ओटीपी न आना, आधार लिंकिंग में समस्या और पोर्टल की धीमी गति से लोगों को परेशानी हो रही है।
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शहर में आशाओं की कमी थी, अब चयन कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे शहरी क्षेत्र में भी आभा आईडी का आंकड़ा बढ़ेगा।
-डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 47.97 लाख आबादी के सापेक्ष अब तक 23.39 लाख आभा आईडी बनाई गई हैं, जो 48.8 प्रतिशत उपलब्धि है। ग्रामीण ब्लॉकों में धौरहरा 59.4 फीसदी के साथ पहले स्थान पर है। बिजुआ (59.0), फरधान (58.7), नकहा (58.2) और बेहजम (57.8) प्रतिशत उपलब्धि के साथ बेहतर स्थिति में हैं।
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लखीमपुर नगर पालिका क्षेत्र में 2.65 लाख आबादी के सापेक्ष मात्र 47,218 आईडी (17.8 प्रतिशत) ही बन सकीं, जो जिले की औसत से करीब 31 प्रतिशत कम है। मोहम्मदी (38.2), गोला (40.2), पसगवां (44.6) और रमियाबेहड़ (44.8) का प्रदर्शन भी कमजोर रहा।
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विशेषज्ञों के अनुसार आभा आईडी डिजिटल हेल्थ सिस्टम की अहम कड़ी है, जिससे मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है और इलाज में सुविधा मिलती है।
अभियान में तकनीकी दिक्कतें भी बाधा बन रही हैं। सर्वर डाउन, ओटीपी न आना, आधार लिंकिंग में समस्या और पोर्टल की धीमी गति से लोगों को परेशानी हो रही है।
शहर में आशाओं की कमी थी, अब चयन कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे शहरी क्षेत्र में भी आभा आईडी का आंकड़ा बढ़ेगा।
-डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ