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27 दिन बाद कब्र से निकलवा कर पोस्टमार्टम को भेजा शव
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फरधान/सिंकद्राबाद। 27 दिन बाद कब्र से अधेड़ का शव तहसीलदार की मौजूदगी में निकलवा कर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
फरधान थाना क्षेत्र के गांव पठानन पुरवा निवासी मोहम्मद रशीद (55) का शव 22 सितंबर को नीमगांव थाना क्षेत्र में खेत में मिला था। 21 सितंबर को वह पशुओं के लिए चारा लेने जाने की बात कहकर साइकिल से गए थे। खेत के किनारे उनकी साइकिल खड़ी थी। गद्दी पर चाबी रखी थी। शरीर का निचला हिस्सा नग्न था। पास में उनका पाजामा और अंडरवियर पड़ा था। थोड़ी दूर पर गन्ने की पताई का बोझ रखा था। परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले थे। जबकि पुलिस ने पंचनामा में कई चोटों का जिक्र किया था। पंचायतनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट विरोधाभाषी होने पर मृतक के बेटे जुबेर अहमद डीएम शैलेंद्र सिंह मिले। उन्हें पूरी बात बताई और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। डीएम ने एसपी पूनम से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था। शनिवार को तहसीलदार अवधेश चौहान, एसआई हीरालाल रावत, पुष्पेंद्र त्रिपाठी, ग्राम प्रधान और परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला। पुलिस शव शाम को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा सकी। इससे डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। परिवार वाले डीएम से परमीशन लेने की जुगत में जुटे हैं। डीएम की परमीशन मिलने पर ही रात में शव का पोस्टमार्टम होगा।
रिपोर्ट अलग आई तो महिला का भी होगा अहम रोल
फरधान। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतक के बेटे जुबेर के दावे के बीच रशीद की मौत की गुत्थी उलझ गई। परिवार वालों द्वारा हत्या की आशंका का दावा रिपोर्ट से मेल नहीं खाता है। अब दोबारा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही रशीद की मौत के रहस्य से पर्दा उठ पाएगा।
रशीद की मौत के एक माह बाद अब परिवार और मौका-ए-वारदात पर शव देखने वाले लोग हत्या की बात कह रहे हैं, लेकिन सवाल ये भी है जब परिवार की किसी से कोई रंजिश नहीं थी तो कोई क्यों हत्या करेगा। मामले में नीमगांव थाना क्षेत्र के नवरंग गांव की एक महिला का नाम भी सामने आया है। मृतक रशीद के छोटे भाई अजीमुल्ला की माने तो मृतक रशीद ने नवरंग गांव में बटाई पर जमीन जोत रखी थी। जिससे उनका गांव में आना जाना था। बंटाई की उक्त जमीन इस महिला के माध्यम से ही उन्होंने ले रखी थी। इसके अलावा जब भी गांव का कोई व्यक्ति जमीन बंटाई पर देने का इच्छुक होता तो महिला पैसे का लेनदेन कराकर जमीन रशीद को दिलवा देती थी। इस कारण दोनों का करीब 15 साल से संपर्क था। अजीमुल्ला ने बताया 21 सितंबर को भी उसी महिला ने उन्हें फोन कर गांव बुलाया था। जिसके बाद रशीद चारा लाने के बहाने वहीं गए थे। परिवार वालों का शक है रशीद की मौत के पीछे उस महिला का हाथ भी हो सकता है, लेकिन दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक परिजनों के दावे खोखले माने जाएंगे। अगर रिपोर्ट परिवार वालों की आशंका के मुताबिक आती है तब यह मामला पेंचीदा हो जाएगा। अजीमुल्ला ने बताया घटना वाले दिन रशीद के फोन को नीमगांव पुलिस ने कब्जे में ले लिया था, जिसे अभी तक नहीं लौटाया।
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फरधान थाना क्षेत्र के गांव पठानन पुरवा निवासी मोहम्मद रशीद (55) का शव 22 सितंबर को नीमगांव थाना क्षेत्र में खेत में मिला था। 21 सितंबर को वह पशुओं के लिए चारा लेने जाने की बात कहकर साइकिल से गए थे। खेत के किनारे उनकी साइकिल खड़ी थी। गद्दी पर चाबी रखी थी। शरीर का निचला हिस्सा नग्न था। पास में उनका पाजामा और अंडरवियर पड़ा था। थोड़ी दूर पर गन्ने की पताई का बोझ रखा था। परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले थे। जबकि पुलिस ने पंचनामा में कई चोटों का जिक्र किया था। पंचायतनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट विरोधाभाषी होने पर मृतक के बेटे जुबेर अहमद डीएम शैलेंद्र सिंह मिले। उन्हें पूरी बात बताई और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। डीएम ने एसपी पूनम से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था। शनिवार को तहसीलदार अवधेश चौहान, एसआई हीरालाल रावत, पुष्पेंद्र त्रिपाठी, ग्राम प्रधान और परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला। पुलिस शव शाम को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा सकी। इससे डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। परिवार वाले डीएम से परमीशन लेने की जुगत में जुटे हैं। डीएम की परमीशन मिलने पर ही रात में शव का पोस्टमार्टम होगा।
रिपोर्ट अलग आई तो महिला का भी होगा अहम रोल
फरधान। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतक के बेटे जुबेर के दावे के बीच रशीद की मौत की गुत्थी उलझ गई। परिवार वालों द्वारा हत्या की आशंका का दावा रिपोर्ट से मेल नहीं खाता है। अब दोबारा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही रशीद की मौत के रहस्य से पर्दा उठ पाएगा।
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रशीद की मौत के एक माह बाद अब परिवार और मौका-ए-वारदात पर शव देखने वाले लोग हत्या की बात कह रहे हैं, लेकिन सवाल ये भी है जब परिवार की किसी से कोई रंजिश नहीं थी तो कोई क्यों हत्या करेगा। मामले में नीमगांव थाना क्षेत्र के नवरंग गांव की एक महिला का नाम भी सामने आया है। मृतक रशीद के छोटे भाई अजीमुल्ला की माने तो मृतक रशीद ने नवरंग गांव में बटाई पर जमीन जोत रखी थी। जिससे उनका गांव में आना जाना था। बंटाई की उक्त जमीन इस महिला के माध्यम से ही उन्होंने ले रखी थी। इसके अलावा जब भी गांव का कोई व्यक्ति जमीन बंटाई पर देने का इच्छुक होता तो महिला पैसे का लेनदेन कराकर जमीन रशीद को दिलवा देती थी। इस कारण दोनों का करीब 15 साल से संपर्क था। अजीमुल्ला ने बताया 21 सितंबर को भी उसी महिला ने उन्हें फोन कर गांव बुलाया था। जिसके बाद रशीद चारा लाने के बहाने वहीं गए थे। परिवार वालों का शक है रशीद की मौत के पीछे उस महिला का हाथ भी हो सकता है, लेकिन दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक परिजनों के दावे खोखले माने जाएंगे। अगर रिपोर्ट परिवार वालों की आशंका के मुताबिक आती है तब यह मामला पेंचीदा हो जाएगा। अजीमुल्ला ने बताया घटना वाले दिन रशीद के फोन को नीमगांव पुलिस ने कब्जे में ले लिया था, जिसे अभी तक नहीं लौटाया।
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