फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   cirame

व्यापार की आड़ में हो रहा था रुपये बदलने का कारोबार

Sat, 12 Oct 2019 02:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2019 02:48 AM IST
विज्ञापन
cirame
लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल के बीच सीमा पर करोड़ों रुपये का प्रतिदिन व्यापार होता है। इसके अलावा लोग सीमा पर स्थित बाजारों में भी खरीदारी करने आते-जाते हैं। इसी व्यापार के आड़ में टेरर फंडिंग का भी कारोबार काफी समय से चल रहा था। खुफिया एजेंसियों को यह खेल अब पता चला।
विज्ञापन

भारत-नेपाल सीमा करीब 170 किलोमीटर लंबी है। खुली सीमा होने के कारण दोनों देशों के बीच आसानी से आवागमन होता है। नेपाल की वजह से सीमा पर स्थित भारतीय बाजार नेपालियों से गुलजार रहते हैं। सैकड़ों नेपाली महिलाएं, पुरुष और बच्चे सीमा पर स्थित भारतीय मंडी तिकुनियां, बेलरायां, गौरीफंटा सहित सीमा पर स्थित अन्य भारतीय बाजारों में आकर खरीदारी करते हैं। भारत से भी बड़े पैमाने पर लोग नेपाल के प्रमुख बाजारों में सामान खरीदने जाते हैं। इसके अलावा कपड़ा, खाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली का सामान भी कस्टम की जानकारी में और चोरी छिपे लाखों का माल नेपाल भेजा जाता है।
विज्ञापन

एक-दूसरे देश की मुद्राएं पहुंचने से सीमा पर गैरकानूनी तरीके से रुपये बदलने का गोरखधंधा काफी अर्से से चल रहा है। इससे पहले भी पुलिस और स्टेटिक टीम लाखों रुपये की नेपाली और भारतीय करेंसी सीमा पर बरामद कर चुकी है। तब कार्रवाई के नाम पर सिर्फ रुपये सील कर खानापूरी कर ली। इसके अलावा खुली सीमा का लाभ उठाकर देश विरोधी गतिविधियां भी होती रही हैं। हालांकि एसएसबी के हाथ सीमा की बागडोर आने के बाद देशविरोधी गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा था, लेकिन मादक पदार्थों सहित अन्य सामान की तस्करी और मुद्रा एक्सचेंज का कारोबार पर अंकुश नहीं लग सका। इधर खुली सीमा और दोनों देशों के बीच करोड़ों का व्यापार होने का लाभ उठाकर देशविरोधी ताकतें फिर सक्रिय हो गईं। इसकी भनक सीमा की निगरानी में लगी आईबी, स्थानीय अभिसूचना इकाई के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों को नहीं लगी। टेरर फंडिंग का यह काला कारोबार काफी लंबे समय से सीमा से चल रहा था, लेकिन इसकी जानकारी जुटाने में खुफिया एजेंसियां फेल साबित हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार उम्मेद अली, संजय अग्रवाल, समीर सलमानी और एराज को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। साथ ही रिमांड अर्जी दाखिल की। सीओ निघासन राकेश कुमार नायक ने बताया कि अदालत रिमांड पर 14 अक्तूबर को सुनवाई करेगी। चारों आरोपियों को अदालत ने लखीमपुर के जिला कारागार भेजा है। सोमवार को रिमांड लेने के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ करेगी।
पुलिस पूछताछ कर इन सवालों का तलाशेगी जवाब
- नेपाली खातों में पैसा कहां से आता है और कैसे आता है। पैसा आने का स्रोत क्या है।
- फरार मुमताज के नेपाली लिंक कौन-कौैन से हैं। उसके अन्य सहयोगी कौन हैं और कहां रहते हैं, वे क्या करते हैं।
- फहीम और सदाकत द्वारा यह पैसा किन-किन लोगों को दिया गया। इस पैसे से किस प्रकार की आतंकवादी गतिविधियां की गईं।
एटीएस ने पाकिस्तान हैंडलर द्वारा भारतीय नागरिकों से ठगी कर भारतीय लोगों को एजेंट बनाकर उनके खातों में पैसा जमा कराना और एजेंटों को कमीशन देकर ठगी के पैसे को विभिन्न माध्यमों से भारत से बाहर भेजने के दो मामले पहले प्रदेश में पकड़े थे। दोनों मामले थाना एटीएस लखनऊ में दर्ज हुए। दोनों मामले वर्ष 2018 में दर्ज हुए थे। इनमें एक मामले में चार और दूसरे मेंम सात लोग गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे।
अनलॉफुल एक्टविटीज एक्ट के तहत दर्ज की एफआईआर
टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों समेत सभी के खिलाफ थाना निघासन में धारा 109, 121 ए, 420 और अनलॉफुल एक्टविटीज एक्ट 1967 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सीमावर्ती बाजारों में मुद्रा बदलने का होता है कारोबार
नेपाल सीमा पर स्थित भारतीय मंडी में नेपाली रुपये को भारतीय करेंसी में बदलने का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। नेपाल से भी व्यापारी एजेंटों को भारतीय बाजार को अपने एजेंट के पास भेजते हैं। भारतीय रुपये के बदले उनसे नेपाली करेंसी लेते हैं। व्यापारी इसके पांच प्रतिशत कमीशन लेकर नेपाली करेंसी देते हैं। नेपाली करेंसी लेकर जाने वाला करिअर भी दो प्रतिशत कमीशन लेता है। टेरर फंडिंग मामले का खुलासा होने के बाद इस गैरकानूनी धंधे से जुड़े लोगों में खलबली मची है।

तिकुनियां मंडी से भूमिगत हुए कई धंधेबाज
तिकुनियां मंडी नेपाल के कैलाली जिले से जुड़ी हुई है। इस मंडी में भजनी, राजापुर, सत्ती समेत कई नेपाली शहरों और मंडियों के लोग तिकुनियां में आकर नोट बदलते हैं। तिकुनियां से भी कई धंधेबाज नेपाली शहरों को अपने कैरियर भेजकर रुपये एक्सचेंज कराते हैं। चार लोगों के पकड़े जाने के बाद से धंधे बाज पकड़े जाने के भय से भूमिगत हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed