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लखनऊ से ट्रेड सर्टिफिकेट हासिल कर चला रहे प्रदूषण जांच केंद्र
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लखीमपुर खीरी। प्रदूषण जांच केंद्रों पर मनमाने तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं। एमवी एक्ट में संशोधन के बाद प्रदूषण जांच का सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए वाहन स्वामियों की भीड़ इन केंद्रों पर बढ़ रही है। लखनऊ के उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र से ट्रेड सर्टिफिकेट हासिल करके प्रदूषण जांच केंद्र के लिए बेंगलुरू और हैदराबाद से मशीनें मंगाई गई है। इनकी कीमत करीब दो लाख बताई जा रही है।
पेट्रोल वाहनों की प्रदूषण जांच के लिए 30 रुपये प्रति वाहन और डीजल से चलने वाले वाहनों का जांच शुल्क 50 रुपये निर्धारित है। शहर के नामी प्रतिष्ठान में संचालित प्रदूषण जांच केंद्र पर पेट्रोल वाहन के भी 50 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसका खुलासा इस बात से हुआ कि प्रदूषण जांच सर्टिफिकेट पर 30 रुपये ही शुल्क अंकित किया गया है। जबकि फर्म के नाम से काटी गई रसीद पर 50 रुपये शुल्क दर्शाया गया है। इससे वाहन स्वामी भी प्रदूषण केंद्र संचालकों की कारगुजारी को जल्द भांप नहीं पाता है।
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पेट्रोल वाहनों की प्रदूषण जांच के लिए 30 रुपये प्रति वाहन और डीजल से चलने वाले वाहनों का जांच शुल्क 50 रुपये निर्धारित है। शहर के नामी प्रतिष्ठान में संचालित प्रदूषण जांच केंद्र पर पेट्रोल वाहन के भी 50 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसका खुलासा इस बात से हुआ कि प्रदूषण जांच सर्टिफिकेट पर 30 रुपये ही शुल्क अंकित किया गया है। जबकि फर्म के नाम से काटी गई रसीद पर 50 रुपये शुल्क दर्शाया गया है। इससे वाहन स्वामी भी प्रदूषण केंद्र संचालकों की कारगुजारी को जल्द भांप नहीं पाता है।
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