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बुखार, उल्टी-दस्त की चपेट में बच्चे, दो दिन में तीन की मौत
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आईसीयू मे भर्ती उल्टी दस्त और बुखार से पीड़ित बच्चे।
आईसीयू वार्ड में तीन अन्य बच्चों का चल रहा है इलाज
लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी ने लोगों का जीना दुश्वार कर रखा है। इसकी वजह से बच्चे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। उल्टी, दस्त व बुखार पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने पर आईसीयू वार्ड में पांच बेड और डलवाए गए हैं। पिछले 24 घंटे में आईसीयू वार्ड में भर्ती तीन बच्चों की सांस लेने में परेशानी से मौत हो चुकी है। बुखार और डायरिया से पीड़ित तीन बच्चों का इलाज हो रहा है।
तेज निकल रही धूप से गर्मी चरम पर है, जिससे लोगों, खासकर बच्चों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। वहीं संक्रामक रोग भी फैलने लगे हैं। सर्दी, जुकाम बुखार से लेकर उल्टी-दस्त व सांस लेने में दिक्कत होने से पीड़ित बच्चे रोजाना जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को उल्टी-दस्त शुरू होने पर भूलनपुर निवासी इजहार खान 14 माह के पुत्र अर्श खान, महेवागंज निवासी वसीम नौ माह के पुत्र जैद और बुखार आने पर गोला निवासी संदीप अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र शिवांस को लेकर जिला अस्पताल आए। वहीं दो दिन पहले सांस लेने में परेशानी होने पर सिंगाही निवासी परशुराम 11 वर्षीय पुत्री परविंदर, धौरहरा निवासी नियामत अली सात वर्षीय पुत्र अरशद एवं ईसानगर निवासी राकेश एक वर्षीय पुत्री रजनी को लाकर जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया। जहां इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।
बुखार के साथ बदहजमी की शिकायत, भूख न लगना, मिचली आना और साथ ही पतले दस्त आना, कभी-कभी उल्टी-दस्त की समस्या एक साथ होना डायरिया के लक्षण हैं। इस स्थिति में बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं, डायरिया के साथ बुखार होने पर माथे पर पानी की भीगी पट्टी रखने के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल आकर दिखाएं।
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- डॉ. आरपी वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ
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लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी ने लोगों का जीना दुश्वार कर रखा है। इसकी वजह से बच्चे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। उल्टी, दस्त व बुखार पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने पर आईसीयू वार्ड में पांच बेड और डलवाए गए हैं। पिछले 24 घंटे में आईसीयू वार्ड में भर्ती तीन बच्चों की सांस लेने में परेशानी से मौत हो चुकी है। बुखार और डायरिया से पीड़ित तीन बच्चों का इलाज हो रहा है।
तेज निकल रही धूप से गर्मी चरम पर है, जिससे लोगों, खासकर बच्चों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। वहीं संक्रामक रोग भी फैलने लगे हैं। सर्दी, जुकाम बुखार से लेकर उल्टी-दस्त व सांस लेने में दिक्कत होने से पीड़ित बच्चे रोजाना जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को उल्टी-दस्त शुरू होने पर भूलनपुर निवासी इजहार खान 14 माह के पुत्र अर्श खान, महेवागंज निवासी वसीम नौ माह के पुत्र जैद और बुखार आने पर गोला निवासी संदीप अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र शिवांस को लेकर जिला अस्पताल आए। वहीं दो दिन पहले सांस लेने में परेशानी होने पर सिंगाही निवासी परशुराम 11 वर्षीय पुत्री परविंदर, धौरहरा निवासी नियामत अली सात वर्षीय पुत्र अरशद एवं ईसानगर निवासी राकेश एक वर्षीय पुत्री रजनी को लाकर जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया। जहां इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।
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बुखार के साथ बदहजमी की शिकायत, भूख न लगना, मिचली आना और साथ ही पतले दस्त आना, कभी-कभी उल्टी-दस्त की समस्या एक साथ होना डायरिया के लक्षण हैं। इस स्थिति में बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं, डायरिया के साथ बुखार होने पर माथे पर पानी की भीगी पट्टी रखने के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल आकर दिखाएं।
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- डॉ. आरपी वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ