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एजुकेटर बनाने के नाम पर शिक्षित बेरोजगारों को ठगा
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लोयला संस्था संचालक लाखों बटोर कर चंपत
गोला गोकर्णनाथ। नगर में शिक्षित बेरोजगारों को एजुकेटर बनाने का झांसा देकर बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का दावा करने वाली लोयला संस्था संचालक लाखों रुपये बटोर कर चंपत हो गया है। ठगी का शिकार हुए लोगों ने कोतवाली में तहरीर दी है।
नगर निवासी सारिका बाजपेई, अवनीश शुक्ला और प्रेम कुमार यादव ने बताया कि अक्टूबर 2020 में उनकी आलोक रंजन त्रिपाठी नामक एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिसने बताया कि वह लोयला एजुकेशन केयर एंड सर्विसेज संस्था का एरिया डेवलपमेंट ऑफिसर है। संस्था बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करती है और पढ़ाने के लिए एजुकेटर नियुक्त करती है। संस्था एजुकेटर की नियुक्ति के समय आवेदक से 2000 रुपये जमा कराती थी। बदले में एजुकेटर को बच्चों को पढ़ाने की एवज में प्रति माह साढ़े सात सौ रुपये मिलेंगे और तीन माह बाद जमा की गई धनराशि से 1900 रुपये वापस हो जाएंगे। इस झांसे में आकर मार्च 2021 में जुड़ गए। संस्था ने नगर ही नहीं जिले और अन्य कई जिलों में अपने सेंटर स्थापित कर दिए।
सारिका वाजपेई ने बताया कि उन्होंने अपने सेंटर से करीब 225 लोगों को एजुकेटर नियुक्त कराने के लिए साढ़े चार लाख रुपये और अवनीश शुक्ला ने एक लाख 40 हजार रुपये जमा कराकर संस्था के एरिया डेवलपमेंट ऑफिसर आलोक रंजन त्रिपाठी को दिए हैं।
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पांच अगस्त की शाम को आलोक रंजन त्रिपाठी एक्सीडेंट का बहाना बनाकर बहराइच जा रहा है कहकर भाग निकला। उसका नंबर भी स्विच ऑफ है और संस्था की वेबसाइट, ईमेल आईडी भी ब्लॉक हैं। सारिका बाजपेई, अवनीश शुक्ला प्रेम कुमार यादव ने आरोपी पर ठगी का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि तहरीर मिली है, पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
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गोला गोकर्णनाथ। नगर में शिक्षित बेरोजगारों को एजुकेटर बनाने का झांसा देकर बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का दावा करने वाली लोयला संस्था संचालक लाखों रुपये बटोर कर चंपत हो गया है। ठगी का शिकार हुए लोगों ने कोतवाली में तहरीर दी है।
नगर निवासी सारिका बाजपेई, अवनीश शुक्ला और प्रेम कुमार यादव ने बताया कि अक्टूबर 2020 में उनकी आलोक रंजन त्रिपाठी नामक एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिसने बताया कि वह लोयला एजुकेशन केयर एंड सर्विसेज संस्था का एरिया डेवलपमेंट ऑफिसर है। संस्था बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करती है और पढ़ाने के लिए एजुकेटर नियुक्त करती है। संस्था एजुकेटर की नियुक्ति के समय आवेदक से 2000 रुपये जमा कराती थी। बदले में एजुकेटर को बच्चों को पढ़ाने की एवज में प्रति माह साढ़े सात सौ रुपये मिलेंगे और तीन माह बाद जमा की गई धनराशि से 1900 रुपये वापस हो जाएंगे। इस झांसे में आकर मार्च 2021 में जुड़ गए। संस्था ने नगर ही नहीं जिले और अन्य कई जिलों में अपने सेंटर स्थापित कर दिए।
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सारिका वाजपेई ने बताया कि उन्होंने अपने सेंटर से करीब 225 लोगों को एजुकेटर नियुक्त कराने के लिए साढ़े चार लाख रुपये और अवनीश शुक्ला ने एक लाख 40 हजार रुपये जमा कराकर संस्था के एरिया डेवलपमेंट ऑफिसर आलोक रंजन त्रिपाठी को दिए हैं।
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पांच अगस्त की शाम को आलोक रंजन त्रिपाठी एक्सीडेंट का बहाना बनाकर बहराइच जा रहा है कहकर भाग निकला। उसका नंबर भी स्विच ऑफ है और संस्था की वेबसाइट, ईमेल आईडी भी ब्लॉक हैं। सारिका बाजपेई, अवनीश शुक्ला प्रेम कुमार यादव ने आरोपी पर ठगी का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि तहरीर मिली है, पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।