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छठ पूजा के दौरान महिलाओं के सामने आया बाघ, अफरातफरी
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी) के निकट छठ पूजा के दौरान उल्ल नदी किनारे पहुंचा बाघ। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन में भीरा-कुकरा रोड के पास उल्ल नदी के किनारे छठ पूजा कर रहीं महिलाओं के सामने अचानक बाघ आ गया। जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं चीख कर पूजा स्थल से भागने लगीं। उनके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर बाघ धीमे कदमों से चलता हुआ जंगल में जाकर गुम हो गया। इस दौरान बाघ को देख सड़क पर कुछ देर के लिए दोनों तरफ आवागमन भी ठप हो गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज और बांकेगंज कस्बे से पांच किलोमीटर दूर इंदिरा नगर गांव की महिलाएं शुक्रवार शाम करीब छह बजे छठ पूजा के लिए गांव से सटी उल्ल नदी किनारे गईं थी। इस दौरान महिलाएं उल्ल नदी के पानी में खड़े होकर अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य दे रहीं थी। इसी बीच भीरा रेंज जंगल से निकला एक बाघ नदी के दूसरे किनारे पर आकर खड़ा हो गया। गुर्राहट सुनकर घाट पर खड़ीं श्रद्धालु महिलाओं का ध्यान भंग हुआ और सामने बाघ को खड़ा देख उनके होश उड़ गए। बाघ नदी के दूसरे किनारे पर था, इसके बावजूद महिलाएं डरकर चीखने-चिल्लाने लगीं। उनके साथ मौजूद पुरुषों ने महिलाओं को हिम्मत बंधाई और उन्हें साथ लेकर गांव की ओर भाग खड़े हुए। कुछ देर तक बाघ शांत खड़ा होकर देखता रहा, इसके बाद वह भीरा रेंज जंगल की चक बीट में गुम हो गया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। जितनी देर बाघ नदी के किनारे मौजूद रहा उतनी देर उधर से गुजरने वाली भीरा-कुकरा रोड पर दोनों तरफ आवागमन रुक गया। इस दौरान कुछ साहसी युवकों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। कुछ लोग इसे छठ मैया का वाहन मानकर अच्छा शगुन मान रहे हैं। राहगीरों और ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उप निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल के निर्देश पर वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे रेंजर मैलानी केपी सिंह ने बाघ की निगरानी शुरू कर दी।
मैलानी रेंज के सलेमपुर जंगल से सटी उल्ल नदी किनारे छठ पूजा के दौरान नदी किनारे बाघ आने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। नदी जंगल के बीच से होकर गुजरती है। संबधित क्षेत्र बाघ प्रभावित है। यह एक स्वाभाविक घटना है। डरने की कोई बात नहीं है। शनिवार सुबह छठ पूजा के दौरान वन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। राहगीरों से अपील है कि वे भीरा-कुकरा रोड पर गुजरते समय सावधानी बरतें।
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- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज और बांकेगंज कस्बे से पांच किलोमीटर दूर इंदिरा नगर गांव की महिलाएं शुक्रवार शाम करीब छह बजे छठ पूजा के लिए गांव से सटी उल्ल नदी किनारे गईं थी। इस दौरान महिलाएं उल्ल नदी के पानी में खड़े होकर अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य दे रहीं थी। इसी बीच भीरा रेंज जंगल से निकला एक बाघ नदी के दूसरे किनारे पर आकर खड़ा हो गया। गुर्राहट सुनकर घाट पर खड़ीं श्रद्धालु महिलाओं का ध्यान भंग हुआ और सामने बाघ को खड़ा देख उनके होश उड़ गए। बाघ नदी के दूसरे किनारे पर था, इसके बावजूद महिलाएं डरकर चीखने-चिल्लाने लगीं। उनके साथ मौजूद पुरुषों ने महिलाओं को हिम्मत बंधाई और उन्हें साथ लेकर गांव की ओर भाग खड़े हुए। कुछ देर तक बाघ शांत खड़ा होकर देखता रहा, इसके बाद वह भीरा रेंज जंगल की चक बीट में गुम हो गया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। जितनी देर बाघ नदी के किनारे मौजूद रहा उतनी देर उधर से गुजरने वाली भीरा-कुकरा रोड पर दोनों तरफ आवागमन रुक गया। इस दौरान कुछ साहसी युवकों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। कुछ लोग इसे छठ मैया का वाहन मानकर अच्छा शगुन मान रहे हैं। राहगीरों और ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उप निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल के निर्देश पर वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे रेंजर मैलानी केपी सिंह ने बाघ की निगरानी शुरू कर दी।
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मैलानी रेंज के सलेमपुर जंगल से सटी उल्ल नदी किनारे छठ पूजा के दौरान नदी किनारे बाघ आने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। नदी जंगल के बीच से होकर गुजरती है। संबधित क्षेत्र बाघ प्रभावित है। यह एक स्वाभाविक घटना है। डरने की कोई बात नहीं है। शनिवार सुबह छठ पूजा के दौरान वन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। राहगीरों से अपील है कि वे भीरा-कुकरा रोड पर गुजरते समय सावधानी बरतें।
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- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन