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बदलता मौसम, गलत खानपान से उल्टी दस्त के मरीज बढ़े
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चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती उल्टी-दस्त के पीड़ित बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
शनिवार को जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में डायरिया पीड़ित तीन बच्चे हुए भर्ती
लखीमपुर खीरी। तेजी से बदलते मौसम और दिन पर दिन चढ़ते तापमान ने गर्मी जनित बीमारियों से लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। सुबह और रात में मौसम ठंडा रह रहा है। बदलते मौसम में गलत खानपान से बच्चे उल्टी दस्त की चपेट में आकर जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल में दो सौ अधिक नए पर्चें बने, जबकि करीब डेढ़ सौ पुराने पर्चे पर मरीज देखे गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार एवं उल्टी दस्त के थे। साथ ही काफी मरीज वायरल, गले में संक्रमण और पेट दर्द की समस्या से पीड़ित थे। उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चों को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि मौसम तेजी से बदल रहा है। दिन में पर्याप्त गर्मी होने लगी है। ऐसे में पंखा, कूलर सहित लोगों ने एसी का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। वहीं सुबह और रात में होने वाली हल्की ठंड को भी लोग नजरअंदाज कर लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में संक्रमण सहित तमाम बीमारियों के होने का संभावना बन जाती है। इसलिए खानपान पर ध्यान दें, क्योंकि तापमान में बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ रहा है।
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बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि मौसम में बदलाव के कारण सबसे ज्यादा बच्चों की सेहत प्रभावित होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों में होती है, क्योंकि बच्चे बाहर की खाद्य सामग्री ज्यादा खाते हैं, जो संक्रमण का कारण बन बच्चों को बीमार कर सकता है। बच्चों को बाहर की चीजों की जगह लंच में पोषक तत्व युक्त आहार दें। डिब्बा बंद जूस की जगह साबुत फल एवं भोजन में हरी सब्जियां व दालों का सेवन कराएं।
ये घरेलू नुस्खे करेंगे काम
आयुष के नोडल अधिकारी व आयुर्वेदाचार्य डॉ. विजय प्रकाश वर्मा का कहना है कि इस समय बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इससे बचने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ठंडे पेय पदार्थ एवं ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। खांसी, जुकाम होने पर काली मिर्च पीस लें। उसे शहद में मिलाकर दिन में दो बार लें। खांसी-जुकाम में तुलसी, अदरक वाली चाय पीयें। शहद में अदरक की तीन चार बूंदें मिलाकर लें। इससे आराम मिलेगा और संक्रमण का खतरा भी कम होगा। तुलसी, काली मिर्च और गुड़ का काढ़ा लें।
उल्टी दस्त आने पर चार बच्चे भर्ती
शनिवार को उल्टी दस्त आने पर अर्जुनपुरवा निवासी श्रीराम 12 माह की पुत्री अंशिका, रकेहटी निवासी जीतू दो साल की पुत्री सृष्टि एवं निर्मल निवासी रामकृष्ण सात वर्षीय पुत्री सौम्या, सीतापुर जिले के गांव सैदीपुर निवासी रफी अहमद चार साल के पुत्र अलकीम को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। हालत को देखते हुए सभी बच्चों को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
इस तरह बरतें सावधानी
1. ठंडा पानी व आइसक्रीम का प्रयोग करने से बचें।
2. धूप से आकर एसी, कूलर न चलाएं।
3. पानी उबालकर गुनगुना पीयें।
4. घर एवं आसपास साफ सफाई रखें।
5. बाजार में बिक रहे कटे हुए फल व खाद्य सामग्री से परहेज करें।
6. बच्चों को सुबह एवं रात की ठंड से बचाएं।
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लखीमपुर खीरी। तेजी से बदलते मौसम और दिन पर दिन चढ़ते तापमान ने गर्मी जनित बीमारियों से लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। सुबह और रात में मौसम ठंडा रह रहा है। बदलते मौसम में गलत खानपान से बच्चे उल्टी दस्त की चपेट में आकर जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल में दो सौ अधिक नए पर्चें बने, जबकि करीब डेढ़ सौ पुराने पर्चे पर मरीज देखे गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार एवं उल्टी दस्त के थे। साथ ही काफी मरीज वायरल, गले में संक्रमण और पेट दर्द की समस्या से पीड़ित थे। उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चों को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
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डॉक्टरों का कहना है कि मौसम तेजी से बदल रहा है। दिन में पर्याप्त गर्मी होने लगी है। ऐसे में पंखा, कूलर सहित लोगों ने एसी का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। वहीं सुबह और रात में होने वाली हल्की ठंड को भी लोग नजरअंदाज कर लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में संक्रमण सहित तमाम बीमारियों के होने का संभावना बन जाती है। इसलिए खानपान पर ध्यान दें, क्योंकि तापमान में बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ रहा है।
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बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि मौसम में बदलाव के कारण सबसे ज्यादा बच्चों की सेहत प्रभावित होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों में होती है, क्योंकि बच्चे बाहर की खाद्य सामग्री ज्यादा खाते हैं, जो संक्रमण का कारण बन बच्चों को बीमार कर सकता है। बच्चों को बाहर की चीजों की जगह लंच में पोषक तत्व युक्त आहार दें। डिब्बा बंद जूस की जगह साबुत फल एवं भोजन में हरी सब्जियां व दालों का सेवन कराएं।
ये घरेलू नुस्खे करेंगे काम
आयुष के नोडल अधिकारी व आयुर्वेदाचार्य डॉ. विजय प्रकाश वर्मा का कहना है कि इस समय बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इससे बचने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ठंडे पेय पदार्थ एवं ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। खांसी, जुकाम होने पर काली मिर्च पीस लें। उसे शहद में मिलाकर दिन में दो बार लें। खांसी-जुकाम में तुलसी, अदरक वाली चाय पीयें। शहद में अदरक की तीन चार बूंदें मिलाकर लें। इससे आराम मिलेगा और संक्रमण का खतरा भी कम होगा। तुलसी, काली मिर्च और गुड़ का काढ़ा लें।
उल्टी दस्त आने पर चार बच्चे भर्ती
शनिवार को उल्टी दस्त आने पर अर्जुनपुरवा निवासी श्रीराम 12 माह की पुत्री अंशिका, रकेहटी निवासी जीतू दो साल की पुत्री सृष्टि एवं निर्मल निवासी रामकृष्ण सात वर्षीय पुत्री सौम्या, सीतापुर जिले के गांव सैदीपुर निवासी रफी अहमद चार साल के पुत्र अलकीम को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। हालत को देखते हुए सभी बच्चों को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
इस तरह बरतें सावधानी
1. ठंडा पानी व आइसक्रीम का प्रयोग करने से बचें।
2. धूप से आकर एसी, कूलर न चलाएं।
3. पानी उबालकर गुनगुना पीयें।
4. घर एवं आसपास साफ सफाई रखें।
5. बाजार में बिक रहे कटे हुए फल व खाद्य सामग्री से परहेज करें।
6. बच्चों को सुबह एवं रात की ठंड से बचाएं।