शारदा में समाए 50 घर: लखीमपुर खीरी के चकपुरवा गांव में नदी ने बरपाया ऐसा कहर, कई परिवार हुए बेघर
अगस्त माह में जब गांव में कटान शुरू हुआ तो चकपुरवा गांव के लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया था। माह के अंत में जब कटान थमा तो बाकी लोग गांव में ठहर गए, लेकिन हारकर उन्हें भी घर छोड़कर जाना पड़ा।
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लखीमपुर खीरी की तहसील गोला और ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा में अब सिर्फ पांच घर बचे हैं। 55 घरों वाले इस मजरे का वजूद मिटने की कगार पर है। अगस्त माह से अब तक इस गांव के 50 घर कट कर नदी में समा गए हैं।
मंगलवार की रात शारदा नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे में ग्रामीण कल्लू का एक घर और नदी में समा गया। अब गांव में जिन पांच लोगों के घर बचे हैं, उनमें वेद वेदप्रकाश, जगमोहनलाल, ओमप्रकाश, पूर्व प्रधान अजयकुमार, जितेंद्र कुमार के घर शामिल हैं। पूर्व प्रधान ओमप्रकाश का कहना है कि कटान का खतरा टला नहीं है। जिस तरह से उमस भरी गर्मी पड़ रही है और बादल छाए हुए हैं, उससे तेज बारिश होने के आसार हैं।
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बारिश होने की दशा में शारदा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो चकपुरवा गांव जिले के नक्शे से गायब हो जाएगा। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड गांव का कटान से बचाने का कोई इंतजाम नहीं कर पाया है।
अगस्त से कहर ढा रही शारदा नदी
अगस्त माह में जब गांव में कटान शुरू हुआ तो चकपुरवा गांव के लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया था। माह के अंत में जब कटान थमा तो बाकी लोग गांव में ठहर गए, लेकिन हारकर उन्हें भी घर छोड़कर जाना पड़ा। अब गांव में सिर्फ पांच घर बचे हैं, उनमें भी सन्नाटा है। यहां कोई नजर नहीं आ रहा है। उधर, चकपुरवा गांव में प्रशासन की तरफ से कोई सहायता भी नहीं पहुंची है। जबकि, कटान पीड़ित इधर-उधर कहीं रिश्तेदारी तो कहीं अन्य जगहों पर भटक रहे हैं।