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असमंजस में फंसे पंचायत चुनाव के संभावित प्रत्याशी
लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 15 Sep 2015 06:51 PM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बार-बार शासन के बदलते रुख और प्रधान पद पर आरक्षण सूची पर रोक लगाए जाने से अधिकतर प्रधान पद के प्रत्याशी असमंजस की स्थिति में फंस गए हैं। उनमें पंचायत चुनाव को लेकर भ्रम की स्थिति फैली हुई है। ऐसी स्थिति में जिले के तमाम प्रधान पद के प्रत्याशियों ने जिला पंचायत सदस्य पद पर होने वाले चुनाव की ओर नजरें गड़ा दी है। जिला पंचायत सदस्य पद के आरक्षण के मुताबिक प्रधानों ने खुद या अपने सगे संबंधियों को प्रत्याशी के रूप में प्रचारित करना शुरू कर दिया है।
नए सिरे से प्रधान पद के लिए चक्रानुक्रम आरक्षण संबंधी जानकारी होने के बाद ग्राम पंचायतों में कई वर्षों से प्रधान बनने का सपना देखने वाले तमाम संभावित प्रत्याशियों को झटका लगा है। पूरी तरह से तस्वीर साफ न होने के कारण संभावित प्रत्याशी अपने अनुकूल सीट आरक्षित होने को लेकर सशंकित भी हैं। वहीं जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद पर चुनाव अलग-अलग होंगे या एक साथ होंगे, इस संबंध में भी परिदृश्य साफ नहीं है। प्रधान पद और ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू न होने से समय पर प्रधानों का चुनाव हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
गांवों में शुरू हुआ चौपालों का दौर
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण अंचलों में हलचल तेज हो गई है। गांवों में आधी रात तक चौपालों का दौर शुरू हो गया है। खासकर राजनीतिक सफर को लेकर मौजूदा प्रधान इन बैठकों में खासी दिलचस्पी ले रहे हैं और प्रधान पद से लेकर जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ने को लेकर मशविरा भी कर रहे हैं। हालांकि अभी उनकी तैयारियां शुरुआती दौर में ही है।
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शून्य से आरक्षण प्रक्रिया से कम होंगे प्रत्याशी
अब ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के सभी पुराने चक्रानुक्रम आरक्षण को शून्य कर नए सिरे से आरक्षण प्रारंभ करने के प्रस्ताव को नियमावली में शामिल कर उसमें संशोधन की संभावना है। ऐसे में यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि चक्रानुक्रम आरक्षण शून्य से होने से ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों की संख्या में भी कमी आएगी।
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद की सभी आपत्तियां खारिज
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद और प्रमुख पर पंचायती राज विभाग में आईं सभी 158 आपत्तियों को जांच के बाद प्रशासन ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद यहां से पूर्व में प्रकाशित अनन्तिम आरक्षण सूची को ही फाइनल कर अंतिम प्रकाशन के लिए लखनऊ भेज दिया है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक अगले दो दिनों में अंतिम सूची के प्रकाशन की संभावना है। डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य पद पर 78, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर 73 और प्रमुख पद पर सात आपत्तियां आई थीं। जिनकी तय अवधि में जांच कराई गई। जांच के बाद इन सभी आपत्तियों को प्रशासन ने खारिज कर दिया है और अनन्तिम सूची के आरक्षण को ही बरकरार रखा है।
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नए सिरे से प्रधान पद के लिए चक्रानुक्रम आरक्षण संबंधी जानकारी होने के बाद ग्राम पंचायतों में कई वर्षों से प्रधान बनने का सपना देखने वाले तमाम संभावित प्रत्याशियों को झटका लगा है। पूरी तरह से तस्वीर साफ न होने के कारण संभावित प्रत्याशी अपने अनुकूल सीट आरक्षित होने को लेकर सशंकित भी हैं। वहीं जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद पर चुनाव अलग-अलग होंगे या एक साथ होंगे, इस संबंध में भी परिदृश्य साफ नहीं है। प्रधान पद और ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू न होने से समय पर प्रधानों का चुनाव हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
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गांवों में शुरू हुआ चौपालों का दौर
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण अंचलों में हलचल तेज हो गई है। गांवों में आधी रात तक चौपालों का दौर शुरू हो गया है। खासकर राजनीतिक सफर को लेकर मौजूदा प्रधान इन बैठकों में खासी दिलचस्पी ले रहे हैं और प्रधान पद से लेकर जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ने को लेकर मशविरा भी कर रहे हैं। हालांकि अभी उनकी तैयारियां शुरुआती दौर में ही है।
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शून्य से आरक्षण प्रक्रिया से कम होंगे प्रत्याशी
अब ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के सभी पुराने चक्रानुक्रम आरक्षण को शून्य कर नए सिरे से आरक्षण प्रारंभ करने के प्रस्ताव को नियमावली में शामिल कर उसमें संशोधन की संभावना है। ऐसे में यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि चक्रानुक्रम आरक्षण शून्य से होने से ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों की संख्या में भी कमी आएगी।
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद की सभी आपत्तियां खारिज
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद और प्रमुख पर पंचायती राज विभाग में आईं सभी 158 आपत्तियों को जांच के बाद प्रशासन ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद यहां से पूर्व में प्रकाशित अनन्तिम आरक्षण सूची को ही फाइनल कर अंतिम प्रकाशन के लिए लखनऊ भेज दिया है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक अगले दो दिनों में अंतिम सूची के प्रकाशन की संभावना है। डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य पद पर 78, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर 73 और प्रमुख पद पर सात आपत्तियां आई थीं। जिनकी तय अवधि में जांच कराई गई। जांच के बाद इन सभी आपत्तियों को प्रशासन ने खारिज कर दिया है और अनन्तिम सूची के आरक्षण को ही बरकरार रखा है।