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Lakhimpur Kheri News: छह माह में ही खराब हो गईं बाइपास की स्ट्रीट लाइटें
Sun, 29 Jun 2025 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:08 AM IST
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मैगलगंज बाईपास पर बंद पड़ी लाइटें। संवाद
मैगलगंज। बाइपास पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा छह माह पूर्व लगवाई गईं हाईमास्ट और डिवाइडर की मरकरी लाइटें खराब हो गई हैं। इससे शाम होते ही हाईवे पर अंधेरा छा जाने से हादसे का डर बना हुआ है। फिर भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बाइपास पर लगे 45 खंभों पर 90 मरकरी और 10 हाईमास्ट लाइटें लगी हैं। वर्तमान में सभी बंद है, जबकि इन लाइटों के लिए अलग से ट्रांसफाॅर्मर और बिजली के खंभों की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी प्रकार की कोई दिक्कतें न हों। शुरुआत में करीब एक महीने तक बाइपास जगमगाता रहा, लेकिन उसके बाद लाइटें जलनी बंद हो गईं। अब तक मरम्मत या रखरखाव की भी कोई पहल नहीं की गई।
हैरानी की बात ये है कि एनएचएआई के अधिकारियों को लाइटों के बंद होने की जानकारी तक नहीं है, जबकि हाईवे पर पेट्रोलिंग की गाड़ी दिन-रात इसी रूट पर चलती रहती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइपास पर रात के वक्त अंधेरा रहने से चोर-लुटेरों की सक्रियता बढ़ गई है। कई बार लूट व छिनैती की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ऐसे में लाइटों की खराबी अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, सुरक्षा का बड़ा सवाल बन गया है।
इस मामले में जब एनएचएआई के एरिया इंचार्ज पुष्पेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया की हाईमास्ट लाइटें बंद होने की जानकारी नहीं है। इसको तत्काल दिखवाते हैं।
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बाइपास पर लगे 45 खंभों पर 90 मरकरी और 10 हाईमास्ट लाइटें लगी हैं। वर्तमान में सभी बंद है, जबकि इन लाइटों के लिए अलग से ट्रांसफाॅर्मर और बिजली के खंभों की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी प्रकार की कोई दिक्कतें न हों। शुरुआत में करीब एक महीने तक बाइपास जगमगाता रहा, लेकिन उसके बाद लाइटें जलनी बंद हो गईं। अब तक मरम्मत या रखरखाव की भी कोई पहल नहीं की गई।
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हैरानी की बात ये है कि एनएचएआई के अधिकारियों को लाइटों के बंद होने की जानकारी तक नहीं है, जबकि हाईवे पर पेट्रोलिंग की गाड़ी दिन-रात इसी रूट पर चलती रहती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइपास पर रात के वक्त अंधेरा रहने से चोर-लुटेरों की सक्रियता बढ़ गई है। कई बार लूट व छिनैती की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ऐसे में लाइटों की खराबी अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, सुरक्षा का बड़ा सवाल बन गया है।
इस मामले में जब एनएचएआई के एरिया इंचार्ज पुष्पेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया की हाईमास्ट लाइटें बंद होने की जानकारी नहीं है। इसको तत्काल दिखवाते हैं।