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निघासन के बसपा उम्मीदवार मोहम्मद कयूम का टिकट कटा
अमर उजाला ब्यूरो निघासन (लखीमपुर खीरी)।
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:23 PM IST
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बसपा प्रतीक
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा क्षेत्र निघासन से बसपा उम्मीदवार मोहम्मद कयूम का टिकट पार्टी ने काट दिया है। इस बात की पुष्टि खुद मोहम्मद कयूम ने की है। कयूम का टिकट कटने से उनके समर्थकों में मायूसी छा गई है। दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने अपने पदों से इस्तीफा देने की बात कही है। मोहम्मद कयूम के समर्थक अगली रणनीति तय करने के लिए बुधवार को सिंगाही में बैठक करेंगे। उधर, जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने ऐसी किसी जानकारी होने से इंकार करते हुए कहा है कि जब लिखित रूप से हाईकमान कोई जानकारी नहीं दे देता, वह कुछ नहीं कह सकते हैं।
मालूम हो कि इससे पहले लखीमपुर सदर से सुरेंद्र वर्मा का टिकट काटा जा चुका है। बसपा में मची उथल-पुथल से इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अभी बसपा ने किसी नए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन कई नामों पर चर्चा शुरू हो गई हैं। इनमें ग्रामीण अभियंत्रण सेवा में इंजीनियर रहे जीएस सिंह का नाम प्रमुख है। उधर कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि स्वामी प्रसाद मौर्या के बसपा छोड़ने से बसपा सुप्रीमो मायावती मौर्या बिरादरी को साधने के लिए मौर्या बिरादरी का उम्मीदवार उतार सकती है।
मोहम्मद कयूम का टिकट कटने से सपा में खुशी तो भाजपा खेमे में मायूसी है। कयूम की उम्मीदवारी से सपा को परंपरागत मुस्लिम वोटों का नुकसान हो सकता था तो भाजपा को वोटों के ध्रुवीकरण से फायदा हो सकता था। फिलहाल मोहम्मद कयूम का टिकट कटने से जिले की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है।
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मालूम हो कि इससे पहले लखीमपुर सदर से सुरेंद्र वर्मा का टिकट काटा जा चुका है। बसपा में मची उथल-पुथल से इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अभी बसपा ने किसी नए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन कई नामों पर चर्चा शुरू हो गई हैं। इनमें ग्रामीण अभियंत्रण सेवा में इंजीनियर रहे जीएस सिंह का नाम प्रमुख है। उधर कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि स्वामी प्रसाद मौर्या के बसपा छोड़ने से बसपा सुप्रीमो मायावती मौर्या बिरादरी को साधने के लिए मौर्या बिरादरी का उम्मीदवार उतार सकती है।
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मोहम्मद कयूम का टिकट कटने से सपा में खुशी तो भाजपा खेमे में मायूसी है। कयूम की उम्मीदवारी से सपा को परंपरागत मुस्लिम वोटों का नुकसान हो सकता था तो भाजपा को वोटों के ध्रुवीकरण से फायदा हो सकता था। फिलहाल मोहम्मद कयूम का टिकट कटने से जिले की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है।
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