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चीनी उत्पादन में टूटा पिछले सालों का रिकार्ड 

Sat, 25 Feb 2017 10:27 PM IST
अमित गुप्ता लखीमपुर खीरी।
अमित गुप्ता लखीमपुर खीरी। Updated Sat, 25 Feb 2017 10:27 PM IST
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Broken last year's record production in China
चीनी - फोटो : self
औसतन 12.22 लाख क्विंटल अधिक हुआ उत्पादन 
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चीनी परता में सुधार के साथ ही बाजार में चढ़े दाम 
पेराई सत्र के अंत तक और रिकार्ड उत्पादन संभव 


 जिले की नौ चीनी मिलों ने पिछले सालों की अपेक्षा अच्छी ग्रोथ करते हुए रिकार्ड 76 लाख 13 हजार 559 क्विंटल चीनी उत्पादन कर लिया है, जिसमें पिछले वर्ष से औसतन 12 लाख 22 हजार 478 क्विंटल उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है। इसे गन्ना किसानों के लिहाज से शुभ संकेत माना जा सकता है, क्योंकि पिछले चार वर्षों से किसान गन्ना मूल्य भुगतान के लिए जूझ रहा है। वहीं चीनी परता और बाजार में दाम चढ़ने से चीनी मिलों की हालत सुधरेगी। बता दें कि पिछले चार सालों में गन्ना मूल्य भुगतान हासिल करने के लिए किसानों को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था, जिसमें कई बार किसान संगठनों और चीनी मिलों के बीच टकराव के हालात भी बने। इन कारणों से गन्ना किसानों को भी भविष्य की चिंता सताने लगी थी, क्योंकि मिल मालिक भी पेराई सत्र बंद कर मैदान छोड़ने की घुड़की दे चुके हैं। लेकिन पेराई सत्र 2016-17 में हुए रिकार्ड चीनी उत्पादन से हालात बदलने के आसार बन गए हैं, जबकि अभी पेराई सत्र कम से कम एक माह तक जरूर चलेगा। लिहाजा अगले पेराई सत्र से गन्ना किसानों को समस्याओं से निजात मिल सकेगी, जिसका वही हकदार भी है। चालू पेराई सत्र 2016-17 में (24 फरवरी 2017 तक) सभी मिलों ने कुल 76 लाख 13 हजार 559 क्विंटल चीनी उत्पादन कर लिया है। इसमें सबसे ज्यादा गोला मिल ने 13 लाख 90 हजार 160 क्विंटल और सबसे कम बेलरायां ने तीन लाख 56 हजार 250 क्विंटल चीनी उत्पादन किया है।
 
चीनी परता पहुंचा दहाई पार
किसानों ने गन्ना बुवाई से लेकर अच्छे संसाधनों का उपयोग कर गन्ने की पैदावार बढ़ाई है। उसी तरह मिलों में चीनी परता अच्छा हुआ है। 2014-15 तक चीनी परता औसत 10 के नीचे (9.34) ही रहता था। लेकिन वर्ष 2015-16 में परता अप्रत्याशित रूप से बढ़ा, जिससे औसत परता 10.51 रहा। चालू वर्ष में कई मिलों में परता 12 से ऊपर रिकार्ड हुआ है, जबकि 24 फरवरी तक 10.37 औसत दर्ज हुआ है। 
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फैक्ट फाइल
गन्ना पेराई में भी हुआ इजाफा (वर्ष, लाख क्विंटल)
2014-15           609.19
2015-16           608.18
2016-17           734.19
 
चीनी उत्पादन (क्विंटल में)
2014-15           56,91,783
2015-16           63,91,081
2016-17           76,13,559 
 
इस वर्ष समय से सभी चीनी मिलों ने पेराई प्रारंभ कर दी थी, जिससे गन्ने की पेराई ज्यादा हुई और उत्पादन भी बढ़ा है। बाजार में चीनी के दाम मजबूत होने के साथ ही चीनी परता भी ठीक चल रहा है। इन हालातों से किसानों के साथ ही मिल मालिकों को राहत मिलेगी। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष उत्पादन के नए रिकार्ड बन सकते हैं। 
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-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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