{"_id":"6ad65ef7800dbf66830751db","slug":"bones-need-extra-care-after-menopause-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1011-187910-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों को चाहिए अतिरिक्त देखभाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों को चाहिए अतिरिक्त देखभाल
Mon, 19 Oct 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज के बाद महिलाओं को अपनी हड्डियों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने से हड्डियों का घनत्व घटने का खतरा बढ़ जाता है।
शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ हड्डियां कमजोर होने से मामूली चोट में भी फ्रैक्चर हो सकता है। सोमवार को विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस पर विशेषज्ञों ने संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम और समय पर जांच की अहमियत बताई।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह के अनुसार, 45 से 50 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ने लगता है। अस्पताल की ओपीडी में हर माह करीब 50 से 70 महिलाएं इस समस्या को लेकर पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि मेनोपॉज के दौरान ओवरी की सक्रियता कम होने से एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर गिरता है। यह हार्मोन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से हड्डियों का क्षरण तेज हो सकता है।
विज्ञापन
कैल्शियम और विटामिन-डी का रखें ध्यान
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस महिलाओं के साथ पुरुषों में भी होता है। महिलाओं में मेनोपॉज के अलावा धूप में कम निकलना भी हड्डियों की कमजोरी का कारण हो सकता है। हड्डियों को मजबूत रखने के लिए भोजन में दूध, दही, पनीर, रागी और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। विटामिन-डी के लिए उचित मात्रा में धूप लें। नियमित पैदल चलना और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना भी फायदेमंद है। कैल्शियम और विटामिन-डी की खुराक या अन्य उपचार चिकित्सकीय सलाह से ही लें।
विज्ञापन
शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ हड्डियां कमजोर होने से मामूली चोट में भी फ्रैक्चर हो सकता है। सोमवार को विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस पर विशेषज्ञों ने संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम और समय पर जांच की अहमियत बताई।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह के अनुसार, 45 से 50 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ने लगता है। अस्पताल की ओपीडी में हर माह करीब 50 से 70 महिलाएं इस समस्या को लेकर पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि मेनोपॉज के दौरान ओवरी की सक्रियता कम होने से एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर गिरता है। यह हार्मोन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से हड्डियों का क्षरण तेज हो सकता है।
विज्ञापन
कैल्शियम और विटामिन-डी का रखें ध्यान
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस महिलाओं के साथ पुरुषों में भी होता है। महिलाओं में मेनोपॉज के अलावा धूप में कम निकलना भी हड्डियों की कमजोरी का कारण हो सकता है। हड्डियों को मजबूत रखने के लिए भोजन में दूध, दही, पनीर, रागी और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। विटामिन-डी के लिए उचित मात्रा में धूप लें। नियमित पैदल चलना और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना भी फायदेमंद है। कैल्शियम और विटामिन-डी की खुराक या अन्य उपचार चिकित्सकीय सलाह से ही लें।