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नाम की ईंट लग जाती हैं लाइन में
अमर उजाला ब्यूरो बिजुआ (लखीमपुर खीरी)।
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:31 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बैैंक से पैसा निकलाने को यहां लोग नहीं उनके नाम की ईंटें लाइन में लग जाती हैं। नोटबंदी के बाद से बढ़ रही भीड़ के कारण लाइन में सबसे आगे लगने के लिए लोग पहले तो सुबह सात बजे ही बैंक पहुंच जाते थे। अब गुत्थम गुत्थी से निपटने के लिए उन्होंने नया तरीका ईजाद किया है, अब बैंक के शटर के सामने लोग अपने नाम की पर्ची ईंट के साथ रख जाते हैं, फिर पूरी ईमानदारी से इन पर्चियों पर लिखे नंबरों से लाइन में लग जाते हैं।
बैंक के सामने भीड़ गायब और उनके नाम की लगी ईंटें, ये तस्वीर गुलरिया की स्टेट बैंक शाखा की है। ये दिलचस्प तरीका ग्राहकों ने खुद ही ईजाद किया है। इससे उन्हें लाइन में भी नहीं लगता और उनका काम भी ईमानदारी से हो जाता है।
बुधवार सुबह करीब सौ लोग अपनी पर्ची लगाकर चले गए, लेकिन बाद में पता चला कि बुधवार को यहां लेनदेन नही होता, इस पर वे थोड़ा गुस्से में आए, चक्काजाम की तैयारी में थे कि बगैर सूचना के कैसे नियम लागू कर सकते हैं, हालांकि लोगों के समझाने के बाद भड़के लोग मान गए।
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बैंक के सामने भीड़ गायब और उनके नाम की लगी ईंटें, ये तस्वीर गुलरिया की स्टेट बैंक शाखा की है। ये दिलचस्प तरीका ग्राहकों ने खुद ही ईजाद किया है। इससे उन्हें लाइन में भी नहीं लगता और उनका काम भी ईमानदारी से हो जाता है।
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बुधवार सुबह करीब सौ लोग अपनी पर्ची लगाकर चले गए, लेकिन बाद में पता चला कि बुधवार को यहां लेनदेन नही होता, इस पर वे थोड़ा गुस्से में आए, चक्काजाम की तैयारी में थे कि बगैर सूचना के कैसे नियम लागू कर सकते हैं, हालांकि लोगों के समझाने के बाद भड़के लोग मान गए।
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