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Lakhimpur Kheri News: नगर पालिका से जाम नालियां पूछ रहीं, स्वच्छता सर्वे कैसे जीतोगे
Wed, 06 May 2026 11:51 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 06 May 2026 11:51 PM IST
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नहर पटरी मोहल्ले के सामने नहर में भरा कूड़ा : संवाद
लखीमपुर खीरी। शहर की जाम नालियां, सड़कों पर बहता गंदा पानी और मोहल्लों में लगे कूड़े के ढेर सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 कैसे जीता जाएगा।
नगर पालिका एक ओर बेहतर रैंकिंग का दावा कर रही है तो दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था की हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। पड़ताल में कई मोहल्लों में गंदगी, जलभराव और कचरा प्रबंधन की बदहाल तस्वीर सामने आई। शहर के प्रमुख इलाकों में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। खीरी रोड पर बने कूड़ाघर से पूरे दिन दुर्गंध उठती रहती है। नई बस्ती और गोटय्याबाग के मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लगे हैं।
नहर पटरी मोहल्ले के सामने नहर में भी कूड़ा भरा पड़ा है। हिदायत नगर चौराहे पर पुराने एसपी बंगले के पास फैले कूड़े में दिनभर जानवर मुंह मारते दिखाई देते हैं। महाराज नगर, हाथीपुर और गंगोत्री नगर समेत कई इलाकों के खाली प्लॉट अस्थायी कूड़ाघर में बदल चुके हैं। गंगोत्री नगर में जाम नालियों के कारण सड़क पर पानी बह रहा है। शुक्ला मार्केट के पीछे ईदगाह रोड पर जलभराव और कूड़े के ढेर की स्थिति बनी हुई है।
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गांधी विद्यालय के पास और एलआईसी कार्यालय के सामने नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। शिव कॉलोनी, गोला रोड, देवस्थान और नई बस्ती जैसे इलाकों में भी टूटी और जाम नालियों के कारण जलनिकासी प्रभावित है।
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क्षमता पांच टन, निकल रहा 50 टन कूड़ा
पड़ताल में यह भी सामने आया कि शहर की कचरा निस्तारण व्यवस्था क्षमता से कई गुना ज्यादा दबाव झेल रही है। मंझरा स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र की क्षमता सिर्फ पांच टन प्रतिदिन है, जबकि शहर से रोजाना 50 से 51 टन कूड़ा निकल रहा है। यानी व्यवस्था पर लगभग दस गुना अधिक भार है। यही वजह है कि कई मोहल्लों की सड़कें और खाली प्लॉट कूड़े से पटे दिखाई दे रहे हैं।
सभासदों का कहना है कि सफाई कर्मियों की कमी से हालात और बिगड़ रहे हैं। उनका मानना है कि जरूरत के मुताबिक कर्मचारी मिल जाएं तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। हिदायत नगर, नई बस्ती, कमलापुर, शिव कॉलोनी, हाथीपुर, नौरंगाबाद, संकटा देवी और मिश्राना जैसे इलाकों में लोगों ने बदबू और मच्छरों की बढ़ती समस्या की शिकायत की। हालांकि नगर पालिका का दावा है कि सभी 30 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है और अलग से ठेलियों के माध्यम से भी कूड़ा उठाया जा रहा है।
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पिछली रैंकिंग बचाना भी चुनौती
पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पालिका परिषद लखीमपुर ने प्रदेश में 108वीं रैंक हासिल की थी। मंडल स्तर पर दूसरा और जिले में पहला स्थान मिलने के साथ नगर पालिका प्रदेश की टॉप-10 निकायों में शामिल रही थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस उपलब्धि को दोहराना आसान नहीं दिख रहा। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह व्यवस्था में पिछले सर्वेक्षण में नगर पालिका को 100 में से 78 अंक मिले थे। इस बार इसे बढ़ाकर 85 अंक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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सभी 30 वार्डों में नियमित कूड़ा संग्रह कराया जा रहा है। आवासीय क्षेत्रों में रोजाना और बाजारों में दिन में दो बार सफाई के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक शौचालयों और पार्कों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जा रही है।
-संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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नगर पालिका में ये हैं सफाई के साधन
सफाईकर्मी : करीब 500
डंपर : 3
जेसीबी : 2
पोकलेन मशीन : 2
मिनी ट्रक : 25
साइकिल ट्रॉली : 1000
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फोटो: 20
सिर्फ प्रशासन ही नहीं, लोगों को भी जिम्मेदारी समझनी होगी। कूड़ा इधर-उधर फेंकना बंद करना चाहिए। खाली प्लाॅटों में पड़ा कूड़ा लोगों की देन है।
-सिकंदर हुसैन, हिदायत नगर
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फोटो: 21
हमारे इलाके में कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठता। नालियां भी जाम रहती हैं, जिससे बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है।
-सर्वेश शुक्ला, बहादुर नगर
फोटो: 22
नगर पालिका सफाई के दावे तो करती है, लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता। नियमित निगरानी होनी चाहिए। सफाईकर्मी रोज नहीं आते।
-रवि चौधरी, कमलापुर-- -- -- -- -- --
फोटो: 23
मोहल्ले के मुख्य मार्ग पर ही कूड़ा पड़ता है, जब वो उठाया नहीं जाता तो सड़क तक फैलने लगता है। आस-पास भयकंर दुर्गंध फैलती है।
- आतिफ, गोटय्याबाग
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नगर पालिका एक ओर बेहतर रैंकिंग का दावा कर रही है तो दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था की हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। पड़ताल में कई मोहल्लों में गंदगी, जलभराव और कचरा प्रबंधन की बदहाल तस्वीर सामने आई। शहर के प्रमुख इलाकों में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। खीरी रोड पर बने कूड़ाघर से पूरे दिन दुर्गंध उठती रहती है। नई बस्ती और गोटय्याबाग के मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लगे हैं।
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नहर पटरी मोहल्ले के सामने नहर में भी कूड़ा भरा पड़ा है। हिदायत नगर चौराहे पर पुराने एसपी बंगले के पास फैले कूड़े में दिनभर जानवर मुंह मारते दिखाई देते हैं। महाराज नगर, हाथीपुर और गंगोत्री नगर समेत कई इलाकों के खाली प्लॉट अस्थायी कूड़ाघर में बदल चुके हैं। गंगोत्री नगर में जाम नालियों के कारण सड़क पर पानी बह रहा है। शुक्ला मार्केट के पीछे ईदगाह रोड पर जलभराव और कूड़े के ढेर की स्थिति बनी हुई है।
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गांधी विद्यालय के पास और एलआईसी कार्यालय के सामने नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। शिव कॉलोनी, गोला रोड, देवस्थान और नई बस्ती जैसे इलाकों में भी टूटी और जाम नालियों के कारण जलनिकासी प्रभावित है।
क्षमता पांच टन, निकल रहा 50 टन कूड़ा
पड़ताल में यह भी सामने आया कि शहर की कचरा निस्तारण व्यवस्था क्षमता से कई गुना ज्यादा दबाव झेल रही है। मंझरा स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र की क्षमता सिर्फ पांच टन प्रतिदिन है, जबकि शहर से रोजाना 50 से 51 टन कूड़ा निकल रहा है। यानी व्यवस्था पर लगभग दस गुना अधिक भार है। यही वजह है कि कई मोहल्लों की सड़कें और खाली प्लॉट कूड़े से पटे दिखाई दे रहे हैं।
सभासदों का कहना है कि सफाई कर्मियों की कमी से हालात और बिगड़ रहे हैं। उनका मानना है कि जरूरत के मुताबिक कर्मचारी मिल जाएं तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। हिदायत नगर, नई बस्ती, कमलापुर, शिव कॉलोनी, हाथीपुर, नौरंगाबाद, संकटा देवी और मिश्राना जैसे इलाकों में लोगों ने बदबू और मच्छरों की बढ़ती समस्या की शिकायत की। हालांकि नगर पालिका का दावा है कि सभी 30 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है और अलग से ठेलियों के माध्यम से भी कूड़ा उठाया जा रहा है।
पिछली रैंकिंग बचाना भी चुनौती
पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पालिका परिषद लखीमपुर ने प्रदेश में 108वीं रैंक हासिल की थी। मंडल स्तर पर दूसरा और जिले में पहला स्थान मिलने के साथ नगर पालिका प्रदेश की टॉप-10 निकायों में शामिल रही थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस उपलब्धि को दोहराना आसान नहीं दिख रहा। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह व्यवस्था में पिछले सर्वेक्षण में नगर पालिका को 100 में से 78 अंक मिले थे। इस बार इसे बढ़ाकर 85 अंक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सभी 30 वार्डों में नियमित कूड़ा संग्रह कराया जा रहा है। आवासीय क्षेत्रों में रोजाना और बाजारों में दिन में दो बार सफाई के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक शौचालयों और पार्कों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जा रही है।
-संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
नगर पालिका में ये हैं सफाई के साधन
सफाईकर्मी : करीब 500
डंपर : 3
जेसीबी : 2
पोकलेन मशीन : 2
मिनी ट्रक : 25
साइकिल ट्रॉली : 1000
फोटो: 20
सिर्फ प्रशासन ही नहीं, लोगों को भी जिम्मेदारी समझनी होगी। कूड़ा इधर-उधर फेंकना बंद करना चाहिए। खाली प्लाॅटों में पड़ा कूड़ा लोगों की देन है।
-सिकंदर हुसैन, हिदायत नगर
फोटो: 21
हमारे इलाके में कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठता। नालियां भी जाम रहती हैं, जिससे बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है।
-सर्वेश शुक्ला, बहादुर नगर
फोटो: 22
नगर पालिका सफाई के दावे तो करती है, लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता। नियमित निगरानी होनी चाहिए। सफाईकर्मी रोज नहीं आते।
-रवि चौधरी, कमलापुर
फोटो: 23
मोहल्ले के मुख्य मार्ग पर ही कूड़ा पड़ता है, जब वो उठाया नहीं जाता तो सड़क तक फैलने लगता है। आस-पास भयकंर दुर्गंध फैलती है।
- आतिफ, गोटय्याबाग

नहर पटरी मोहल्ले के सामने नहर में भरा कूड़ा : संवाद

नहर पटरी मोहल्ले के सामने नहर में भरा कूड़ा : संवाद

नहर पटरी मोहल्ले के सामने नहर में भरा कूड़ा : संवाद

नहर पटरी मोहल्ले के सामने नहर में भरा कूड़ा : संवाद

नहर पटरी मोहल्ले के सामने नहर में भरा कूड़ा : संवाद