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बाढ़ पीड़ितों को फसल बीमा से लाभ दिलाने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 25 Aug 2016 10:21 PM IST
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फसलें।
- फोटो : अमर उजाला
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कृषि अधिकारी ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को पत्र भेजा
फसलों को हुई क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग
83.25 लाख कीमत की फसलों के नुकसान का अनुमान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बाढ़ में नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा के निदेशक ने जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिस पर अमल करते हुए कृषि अधिकारी ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजकर क्षति का आकलन करने के लिए सर्वे कराने की मांग की है।
बाढ़ राहत एवं आपदा विभाग के मुताबिक इस वर्ष बाढ़-कटान की चपेट में आकर 19344 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है, जिसमें 13077 हेक्टेयर कृषि योग्य है। इसमें से 1475 हेक्टेयर (22125 बीघा) जमीन नदी में समा चुकी है। जबकि 83.25 लाख कीमत की फसलों के नुकसान का अनुमान है। जिला प्रशासन की ओर से अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन 2016-17 में 305 बैंक शाखाओं ने 80,456 किसानों का प्रीमियम जमा कर उनकी फसलों का बीमा किया है। इसके लिए किसानों से 12 करोड़ 14 लाख 24 हजार 75 रुपये जमा कराए गए हैं। लिहाजा शासन ने बीमित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बीमित किसानों की फसलों को हुई क्षति का आकलन इंश्योरेंस कंपनी करेगी, जिसके लिए कार्रवाई की जा रही है। बीमित किसानों को समय से क्षतिपूर्ति कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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फसलों को हुई क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग
83.25 लाख कीमत की फसलों के नुकसान का अनुमान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बाढ़ में नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा के निदेशक ने जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिस पर अमल करते हुए कृषि अधिकारी ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजकर क्षति का आकलन करने के लिए सर्वे कराने की मांग की है।
बाढ़ राहत एवं आपदा विभाग के मुताबिक इस वर्ष बाढ़-कटान की चपेट में आकर 19344 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है, जिसमें 13077 हेक्टेयर कृषि योग्य है। इसमें से 1475 हेक्टेयर (22125 बीघा) जमीन नदी में समा चुकी है। जबकि 83.25 लाख कीमत की फसलों के नुकसान का अनुमान है। जिला प्रशासन की ओर से अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन 2016-17 में 305 बैंक शाखाओं ने 80,456 किसानों का प्रीमियम जमा कर उनकी फसलों का बीमा किया है। इसके लिए किसानों से 12 करोड़ 14 लाख 24 हजार 75 रुपये जमा कराए गए हैं। लिहाजा शासन ने बीमित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बीमित किसानों की फसलों को हुई क्षति का आकलन इंश्योरेंस कंपनी करेगी, जिसके लिए कार्रवाई की जा रही है। बीमित किसानों को समय से क्षतिपूर्ति कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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