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नवसंवत्सर का आगाज, राजा शनि व मंत्री देवगुरु बृहस्पति
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आचार्य प्रमोद दीक्षित
न्याय व्यवस्था रहेगी दुरुस्त, लोग करेंगे प्रगति
लखीमपुर खीरी। दो अप्रैल यानी शनिवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं और इसी दिन से हिंदूवर्ष नवसंवत्सर 2079 भी आरंभ हो जाएगा। यहां बता दें कि चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष से ही हिंदू नववर्ष का प्रारंभ होता है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, पूरे साल न्याय व्यवस्था दुरुस्त रहेगी और लोग प्रगति करेंगे।
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार नव संवत्सर 2079 का नाम नल होगा, जिसके राजा शनि और मंत्री बृहस्पति होंगे। इससे पड़ोसी देशों से युद्ध की स्थिति बनेगी, चोरों का आतंक रहेगा। लोग भूख से पीड़ित होंगे। महंगाई का भी असर रहेगा।
स्वर्गीय श्रीमती चंद्रकला आश्रम एवं संस्कृत विद्यापीठ के आचार्य प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि विक्रम संवत 2079 की शुरुआत बहुत ही दुर्लभ और विशिष्ट संयोग में होने जा रही है। इससे इसका महत्व काफी बढ़ गया है। राजा शनि होने से वर्षा कम होगी, जनता भयंकर रोगों से पीड़ित होगी। पड़ोसी देशों से युद्ध की स्थिति बनेगी। हालांकि मंत्री देवगुरु बृहस्पति के होने से राजा प्रजा के पालन में तत्पर रहेंगे। वहीं संवत्सर का निवास कुम्हार के घर में होने के यह वर्ष मध्यम रहेगा।
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लखीमपुर खीरी। दो अप्रैल यानी शनिवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं और इसी दिन से हिंदूवर्ष नवसंवत्सर 2079 भी आरंभ हो जाएगा। यहां बता दें कि चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष से ही हिंदू नववर्ष का प्रारंभ होता है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, पूरे साल न्याय व्यवस्था दुरुस्त रहेगी और लोग प्रगति करेंगे।
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार नव संवत्सर 2079 का नाम नल होगा, जिसके राजा शनि और मंत्री बृहस्पति होंगे। इससे पड़ोसी देशों से युद्ध की स्थिति बनेगी, चोरों का आतंक रहेगा। लोग भूख से पीड़ित होंगे। महंगाई का भी असर रहेगा।
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स्वर्गीय श्रीमती चंद्रकला आश्रम एवं संस्कृत विद्यापीठ के आचार्य प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि विक्रम संवत 2079 की शुरुआत बहुत ही दुर्लभ और विशिष्ट संयोग में होने जा रही है। इससे इसका महत्व काफी बढ़ गया है। राजा शनि होने से वर्षा कम होगी, जनता भयंकर रोगों से पीड़ित होगी। पड़ोसी देशों से युद्ध की स्थिति बनेगी। हालांकि मंत्री देवगुरु बृहस्पति के होने से राजा प्रजा के पालन में तत्पर रहेंगे। वहीं संवत्सर का निवास कुम्हार के घर में होने के यह वर्ष मध्यम रहेगा।
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