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खीरीः परिचालकों की मनमानी पर रोक, अब बस अड्डे से होकर ही गुजरेंगी बसें

Wed, 23 Jun 2021 01:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jun 2021 01:14 AM IST
सार

बस अड्डे से पांच किलोमीटर पहले ही एलआरपी चौराहे पर सवारियों को उतार देते थे

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Ban on the arbitrariness of operators, now buses will pass through the bus stand
गोला डिपो की बस में यात्रा करते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

विस्तार

शिकायतों के बाद आरएम के निर्देश पर एआरएम ने बाईपास पर कर्मचारी की ड्यूटी लगाई

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लखीमपुर खीरी। यात्रियों की शिकायतें थीं कि गोला और पीलीभीत डिपो की बसें शहर के बस अड्डे तक नहीं जातीं। परिचालक उन्हें बस अड्डे से करीब पांच किलोमीटर पहले एलआरपी चौराहे पर उतार कर बाईपास होते हुए लखनऊ निकल जाते हैं। शिकायत का संज्ञान लेते हुए हरदोई क्षेत्र के आरएम ने परिचालकों को बसें लखीमपुर बस अड्डे तक ले जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एआरएम ने एलआरपी चौराहे पर दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, जो सुनिश्चित करेंगे कि परिचालक बसों को अड्डे तक ले जा रहे हैं।
गोला एवं पीलीभीत डिपो के अधिकांश परिचालकों की मनमानी का आलम यह है कि वह लखीमपुर के यात्रियों को पांच किलोमीटर पहले एलआरपी चौराहे पर उतारकर लखनऊ निकल जाते थे, जबकि परिचालक यात्रियों से बस अड्डे तक का किराया वसूल करते हैं। ऐसे में यात्रियों को रिक्शा आदि कर शहर एवं बस अड्डा आने के लिए 10 से 15 रुपये अधिक खर्च करने पड़ते थे। परिचालकों का बाईपास से निकलना यात्रियों के लिए मुसीबत बनने लगा था। इस कारण आए दिन परिचालक एवं यात्रियों में विवाद होने लगा था। इस तरह की मिल रहीं शिकायतों का संज्ञान लेकर आरएम हरदोई मनोज त्रिवेदी ने सख्त रुख अपनाकर एआरएम लखीमपुर को बाईपास होकर निकल रहीं बसों की निगरानी करने के निर्देश दिए।
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इस पर एआरएम ने दो कर्मचारियों की ड्यूटी एलआरपी बाईपास पर लगाई है। आरएम की सख्ती से चालक, परिचालकों से लेकर बस मालिकों में जहां हड़कंप मचा है तो वहीं लखीमपुर बस अड्डे तक बसों के आने से यात्रियों में प्रसन्नता है।
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कार्रवाई के लिए एआरएम पीलीभीत को लिखा पत्र

बाईपास से निकल रहीं बसों की निगरानी करने वाली टीम ने 19 जून को पीलीभीत डिपो की बस संख्या यूपी 27 टी 9310 के एलआरपी चौराहे से संचालन होने की रिपोर्ट की। इस पर एआरएम लखीमपुर ने पीलीभीत डिपो के एआरएम को पत्र लिखकर चालक परिचालक पर कार्रवाई कर निगम के नियमों का पालन कराने को कहा है।

बाईपास से बस का निकलना नियम विरुद्घ

पीलीभीत डिपो के एआरएम वीके गंगवार का कहना है कि लखीमपुर बस अड्डे तक बस का न जाना नियम विरुद्घ है। डिपो की तीन बसें गोला से लखीमपुर होकर लखनऊ जाती हैं। यदि परिचालक बस का संचालन बाईपास होकर कर रहे हैं तो निश्चित कार्रवाई होगी।
यात्रियों से भिड़ने वाले परिचालक पर हुई कार्रवाई
बाईपास होकर बस ले जाने वाले परिचालक पर एआरएम गोला ने कार्रवाई करते हुए ड्यूटी से हटा दिया है। बता दें कि शनिवार को गोला के छोटे चौराहे पर परिचालक ने यात्रियों से बाईपास होकर लखनऊ जाना बताया। इस पर यात्रियों और परिचालक में विवाद होने लगा। यात्रियों ने एआरएम से शिकायत करते हुए परिचालक की उनसे बात कराई। तब जाकर परिचालक बस को लखीमपुर बस अड्डे तक ले गया। रविवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद एआरएम ने परिचालक को ड्यूटी से हटा दिया है।

संचालित बसों का रूट के बस अड्डे तक जाने का नियम है। यात्रियों को बीच रास्ते में उतारना गलत है। आरएम से प्राप्त निर्देश पर परिचालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी एलआरपी बाईपास पर लगाई है, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। - जोगेंद्र सिंह, एआरएम लखीमपुर डिपो

यात्रियों के साथ रोडवेज को भी हो रही थी क्षति

परिचालक बसों को बाईपास से ले जाकर यात्रियों के साथ रोडवेज को भी चूना लगा रहे थे। यात्रियों से गोला से लखीमपुर का 44 रुपये किराया लेकर पांच किलोमीटर पहले ही उतार देते थे, जिससे मुसाफिरों को बस अड्डा या फिर शहर में आने के लिए 15 से 20 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ जाते थे।

परिचालक और बस मालिक पूरा ले रहे थे भुगतान

परिवहन निगम परिचालकों से लेकर अनुबंधित बस मालिकों को पर किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करता है। ऐसे में सुबह और शाम दोनों चक्कर में करीब 20 किलोमीटर न आने जाने के बाद भी परिचालक और बस मालिक पूरा भुगतान ले रहे थे। शिकायत होने के बाद भी इस ओर न तो केंद्र प्रभारियों ने ध्यान दिया और न ही एआरएम ने। इस तरह परिचालक और बस मालिक रोडवेज को हर माह लाखों रूपये का चूना लगाते रहे।

गोला से लखनऊ जाने वाली बसों के परिचालक इस कदर मनमानी पर उतारू थे कि बस अड्डे तक की सवारियां ही नहीं बैठाते थे। यदि बैठ जाओ तो एलआरपी बाईपास पर ही उतार देते थे। अब राहत होगी। - नरेश कुुमार, दैनिक यात्री निवासी गोला

विभागीय एवं अन्य कामों की वजह से अक्सर जिला मुख्यालय पर आना जाना रहता है। गोला में परिचालक बाईपास से जाना बताकर बस में बैठने से मना कर देते थे या फिर एलआरपी चौराहे पर उतार देते थे। मगर अब सुविधा रहेगी।- डॉ. अनिल कुमार, शिक्षक कृषक समाज इंटर कॉलेज गोला

परिचालक किराया लखीमपुर बस अड्डे तक का लेकर पांच किलोमीटर पहले ही उतार देते थे। इससे बस अड्डे के पास दुकान तक पहुुंचने के लिए 20 रूपये और खर्च करने पड़ते थे। परिचालकों की मनमानी पर अंकुश लगना जरूरी था। - शरद मेहरोत्रा दवा कारोबार निवासी गोला

परिचालकों की मनमानी के बारे में कई बार एआरएम गोला से शिकायत की। हर बार उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया मगर हुआ कुछ नहीं। खामियाजा यात्रियों को भुगतान पड़ता था। - प्रमोद पांडे, दैनिक यात्री निवासी गोला

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