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Lakhimpur Kheri News: दो माह पहले गिट्टी डाल दी... निर्माण कराना भूले जिम्मेदार
Thu, 29 Jan 2026 11:24 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 29 Jan 2026 11:24 PM IST
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मड़ईपुरवा से जंलगीनाथ मंदिर को जाने वाला मार्ग। संवाद
लखीमपुर खीरी/भीरा। सड़क निर्माण के लिए गिट्टी तो डाल दी गई लेकिन उसको बनवाना जिम्मेदार भूल गए। दो महीनों से राहगीर गिट्टियों से गुजरकर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
गिट्टी-पत्थर पड़ने की वजह से बाइक सवार आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं। राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिजुआ ब्लॉक क्षेत्र में मड़ईपुरवा से जंलगीनाथ मंदिर को जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर अवस्था में था, जिस पर गुजरना लोगों के लिए चुनौती से कम नहीं है।
लंबे अर्से के बाद 700 मीटर सड़क निर्माण होने का रास्ता साफ हो गया। करीब दो माह पहले निर्माण शुरू कराए जाने के लिए सड़क की खोदाई कर उस पर गिट्टी-पत्थर डाल दिए गए, उसके बाद से काम ठप है।
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पैदल राहगीरों, साइकिल व दोपहिया वाहन चालकों को आए दिन फिसलने और गिरने का खतरा बना रहता है। चार पहिया वाहनों का निकलना तो दूभर है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात या हल्की नमी होने पर हालात और बदतर हो जाते हैं। जबकि इस सड़क से सात से आठ गांव जुड़े हैं और रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना है।
इस मार्ग पर बरमबाबा, राजपुर, लालटांडा, गुलाब टांडा, मड़ईपुरवा से जंलगीनाथ मंदिर आदि के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी के जेई आरसी वर्मा ने बताया कि अधिक ठंड में तारकोल (डामर) चिपकता नहीं है। इसके वजह से काम रुका था, लेकिन अब शुरू करा दिया गया है। मौरंग डाल दी गई है। जल्द ही आगे का काम शुरू करा दिया जाएगा।
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गिट्टी-पत्थर पड़ने की वजह से बाइक सवार आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं। राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिजुआ ब्लॉक क्षेत्र में मड़ईपुरवा से जंलगीनाथ मंदिर को जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर अवस्था में था, जिस पर गुजरना लोगों के लिए चुनौती से कम नहीं है।
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लंबे अर्से के बाद 700 मीटर सड़क निर्माण होने का रास्ता साफ हो गया। करीब दो माह पहले निर्माण शुरू कराए जाने के लिए सड़क की खोदाई कर उस पर गिट्टी-पत्थर डाल दिए गए, उसके बाद से काम ठप है।
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पैदल राहगीरों, साइकिल व दोपहिया वाहन चालकों को आए दिन फिसलने और गिरने का खतरा बना रहता है। चार पहिया वाहनों का निकलना तो दूभर है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात या हल्की नमी होने पर हालात और बदतर हो जाते हैं। जबकि इस सड़क से सात से आठ गांव जुड़े हैं और रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना है।
इस मार्ग पर बरमबाबा, राजपुर, लालटांडा, गुलाब टांडा, मड़ईपुरवा से जंलगीनाथ मंदिर आदि के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी के जेई आरसी वर्मा ने बताया कि अधिक ठंड में तारकोल (डामर) चिपकता नहीं है। इसके वजह से काम रुका था, लेकिन अब शुरू करा दिया गया है। मौरंग डाल दी गई है। जल्द ही आगे का काम शुरू करा दिया जाएगा।