Lakhimpur Kheri: किसान नेता वीएम सिंह ने की पंचायत, 10 दिन में बजाज मिल करेगी 50 करोड़ रुपये का भुगतान
किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस के बाद 10 दिन में 50 करोड़ रुपए भुगतान गोला चीनी मिल करेगी। लेकिन जब तक पूरा भुगतान नहीं हो जाता, धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ की सहकारी गन्ना विकास समिति में बकाया गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य तय करने की मांग को लेकर चल रहे धरने पर बुधवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह पहुंचे। उन्होंने किसान पंचायत की। मिल प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गणतंत्र दिवस के बाद 10 दिन में 50 करोड़ गन्ना भुगतान करने की सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि जब तक पूरा भुगतान नहीं हो जाता धरना जारी रहेगा।
बुधवार की दोपहर किसान नेता वीएम सिंह सहकारी गन्ना विकास समिति धरना प्रदर्शन स्थल पर किसान महापंचायत में पहुंचे। किसान पंचायत में बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड जितेंद्र सिंह जादौन, जीएम केन पीसी चतुर्वेदी, फैक्ट्री मैनेजर पीसी चतुर्वेदी, एसडीएम अनुराग सिंह, विनोद कुमार गुप्ता, सीओ राजेश कुमार की मौजूदगी में गणतंत्र दिवस के बाद 10 दिन में प्रतिदिन 5 करोड़ की दर से 50 करोड़ रुपये भुगतान करने की सहमति बनी। जिस पर यूनिट हेड ने किसानों को आश्वस्त किया।
मिल अधिकारियों को दी नसीहत
वीएम सिंह ने मिल अधिकारियों से कहा कि किसानों का विश्वास जीतिए। धरना-प्रदर्शन की नौबत ही नहीं आएगी। पीएम, सीएम काम नहीं आएंगे। गन्ना आपको लेना है और गन्ना किसानों को देना है। 15 दिसंबर को चेतावनी दी थी और दो जनवरी से कड़ी सर्दी में गन्ना भुगतान को लेकर संगठन के लोग अलग-अलग स्थानों पर धरने पर बैठे हैं। वीएम सिंह ने कहा कि अभी 132 करोड़ गोला मिल पर बकाया है।
किसान नेता ने कहा कि गणतंत्र दिवस के बाद 10 दिन में 50 करोड़ रुपए भुगतान गोला चीनी मिल करेगी और अधिकारी मुझे सूचित करेंगे, अन्यथा मैं फिर आऊंगा। जब तक पूरा भुगतान नहीं हो जाता क्रमिक अनशन धरना जारी रहेगा। इस मौके पर संगठन जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार दीक्षित, गन्ना सोसायटी सचिव बलवंत कुमार चौधरी, जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आशुतोष मधुकर, आईटी पूर्व अध्यक्ष सुरेश चंद्र वर्मा, आशीष कुमार सिंह, हरी सिंह, महेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
गन्ना लिया है तो पैसा दो
वीएम सिंह ने कहा कि जिन किसानों के पास दिक्कत है वे एसडीएम से मिलें। यदि बात न सुनी जाए तो मुझसे मिलें और उनका भुगतान अलग से किया जाए। कहा कि सरकार और मिल प्रबंधन की मिलीभगत है। इसलिए मिल प्रबंधन के लोग 1361 करोड़ के पावर प्रोजेक्ट के बकाया का हवाला देकर सरकार पर बकायादारी बताते हैं। किसानों को इससे क्या मतलब, गन्ना लिया है पैसा दो। उन्होंने कहा कि बेईमानों से पैसा निकालना बड़ा मुश्किल काम है। कोशिश रहेगी कि आगे पैसों के लिए धरना न करना पड़े। यह आंदोलन आखिरी हो।