{"_id":"5d82569f8ebc3e012e1f3b88","slug":"ayushman-lakhimpur-news-bly376704257","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों में गोल्डन कार्ड पहुंचाने की योजना धड़ाम, भटक रहे लाभार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों में गोल्डन कार्ड पहुंचाने की योजना धड़ाम, भटक रहे लाभार्थी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच-पांच लाख के बीमा के जरिए गरीबों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दिलाने लिए एक साल पहले आयुष्मान योजना शुरू की थी। इसमें उन गरीबों को शामिल किया गया, जिनके नाम 2011 की आर्थिक जनगणना सूची में शामिल थे। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनने थे। इसके लिए केंद्र सरकार ने घर घर कार्ड और प्रधानमंत्री का पत्र भेजने शुरू किए, लेकिन इसमें भी तमाम गड़बड़ियां हुईं। इस कारण न तो लाभार्थियों को पत्र मिले और न ही उनके कार्ड ही बन सके। इस दौरान गांव में कुछ ऐसे भी लोग थे जिनके पास कार्ड पहुंचे तो कुछ लोगों के पास सिर्फ प्रधानमंत्री का पत्र ही। इस कारण लाभार्थी कार्ड बनवाने से लेकर सूची में अपना नाम जानने के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालांकि शासन स्तर से जब मॉनिटरिंग शुरू हुई तो अधिकारियों में खलबली बच गई। कार्रवाई से बचने के लिए अधिकारियों ने योजना का प्रचार कराने के साथ कार्ड बनवाने पर भी जोर देना शुरू कर दिया है।
सभी सीएचसी अधीक्षकों को 30 सितंबर तक 20-20 हजार गोल्डन कार्ड बनवाने का लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। यदि इसमें लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। -शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन
सभी सीएचसी अधीक्षकों को 30 सितंबर तक 20-20 हजार गोल्डन कार्ड बनवाने का लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। यदि इसमें लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। -शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन