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बहराइच के मास्टरमाइंड ने दो लाख रुपये का लालच देकर चर्च पर कराया था हमला
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लखीमपुर खीरी। एसपी के पुराने बंगले के पास स्थित क्राइस्ट चर्च पर करीब तीन साल पहले दो लाख रुपये का लालच देकर हमला कराया गया था। इस घटना में छह लोग शामिल थे। इस बात का खुलासा लखनऊ की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की जांच में हुआ है। जांच रिपोर्ट में एटीएस ने हमले में शामिल सभी छह लोगों के नाम भी खोले हैं। हमला क्यों किया गया, इसका खुलासा होना अभी बाकी है। सदर कोतवाली पुलिस इस मामले में फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर चुकी थी, मगर अब उसे दोबारा मामले की विवेचना करना होगा।
पुराने एसपी बंगले के निकट मोहल्ला कपूरथला स्थित क्राइस्ट चर्च पर 17 सिंतबर 2016 की रात 12.30 बजे दो बम धमाके हुए थे। धमाका इतना तेज था कि ग्रिल में लगीं लोहे की पत्तियां टूटकर दूर जा गिरी थीं। चर्च के प्रॉपर्टी इंचार्ज पादरी सीएल लायलकी की ओर से पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना एसआई रफी आलम को सौंपी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर मिले कणों को फोरेंसिक जांच के लिए आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजा था। जांच में पोटेशियम क्लोरेट, क्लोराइड, नाइट्रेट और सल्फर पाया गया था। विवेचक एसआई रफी आलम ने 12 अगस्त 2017 को अपनी विवेचना के कागजों में पर्चा नंबर 15 में हमलवारों की पहचान न होने का कारण दिखाते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
इधर फारेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद एटीएस ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और जांच शुरू की। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो एटीएस की जांच रिपोर्ट में छह नामों का खुलासा हुआ है। घटना में शामिल दो लोग कोतवाली धौरहरा, एक निघासन, दो बहराइच क्षेत्र के रहने वाला है और एक लखीमपुर शहर का है। एटीएस की जांच के मुताबिक बहराइच निवासी एक आरोपी ने दो लाख रुपये देने का वादा कर धमाका कराया था। हालांकि धमाका कराने की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। धमाका किसने और क्यों कराया। इसका खुलासा मास्टरमाइंड के पकड़े जाने पर होगा। एटीएस की जांच रिपोर्ट आने के बाद सदर कोतवाली पुलिस इस मामले की दोबारा विवेचना करेगी।
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पुलिस मान रही थी शरारत
तीन साल पहले 17 सितंबर की रात दो बार तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी थी। इससे चर्च का चौकीदार रामकुमार और उसका परिवार तो सहम ही गया था, आसपास रहने वाले लोग भी डर गए थे। चारों तरफ धुआं छा गया था। तत्कालीन डीएम आकाशदीप, एसपी अखिलेश चौरसिया, एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी आदि अफसर पहुंचे थे। उस वक्त पुलिस ने दावा किया था कि शरारती तत्वों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से सुतली बम फेंककर धमाका किया है। वहीं अब बम में केमिकल की बात सामने आने से स्पष्ट हो गया है कि साजिश काफी गहरी थी। इसका खुलासा मास्टरमाइंड के पकड़े जाने पर ही होगा।
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पुराने एसपी बंगले के निकट मोहल्ला कपूरथला स्थित क्राइस्ट चर्च पर 17 सिंतबर 2016 की रात 12.30 बजे दो बम धमाके हुए थे। धमाका इतना तेज था कि ग्रिल में लगीं लोहे की पत्तियां टूटकर दूर जा गिरी थीं। चर्च के प्रॉपर्टी इंचार्ज पादरी सीएल लायलकी की ओर से पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना एसआई रफी आलम को सौंपी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर मिले कणों को फोरेंसिक जांच के लिए आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजा था। जांच में पोटेशियम क्लोरेट, क्लोराइड, नाइट्रेट और सल्फर पाया गया था। विवेचक एसआई रफी आलम ने 12 अगस्त 2017 को अपनी विवेचना के कागजों में पर्चा नंबर 15 में हमलवारों की पहचान न होने का कारण दिखाते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
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इधर फारेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद एटीएस ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और जांच शुरू की। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो एटीएस की जांच रिपोर्ट में छह नामों का खुलासा हुआ है। घटना में शामिल दो लोग कोतवाली धौरहरा, एक निघासन, दो बहराइच क्षेत्र के रहने वाला है और एक लखीमपुर शहर का है। एटीएस की जांच के मुताबिक बहराइच निवासी एक आरोपी ने दो लाख रुपये देने का वादा कर धमाका कराया था। हालांकि धमाका कराने की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। धमाका किसने और क्यों कराया। इसका खुलासा मास्टरमाइंड के पकड़े जाने पर होगा। एटीएस की जांच रिपोर्ट आने के बाद सदर कोतवाली पुलिस इस मामले की दोबारा विवेचना करेगी।
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पुलिस मान रही थी शरारत
तीन साल पहले 17 सितंबर की रात दो बार तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी थी। इससे चर्च का चौकीदार रामकुमार और उसका परिवार तो सहम ही गया था, आसपास रहने वाले लोग भी डर गए थे। चारों तरफ धुआं छा गया था। तत्कालीन डीएम आकाशदीप, एसपी अखिलेश चौरसिया, एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी आदि अफसर पहुंचे थे। उस वक्त पुलिस ने दावा किया था कि शरारती तत्वों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से सुतली बम फेंककर धमाका किया है। वहीं अब बम में केमिकल की बात सामने आने से स्पष्ट हो गया है कि साजिश काफी गहरी थी। इसका खुलासा मास्टरमाइंड के पकड़े जाने पर ही होगा।