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अतिकुपोषित बच्चों के इलाज में कोताही, नोटिस जारी
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 21 Jan 2015 06:22 PM IST
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सरकार ने राज्य पोषण मिशन संचालित कर अतिकुपोषित बच्चों के इलाज का बीड़ा उठाया है। तो वहीं संबंधित विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शासन की मंशा को ठेंगा दिखा रहे हैं। सीडीओ नितीश कुमार ने पोषण पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया, तो कलई खुलकर सामने आ गई। 10 बेड क्षमता वाले केंद्र पर सिर्फ पांच बच्चे भर्ती मिले, जबकि पांच बेड खाली मिले। सीडीओ ने गंभीर रुख अपनाते हुए समस्त ब्लाकों की सीडीपीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को हिदायत दी है।
जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में अतिकुपोषित बच्चो को भर्ती कर मुफ्त इलाज किया जाता है। साथ ही बच्चे के माता/पिता को 100 रुपये प्रतिदिन की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके अलावा भर्ती बच्चे को मुफ्त भोजन देने की व्यवस्था है तो बच्चे को उसके घर से केंद्र तक लाने और वापस भेजने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस की व्यवस्था है। केंद्र के निरीक्षण के दौरान सीडीओ नितीश कुमार ने सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि जनपद में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा ऐसे बच्चों को भर्ती नहीं कराया जा रहा है, जिससे तमाम बच्चे लाभ से वंचित हैं। यह स्थिति कतई क्षम्य नहीं है। उन्होंने समस्त सीडीपीओ को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है, जिसमें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराए गए बच्चों का ब्यौरा मांगा है। इसके अलावा केंद्र में भर्ती सुनिश्चित कराने के लिए बच्चों की प्रतीक्षा सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. वीएस चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्यामकुमारी और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीबी राम मौजूद रहे।
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जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में अतिकुपोषित बच्चो को भर्ती कर मुफ्त इलाज किया जाता है। साथ ही बच्चे के माता/पिता को 100 रुपये प्रतिदिन की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके अलावा भर्ती बच्चे को मुफ्त भोजन देने की व्यवस्था है तो बच्चे को उसके घर से केंद्र तक लाने और वापस भेजने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस की व्यवस्था है। केंद्र के निरीक्षण के दौरान सीडीओ नितीश कुमार ने सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि जनपद में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा ऐसे बच्चों को भर्ती नहीं कराया जा रहा है, जिससे तमाम बच्चे लाभ से वंचित हैं। यह स्थिति कतई क्षम्य नहीं है। उन्होंने समस्त सीडीपीओ को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है, जिसमें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराए गए बच्चों का ब्यौरा मांगा है। इसके अलावा केंद्र में भर्ती सुनिश्चित कराने के लिए बच्चों की प्रतीक्षा सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. वीएस चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्यामकुमारी और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीबी राम मौजूद रहे।
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