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विधानसभा के चुनावी समर के लिए शुरू हुई मोर्चाबंदी
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 29 Mar 2016 11:00 PM IST
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election, amarujala
- फोटो : demopic
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जिले में सपा और बसपा के सभी प्रत्याशी लगभग तय
सबके पत्ते देखने के बाद भाजपा खोलेगी अपने पत्ते
विधानसभा चुनाव-2017 के लिए प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। प्रत्याशियों के चयन में इस बार सपा ने सबसे पहले अपने पत्ते खोले हैं। बसपा ने भी करीब-करीब सभी उम्मीदवारों का चयन कर लिया है। भारतीय जनता पार्टी के पास उम्मीदवारी के लिए दावेदारों की लंबी लाइन है लेकिन उम्मीदवारों का चयन करने में पसीने छूट रहे हैं।
जिले में कुल आठ विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से पांच सीटों पर समाजवादी पार्टी और तीन पर बसपा का कब्जा है। पिछले चुनाव में भाजपा निघासन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीती थी। यहां के विधायक अजय मिश्र टेनी के सांसद बन जाने से निघासन में उपचुनाव हुआ और यह भाजपा की एकलौती सीट भी सपा की झोली में चली गई। जिले की दोनों लोकसभा सीटें भाजपा के पास हैं।
समाजवादी पार्टी ने हाल ही में धौरहरा से पूर्व विधायक यशपाल चौधरी, मोहम्मदी से पूर्व विधायक आरए उस्मानी और पलिया से नगर पंचायत मैलानी की अध्यक्ष अनिता यादव को उम्मीदवार घोषित किया है। यह तीनों सीटें बसपा के कब्जे में हैं। अन्य पांच सीटों पर मौजूदा सपा विधायकों को टिकट मिलना तय माना जा रहा है।
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बसपा ने लखीमपुर सदर से सुरेंद्र पाल वर्मा, निघासन से मोहम्मद कयूम, गोला से कमलेश वर्मा, मोहम्मदी से दाउद अहमद, कस्ता से राजेश गौतम को विधानसभा प्रभारी बनाकर उम्मीदवार बनाए जाने के संकेत दे दिए हैं। मोहम्मदी के बसपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का रुझान भाजपा की ओर है। इससे उनकी जगह दाउद ले सकते हैं। पलिया में बसपा के रोमी साहनी और धौरहरा से शमशेर बहादुर सिंह पहले से काबिज हैं। इसके चलते इनको टिकट मिलना तय माना जा रहा है।
भाजपा में दावेदारों की लंबी लाइन
लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी सफलता के बाद आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा में उम्मीदवारी के लिए दावेदारों की लंबी कतार है ऐसे में पार्टी को उम्मीदवारों के चयन में काफी दिक्कत आ रही है। कांग्रेस के पास फिलहाल दावेदारों का टोटा है। इसके बावजूद कुछ पुराने कांग्रेसियों ने टिकट के लिए हाईकमान की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है।
चार साल में बदल गया जिले का राजनीतिक परिदृश्य
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद जिले के राजनीतिक परिदृश्य में काफी बदलाव आया है। राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर बसपा छोड़ भाजपा में शामिल हो चुके हैं। कस्ता विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े जुगुल किशोर के पुत्र सोनू सिंह अब भाजपा में हैं। यहीं से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े बंशीधर राज भी कांग्रेस छोड़ सपा में शामिल हुए। मौजूदा समय में वह जिला पंचायत अध्यक्ष है। इसी तरह पूर्व विधायक अरविंद गिरि कांग्रेस छोड़ पहले बसपा में गए। बाद में बसपा छोड़ भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
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सबके पत्ते देखने के बाद भाजपा खोलेगी अपने पत्ते
विधानसभा चुनाव-2017 के लिए प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। प्रत्याशियों के चयन में इस बार सपा ने सबसे पहले अपने पत्ते खोले हैं। बसपा ने भी करीब-करीब सभी उम्मीदवारों का चयन कर लिया है। भारतीय जनता पार्टी के पास उम्मीदवारी के लिए दावेदारों की लंबी लाइन है लेकिन उम्मीदवारों का चयन करने में पसीने छूट रहे हैं।
जिले में कुल आठ विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से पांच सीटों पर समाजवादी पार्टी और तीन पर बसपा का कब्जा है। पिछले चुनाव में भाजपा निघासन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीती थी। यहां के विधायक अजय मिश्र टेनी के सांसद बन जाने से निघासन में उपचुनाव हुआ और यह भाजपा की एकलौती सीट भी सपा की झोली में चली गई। जिले की दोनों लोकसभा सीटें भाजपा के पास हैं।
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समाजवादी पार्टी ने हाल ही में धौरहरा से पूर्व विधायक यशपाल चौधरी, मोहम्मदी से पूर्व विधायक आरए उस्मानी और पलिया से नगर पंचायत मैलानी की अध्यक्ष अनिता यादव को उम्मीदवार घोषित किया है। यह तीनों सीटें बसपा के कब्जे में हैं। अन्य पांच सीटों पर मौजूदा सपा विधायकों को टिकट मिलना तय माना जा रहा है।
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बसपा ने लखीमपुर सदर से सुरेंद्र पाल वर्मा, निघासन से मोहम्मद कयूम, गोला से कमलेश वर्मा, मोहम्मदी से दाउद अहमद, कस्ता से राजेश गौतम को विधानसभा प्रभारी बनाकर उम्मीदवार बनाए जाने के संकेत दे दिए हैं। मोहम्मदी के बसपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का रुझान भाजपा की ओर है। इससे उनकी जगह दाउद ले सकते हैं। पलिया में बसपा के रोमी साहनी और धौरहरा से शमशेर बहादुर सिंह पहले से काबिज हैं। इसके चलते इनको टिकट मिलना तय माना जा रहा है।
भाजपा में दावेदारों की लंबी लाइन
लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी सफलता के बाद आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा में उम्मीदवारी के लिए दावेदारों की लंबी कतार है ऐसे में पार्टी को उम्मीदवारों के चयन में काफी दिक्कत आ रही है। कांग्रेस के पास फिलहाल दावेदारों का टोटा है। इसके बावजूद कुछ पुराने कांग्रेसियों ने टिकट के लिए हाईकमान की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है।
चार साल में बदल गया जिले का राजनीतिक परिदृश्य
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद जिले के राजनीतिक परिदृश्य में काफी बदलाव आया है। राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर बसपा छोड़ भाजपा में शामिल हो चुके हैं। कस्ता विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े जुगुल किशोर के पुत्र सोनू सिंह अब भाजपा में हैं। यहीं से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े बंशीधर राज भी कांग्रेस छोड़ सपा में शामिल हुए। मौजूदा समय में वह जिला पंचायत अध्यक्ष है। इसी तरह पूर्व विधायक अरविंद गिरि कांग्रेस छोड़ पहले बसपा में गए। बाद में बसपा छोड़ भाजपा का दामन थाम चुके हैं।