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Lakhimpur Kheri Violence: चार महीने बाद जेल से रिहा हुआ मंत्री का बेटा आशीष मिश्र, प्रियंका ने साधा निशाना
Wed, 16 Feb 2022 01:05 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 16 Feb 2022 01:05 AM IST
सार
सोमवार को जिला जेल में आशीष मिश्र की जमानत आदेश के संबंध में जमानतदार दाखिल किए गए थे। इनके सत्यापन रिपोर्ट मंगलवार को जिला जज अदालत में प्राप्त होने पर जिला जज मुकेश मिश्रा ने जमानत प्राप्त आशीष मिश्र मोनू की रिहाई आदेश जिला कारागार खीरी को भेज दिया।
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आशीष मिश्र जेल के पिछले दरवाजे से निकलकर पहुंचा घर
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
विस्तार
तिकुनिया हिंसा मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जिला जेल में बंद मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा आशीष मिश्र मंगलवार शाम पौने पांच बजे जेल से रिहा हो गया। 128 दिन जेल में बिताने के बाद आशीष को 129वें दिन जेल से रिहा किया गया। एसआईटी ने पूछताछ के दौरान नौ अक्तूबर की आधी रात को उसे गिरफ्तार किया था।
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प्रियंका ने जमानत पर सरकार को घेरा
आशीष मिश्र को जमानत मिलने पर प्रियंका गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करनी चाहिए। सरकार का कहना है कि वे किसान समर्थक हैं। उन्हें मामले को मजबूती से रखना होगा ताकि आरोपियों को जमानत न मिले।
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एसआईटी ने दाखिल की थी 5000 पन्नों की चार्जशीट
तीन अक्तूबर को तिकुनिया में हुई हिंसा मामले में एसआईटी ने तीन महीने के अंदर सीजेएम अदालत में तीन जनवरी को 5000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाते हुए 13 आरोपियों को मुल्जिम बताया था। इन सभी के खिलाफ सोची समझी साजिश के तहत हत्या, हत्या का प्रयास, अंग भंग की धाराओं समेत आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी सशर्त मंजूर कर ली थी। लेकिन जमानत आदेश में धारा 302 और 120 बी का जिक्र नहीं था। लिहाजा 11 फरवरी को आशीष मिश्र के वकील ने जमानत आदेश में सुधार की अदालत में अर्जी लगाई थी, जिसके बाद 14 फरवरी को हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए जमानत आदेश में हत्या व साजिश की धाराएं जोड़ने का आदेश दिया था।
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जेल प्रशासन ने पिछले दरवाजे से आशीष मिश्र मोनू को जेल से बाहर निकाला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद आशीष मिश्र को जमानत का आदेश 14 फरवरी को जिला जज अदालत में पेश हुआ था और दो जमानतदार दाखिल किए गए थे। मंगलवार की सुबह जमानतदारों की हैसियत व सत्यापन रिपोर्ट जिला जज अदालत में प्राप्त हो गई। जिला जज मुकेश मिश्र ने दोपहर में आशीष मिश्र मोनू का रिहाई आदेश जिला जेल में भेज दिया। इसके बाद मंगलवार शाम पौने पांच बजे जेल प्रशासन ने आशीष मिश्र मोनू को रिहा कर दिया। इस दौरान जेल प्रशासन ने मीडिया को भी चकमा दिया और पिछले दरवाजे से एक निजी गाड़ी से आशीष मिश्र मोनू को जिला जेल से बाहर निकल दिया। जबकि मीडियाकर्मी जेल के मुख्य गेट के बाहर डटे रहे।
वकील ने एसआईटी के आरोप पत्र को फर्जी बताया
सफेद रंग की एसयूवी से करीब पांच बजे आशीष मिश्र मोनू शाहपुरा कोठी स्थित अपने घर पहुंच गया। जबकि, करीब आधे घंटे बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी जब अपने घर पहुंचे तो मीडिया ने उनकी गाड़ी को घेर लिया लेकिन, वह कार के अंदर ही बैठे रहे और मीडिया से मुंह मोड़े रहे। उधर, आशीष मिश्र के वकील अवधेश सिंह ने हाईकोर्ट के आदेश पर संतुष्टि जताते हुए एसआईटी के आरोप पत्र को फर्जी बताया।