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Lakhimpur Kheri News: श्रीराम के धनुष तोड़ते ही हुई पुष्प वर्षा
Mon, 06 Oct 2025 11:29 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 06 Oct 2025 11:29 PM IST
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श्रीराम कथा में भक्ति रस में डूबे श्रोता। स्रोत: आयोजक
गोला गोकर्णनाथ। क्षेत्र के श्री हनुमान मंदिर सुहेला में हो रही श्रीराम कथा में कथा व्यास आचार्य अजयानंद महाराज ने सीता स्वयंवर की कथा सुनाकर श्रोताओें को भाव विभोर कर दिया।
कथा व्यास ने कहा कि गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार कर प्रभु श्रीराम विश्वामित्र के साथ जनकपुरी में प्रवेश करते हैं। जनकपुरी की अनुपम सुंदरता देख राम और लक्ष्मण चमत्कृत हैं। दूसरी तरफ जनकपुर के लोग भगवान श्री राम को देखकर अपना सौभाग्य मना रहे हैं। रात्रि विश्राम के उपरांत लक्ष्मण के आग्रह पर श्रीराम गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर पुष्प वाटिका देखने जाते हैं। जानकी जी और श्रीराम की प्रथम भेंट पुष्प वाटिका में होती है। व्यास ने कहा सीता स्वयंवर के लिए देश विदेश के अनेक राजा उपस्थित हुए,लेकिन शिव धनुष को तोड़ना तो दूर कोई हिला भी न सका। तभी गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम धनुष भंग करने के लिए आगे बढ़ते हैं। प्रभु श्रीराम के धनुष भंग करते ही देवता गण आकाश से पुष्प वर्षा करने लगे। सीता स्वयंवर की पावन कथा सुनकर श्रोता भाव विभोर हो पुष्पों की वर्षा करने लगे।
इस मौके पर पर मीनाक्षी अग्रवाल, शशिबाला रावडा, अवधेश कुमार मिश्र, प्रेमप्रकाश शुक्ल, सोम दत्त तिवारी, राजकुमार शुक्ल, आनंद त्रिवेदी, शरद गुप्त, अमित साहनी, सुधा मिश्र, नीना अग्निहोत्री, जया अग्निहोत्री तथा अक्षय अवस्थी आदि मौजूद रहे।
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कथा व्यास ने कहा कि गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार कर प्रभु श्रीराम विश्वामित्र के साथ जनकपुरी में प्रवेश करते हैं। जनकपुरी की अनुपम सुंदरता देख राम और लक्ष्मण चमत्कृत हैं। दूसरी तरफ जनकपुर के लोग भगवान श्री राम को देखकर अपना सौभाग्य मना रहे हैं। रात्रि विश्राम के उपरांत लक्ष्मण के आग्रह पर श्रीराम गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर पुष्प वाटिका देखने जाते हैं। जानकी जी और श्रीराम की प्रथम भेंट पुष्प वाटिका में होती है। व्यास ने कहा सीता स्वयंवर के लिए देश विदेश के अनेक राजा उपस्थित हुए,लेकिन शिव धनुष को तोड़ना तो दूर कोई हिला भी न सका। तभी गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम धनुष भंग करने के लिए आगे बढ़ते हैं। प्रभु श्रीराम के धनुष भंग करते ही देवता गण आकाश से पुष्प वर्षा करने लगे। सीता स्वयंवर की पावन कथा सुनकर श्रोता भाव विभोर हो पुष्पों की वर्षा करने लगे।
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इस मौके पर पर मीनाक्षी अग्रवाल, शशिबाला रावडा, अवधेश कुमार मिश्र, प्रेमप्रकाश शुक्ल, सोम दत्त तिवारी, राजकुमार शुक्ल, आनंद त्रिवेदी, शरद गुप्त, अमित साहनी, सुधा मिश्र, नीना अग्निहोत्री, जया अग्निहोत्री तथा अक्षय अवस्थी आदि मौजूद रहे।
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