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टीईटी निरस्त होने से अधूरे रह गए अरमान, मायूस लौटे अभ्यर्थी
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परीक्षा निरस्त होने की सूचना पर केंद्र से बाहर आते अभ्यर्थी।
अभ्यर्थियों के आक्रोश को देखते हुए पूरा शहर बना रहा पुलिस छावनी
केवल अधूरे दस्तावेज के कारण पेपर न दे पाने वाले अभ्यर्थी दिखे खुश
लखीमपुर खीरी। शहर के 23 परीक्षा केंद्रों पर रविवार की सुबह अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शुरू हुई। परीक्षार्थी करीब आधा पेपर हल करने की स्थिति में पहुंच गए थे, इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि परीक्षा निरस्त कर दी गई है। यह सूचना मिलते ही अभ्यर्थियों के सारे अरमान धरे के धरे रह गए। अभ्यर्थी बेहद भारी कदमों से परीक्षा कक्ष से बाहर निकले और घरों को लौटने लगे। उधर, परीक्षा निरस्त होने पर अभ्यर्थियों का कहीं आक्रोश न फूट पड़े इसको लेकर पूरा शहर छावनी में तब्दील रहा।
अध्यापक पात्रता परीक्षा देने के लिए सुबह साढ़े आठ बजे से ही अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंच गए। निर्धारित समय से करीब एक घंटा पहले अभ्यर्थियों का तलाशी अभियान शुरू हुआ, जिससे समय से अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष पहुंच सकें। पेपर शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद जीआईसी पहुंचे डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने शासन के निर्देश पर परीक्षा के निरस्तीकरण की सूचना दी। इससे अभ्यर्थी मायूस हो गए।
उधर, अभ्यर्थियों के रोष को भांपते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर होकर शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। परीक्षा केंद्र, चौराहों से लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात हो गया। वहीं सीओ सिटी ने पैदल भ्रमण कर उपद्रव करने वालों से सख्ती से निपटने का संदेश दिया।
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प्रशासन की मेहनत पर फिर गया पानी
शांतिपूर्वक और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी। पिछले दो दिन से डीएम और डीआईओएस चाक चौबंद व्यवस्था कराने में लगे थे। शासन की ओर से टीईटी को लेकर नामित जिले की नोडल संयुक्त शिक्षा निदेशक ट्रेनिंग प्रयागराज गायत्री देवी भी रविवार सुबह छह बजे जिले में आ गईं। परीक्षा निरस्त होने से पहले दो केंद्रों का निरीक्षण भी किया, लेकिन निरस्तीकरण की सूचना के बाद वापस लौट गईं।
रोडवेज बस अड्डे पर भी तैनात रही पुलिस
टीईटी छूटने के बाद रोडवेज बस अड्डे पर अभ्यर्थियों की उमड़ने वाली भीड़ को लेकर रोडवेज और पुलिस प्रशासन बेहद अलर्ट रहा। मगर, पेपर निरस्त होने के बाद रोडवेज बस अड्डे पर सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हो गया, जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी स्थिति से निपटा जा सके।
रोडवेज बस में नि:शुल्क यात्रा को लेकर रहा असमंजस
पेपर निरस्त होने के बाद सोशल मीडिया पर परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा करने का मेसेज वायरल हो गया। इससे अभ्यर्थियों और परिचालकों में असमंजस की स्थिति बन गई। हालांकि इसको लेकर परिचालक अधिकारियों को फोन कर जानकारी जुटाते रहे। मगर विभागीय आदेश जारी न होने की वजह से परिचालक टिकट बनाने के लिए मजबूर हो गए।
शासन से प्राप्त निर्देशानुसार अध्यापक पात्रता परीक्षा निरस्त हुई है। परीक्षा अभिलेखों को ट्रेजरी में रखवा दिया गया है। शासन की ओर से जल्द ही परीक्षा की अगली तिथि घोषित हो सकती है।
- ओपी त्रिपाठी, डीआईओएस
पेपर निरस्त होने से कहीं खुशी तो कहीं रहा गम
टीईटी का पेपर निरस्त होने से अभ्यर्थियों में खुशी और गम दोनों दिखाई दिए। खुश वो अभ्यर्थी थे जो मूल अंकपत्र सहित प्रवेश पत्र की प्रमाणित प्रति के अभाव में परीक्षा नहीं दे सके, जबकि गम उन छात्रों में था जो पेपर आसान देखकर खुश थे और 40 से 50 सवालों के उत्तर लिख चुके थे।
काशीनगर निवासी इंदिरा मेहरोत्रा प्रपत्र प्रमाणित न होने की वजह से परीक्षा नहीं दे सकीं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष यह शर्त नहीं थी, लेकिन इस बार पेपर देने से रोंक दिया गया। परीक्षा रद्द हो गई, यह अच्छा रहा। अगली बार प्रमाणित प्रपत्र लेकर आएंगे।
सिविल लाइंस निवासी श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि पेपर निरस्त होने की सूचना से बड़ा झटका लगा। अधिकतर पढ़ा हुआ ही पेपर में आया था। करीब 60 प्रश्नों के उत्तर भी हल कर लिए थे। मगर, सरकार का यह निर्णय बेहद गलत है।
मिदनियां गढ़ी निवासी नीलम शुक्ला ने बताया कि पेपर काफी सरल था। पूरा विश्वास था कि परीक्षा में अच्छे अंक मिलेंगे, लेकिन एक तब तक निरस्त होने की मनहूस खबर आ गई। सारी मेहनत पर पानी फिर गया।
प्यारेपुर निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कक्ष निरीक्षक ने बिना कारण बताए परीक्षा निरस्त होने का आदेश सुना दिया। काफी अच्छी तैैयारी की थी। सब पर पानी फिर गया। अब देखो कब परीक्षा होती है और कैसा पेपर आता है।
नौरंगाबाद निवासी नईम अख्तर बताते हैं कि पेपर देखकर जितना मन प्रसन्न था। उतना ही परीक्षा रद्द होने से दुखी हो गया है। करीब 50 प्रश्न भी हल कर दिए थे। पेपर देखकर पूरा विश्वास हो गया था कि रिजल्ट अच्छा आएगा। सब बेकार हो गया।
इमली चौराहा निवासी ज्योति गुप्ता ने बताया कि हिंदी के प्रश्न बेहद सरल थे। पेपर निरस्त होने का अफसोस है। अब देखो कब पेपर होता है। इसके रद्द होने से अन्य पेपर की तैयारियां भी प्रभावित हो गईं। अब फिर से इसकी तैयारी करनी होगी।
छाउछ निवासी अभय प्रताप ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब पेपर देने के दौरान निरस्त होने की सूचना मिली। यह सुनकर बड़ा धक्का लगा। करीब 50 सवाल भी कर डाले। सारी मेहनत बेकार गई। अब फिर से इसकी तैयारी में लगना होगा।
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केवल अधूरे दस्तावेज के कारण पेपर न दे पाने वाले अभ्यर्थी दिखे खुश
लखीमपुर खीरी। शहर के 23 परीक्षा केंद्रों पर रविवार की सुबह अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शुरू हुई। परीक्षार्थी करीब आधा पेपर हल करने की स्थिति में पहुंच गए थे, इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि परीक्षा निरस्त कर दी गई है। यह सूचना मिलते ही अभ्यर्थियों के सारे अरमान धरे के धरे रह गए। अभ्यर्थी बेहद भारी कदमों से परीक्षा कक्ष से बाहर निकले और घरों को लौटने लगे। उधर, परीक्षा निरस्त होने पर अभ्यर्थियों का कहीं आक्रोश न फूट पड़े इसको लेकर पूरा शहर छावनी में तब्दील रहा।
अध्यापक पात्रता परीक्षा देने के लिए सुबह साढ़े आठ बजे से ही अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंच गए। निर्धारित समय से करीब एक घंटा पहले अभ्यर्थियों का तलाशी अभियान शुरू हुआ, जिससे समय से अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष पहुंच सकें। पेपर शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद जीआईसी पहुंचे डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने शासन के निर्देश पर परीक्षा के निरस्तीकरण की सूचना दी। इससे अभ्यर्थी मायूस हो गए।
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उधर, अभ्यर्थियों के रोष को भांपते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर होकर शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। परीक्षा केंद्र, चौराहों से लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात हो गया। वहीं सीओ सिटी ने पैदल भ्रमण कर उपद्रव करने वालों से सख्ती से निपटने का संदेश दिया।
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प्रशासन की मेहनत पर फिर गया पानी
शांतिपूर्वक और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी। पिछले दो दिन से डीएम और डीआईओएस चाक चौबंद व्यवस्था कराने में लगे थे। शासन की ओर से टीईटी को लेकर नामित जिले की नोडल संयुक्त शिक्षा निदेशक ट्रेनिंग प्रयागराज गायत्री देवी भी रविवार सुबह छह बजे जिले में आ गईं। परीक्षा निरस्त होने से पहले दो केंद्रों का निरीक्षण भी किया, लेकिन निरस्तीकरण की सूचना के बाद वापस लौट गईं।
रोडवेज बस अड्डे पर भी तैनात रही पुलिस
टीईटी छूटने के बाद रोडवेज बस अड्डे पर अभ्यर्थियों की उमड़ने वाली भीड़ को लेकर रोडवेज और पुलिस प्रशासन बेहद अलर्ट रहा। मगर, पेपर निरस्त होने के बाद रोडवेज बस अड्डे पर सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हो गया, जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी स्थिति से निपटा जा सके।
रोडवेज बस में नि:शुल्क यात्रा को लेकर रहा असमंजस
पेपर निरस्त होने के बाद सोशल मीडिया पर परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा करने का मेसेज वायरल हो गया। इससे अभ्यर्थियों और परिचालकों में असमंजस की स्थिति बन गई। हालांकि इसको लेकर परिचालक अधिकारियों को फोन कर जानकारी जुटाते रहे। मगर विभागीय आदेश जारी न होने की वजह से परिचालक टिकट बनाने के लिए मजबूर हो गए।
शासन से प्राप्त निर्देशानुसार अध्यापक पात्रता परीक्षा निरस्त हुई है। परीक्षा अभिलेखों को ट्रेजरी में रखवा दिया गया है। शासन की ओर से जल्द ही परीक्षा की अगली तिथि घोषित हो सकती है।
- ओपी त्रिपाठी, डीआईओएस
पेपर निरस्त होने से कहीं खुशी तो कहीं रहा गम
टीईटी का पेपर निरस्त होने से अभ्यर्थियों में खुशी और गम दोनों दिखाई दिए। खुश वो अभ्यर्थी थे जो मूल अंकपत्र सहित प्रवेश पत्र की प्रमाणित प्रति के अभाव में परीक्षा नहीं दे सके, जबकि गम उन छात्रों में था जो पेपर आसान देखकर खुश थे और 40 से 50 सवालों के उत्तर लिख चुके थे।
काशीनगर निवासी इंदिरा मेहरोत्रा प्रपत्र प्रमाणित न होने की वजह से परीक्षा नहीं दे सकीं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष यह शर्त नहीं थी, लेकिन इस बार पेपर देने से रोंक दिया गया। परीक्षा रद्द हो गई, यह अच्छा रहा। अगली बार प्रमाणित प्रपत्र लेकर आएंगे।
सिविल लाइंस निवासी श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि पेपर निरस्त होने की सूचना से बड़ा झटका लगा। अधिकतर पढ़ा हुआ ही पेपर में आया था। करीब 60 प्रश्नों के उत्तर भी हल कर लिए थे। मगर, सरकार का यह निर्णय बेहद गलत है।
मिदनियां गढ़ी निवासी नीलम शुक्ला ने बताया कि पेपर काफी सरल था। पूरा विश्वास था कि परीक्षा में अच्छे अंक मिलेंगे, लेकिन एक तब तक निरस्त होने की मनहूस खबर आ गई। सारी मेहनत पर पानी फिर गया।
प्यारेपुर निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कक्ष निरीक्षक ने बिना कारण बताए परीक्षा निरस्त होने का आदेश सुना दिया। काफी अच्छी तैैयारी की थी। सब पर पानी फिर गया। अब देखो कब परीक्षा होती है और कैसा पेपर आता है।
नौरंगाबाद निवासी नईम अख्तर बताते हैं कि पेपर देखकर जितना मन प्रसन्न था। उतना ही परीक्षा रद्द होने से दुखी हो गया है। करीब 50 प्रश्न भी हल कर दिए थे। पेपर देखकर पूरा विश्वास हो गया था कि रिजल्ट अच्छा आएगा। सब बेकार हो गया।
इमली चौराहा निवासी ज्योति गुप्ता ने बताया कि हिंदी के प्रश्न बेहद सरल थे। पेपर निरस्त होने का अफसोस है। अब देखो कब पेपर होता है। इसके रद्द होने से अन्य पेपर की तैयारियां भी प्रभावित हो गईं। अब फिर से इसकी तैयारी करनी होगी।
छाउछ निवासी अभय प्रताप ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब पेपर देने के दौरान निरस्त होने की सूचना मिली। यह सुनकर बड़ा धक्का लगा। करीब 50 सवाल भी कर डाले। सारी मेहनत बेकार गई। अब फिर से इसकी तैयारी में लगना होगा।