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ज्ञान विज्ञान और संस्कृति की संवाहक हैं बेटियां

Thu, 27 Feb 2020 07:21 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2020 07:21 PM IST
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गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। अमर उजाला की अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत गुरुवार को कृषक समाज इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य पर अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य वर्ष पर हुई गोष्ठी में बेटियों को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य के प्रति विषाणुजनित रोगों से बचाव प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया। बेटियों ने महान वैज्ञानिक सीवी रमन को याद कर नारी गरिमा का साझा संकल्प लिया। मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य डॉ. लखपतराम वर्मा ने कहा कि बेटियां ज्ञान, विज्ञान और भारतीय संस्कृति की संवाहक हैं।
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उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस को अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य वर्ष मनाने का फैसला लिया है। पर्यावरण को स्वच्छ रखिए, स्वस्थ रहें, राष्ट्रीय आयुष मिशन औषधि पौधे एवं अन्य पौधों को भी लगाएं ताकि हमारा पर्यावरण स्वच्छ रहे। इस वैज्ञानिक युग में बालिकाएं किचन से आईएएस अधिकारी तक का सफर बखूबी तय कर नगर, देश का नाम रोशन कर रहीं हैं, यह गर्व की बात है। जीव विज्ञान प्रवक्ता डॉ अनिल कुमार ने बताया कि पर्यावरण में इस समय विभिन्न प्रकार के जीवाणु, विषाणु जनित संक्रमित रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना है क्योंकि स्वस्थ जीवन के लिए पर्यावरण का संतुलन बहुत आवश्यक है। संचालन देवेंद्र सिंह ने किया।
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इस मौके पर सुमन कनौजिया, शशिवाला, रूबी बानो, अनुपम वर्मा, आरती गुप्ता, श्रेया मिश्रा, अरुण शेखर, कौशल किशोर वर्मा, सरोज वर्मा, हसीब अख्तर अंसारी, अनूप वर्मा, राजीव वर्मा आदि मौजूद रहे।
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इंटर की छात्रा आयुषी मिश्रा का कहना है कि जहां हम एक ओर पढ़ाई से लेकर घर, गृहस्थी के कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं, वहीं स्वस्थ्य जीवन में पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी हमारी है। जरूरी है कि घर में तुलसी का पौधा जरूर लगाएं।
छात्रा कशिश का कहना है कि पर्यावरण में पेड़ पौधों का विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति में वृक्षों, पौधों के संरक्षण के लिए पीपल, नीम, बरगद, आंवला, केला आदि को धार्मिक मान्यता के साथ जोड़ा गया है।
रुखसार का कहना है कि पेड़ पौधों को लगातार हो रहे नुकसान से ही पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। जिससे दिन प्रतिदिन संक्रमण से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

समीरा फातिमा का कहना है कि पेड़ पौधे जहां प्राण वायु को शुद्ध करते हैं वहीं तपती गर्मी में छाया देकर परोपकार का संदेश देते हैं। साथ ही पेड़ पौधे तमाम गुणों की खान हैं। सभी को पौधरोपण और वृक्षों का संरक्षण करना चाहिए।
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