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आंगनबाड़ी केंद्रों पर खुले में पढ़ रहे नौनिहाल
अमर उजाला ब्यूरो बांकेगंज।
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:11 PM IST
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आंगनबाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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बांकेगंज ब्लाक के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रो को भवन नसीब नहीं
यहां अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों के पास न छत है न बच्चों को बैठने की पर्याप्त व्यवस्था। ऐसे में कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच नन्हे-मुन्ने खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं।
बांकेगंज ब्लाक में कुल 227 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से अधिकतर सरकारी स्कूलों में तो कुछ प्राइवेट भवनों में किराए पर चल रहे हैं। गांवों में एक-एक कमरा किराए पर लेकर चलाए जा रहे इन केंद्रों पर बच्चों को बैठाने की कोई जगह नहीं है। जो कमरा किराए पर लिया गया है उनमें पोषाहार भरा हुआ है। हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड में बच्चे पेड़ों या खुले आसमान के नीचे प्लास्टिक की खाली बोरियों पर बैठ कर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ब्लाक क्षेत्र में सौ से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे है, जिनके पास भवन के नाम पर कुछ भी नहीं है।
यहां तक कि ब्लाक, बीआरसी और आंगनबाड़ी मुख्यालय की नाक के नीचे एक झाऊपुर, श्यामपुर, रमतलिया, केसरी पुर, हरीपुर, बांकेपुर, चौधीपुर, पिपरिया, अंबेडकर नगर, मोतीपुर आदि गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र भवनविहीन हैं। इस संबध में प्रभारी सीडीपीओ दयावती का कहना है ब्लाक बांकेगंज क्षेत्र में सौ आंगनबाड़ी केंद्र भवनविहीन है। इसमें दस आंगनबाड़ी केंद्रों क्रमश: अन्नापुर, छेदीपुर, पकरिया, भम्मापुर, पहाड़पुर, ऐबीपुर, संसारपुर, मुस्तफाबाद, पचतौर और बिलासपुर में भवन निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। शेष 90 भवनों को बनावाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
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एसडीएम गोला घनश्याम त्रिपाठी के अनुसार मामला संज्ञान में आया है। मामला गंभीर है। तहसील क्षेत्र के मजरों में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए विभाग से प्रस्ताव मिलते ही भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
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यहां अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों के पास न छत है न बच्चों को बैठने की पर्याप्त व्यवस्था। ऐसे में कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच नन्हे-मुन्ने खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं।
बांकेगंज ब्लाक में कुल 227 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से अधिकतर सरकारी स्कूलों में तो कुछ प्राइवेट भवनों में किराए पर चल रहे हैं। गांवों में एक-एक कमरा किराए पर लेकर चलाए जा रहे इन केंद्रों पर बच्चों को बैठाने की कोई जगह नहीं है। जो कमरा किराए पर लिया गया है उनमें पोषाहार भरा हुआ है। हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड में बच्चे पेड़ों या खुले आसमान के नीचे प्लास्टिक की खाली बोरियों पर बैठ कर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ब्लाक क्षेत्र में सौ से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे है, जिनके पास भवन के नाम पर कुछ भी नहीं है।
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यहां तक कि ब्लाक, बीआरसी और आंगनबाड़ी मुख्यालय की नाक के नीचे एक झाऊपुर, श्यामपुर, रमतलिया, केसरी पुर, हरीपुर, बांकेपुर, चौधीपुर, पिपरिया, अंबेडकर नगर, मोतीपुर आदि गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र भवनविहीन हैं। इस संबध में प्रभारी सीडीपीओ दयावती का कहना है ब्लाक बांकेगंज क्षेत्र में सौ आंगनबाड़ी केंद्र भवनविहीन है। इसमें दस आंगनबाड़ी केंद्रों क्रमश: अन्नापुर, छेदीपुर, पकरिया, भम्मापुर, पहाड़पुर, ऐबीपुर, संसारपुर, मुस्तफाबाद, पचतौर और बिलासपुर में भवन निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। शेष 90 भवनों को बनावाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
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एसडीएम गोला घनश्याम त्रिपाठी के अनुसार मामला संज्ञान में आया है। मामला गंभीर है। तहसील क्षेत्र के मजरों में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए विभाग से प्रस्ताव मिलते ही भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।