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जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाटकुक्ड का वितरण ठप
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 11 Feb 2015 07:38 PM IST
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जिले के 3,503 आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाटकुक्ड का वितरण बंद हो गया है। जनवरी में फिरोजाबाद जिले में धांधली पकड़े जाने पर कार्रवाई की आंच खीरी तक पहुंच गई। इसके बाद जिले में काम कर रहे दो एनजीओ को ब्लैक लिस्टेड किया गया। अब फरवरी में सभी ब्लाकों में हाटकुक्ड का वितरण बंद हो गया है। इससे राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम को झटका लगा है।
बता दें कि मिड-डे-मील की भांति ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर करीब सात साल पहले हाटकुक्ड व्यवस्था संचालित की गई थी। योजना के तहत तीन से छह वर्ष तक बच्चों को केंद्र पर ही पका-पकाया भोजन दिया जाता है। इसके लिए लिए मेन्यू भी तय है। 2014 में कई माह की देरी से सितंबर में हाटकुक्ड वितरण की शुरुआत करते हुए जिम्मेदारी एनजीओ को दी गई थी।
फिरोजाबाद जिले में पकड़ी गई गड़बड़ियों के कारण दो एनजीओ को ब्लैक लिस्टेड किया गया था। वहां की गई कार्रवाई के बाद जिले में काम कर रही सेंटर फार नेशनल डेवलपमेंट और जनचेतना जागृति शिक्षण संस्थान का कार्य 25 जनवरी से बंद करा दिया गया। तत्कालीन डीएम ने भी एनजीओ से काम बंद कराने के मौखिक निर्देश दिए थे।
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15 ब्लाकों में योजना ठप
धौरहरा, ईसानगर, मितौली, बेहजम और बांकेगंज ब्लाक में 25 जनवरी से हाटकुक्ड आपूर्ति बंद हो चुकी थी। इसके बाद फरवरी में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग निदेशक ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को मौखिक रूप से समस्त एनजीओ को सरेंडर कराने के निर्देश दिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम कुमारी ने बताया कि निदेशालय से मिले निर्देशों के अनुसार एनजीओ का काम बंद कराया गया है। 11 ब्लाकों में काम कर रहे सभी एनजीओ ने लिखित तौर पर सरेंडर कर दिया है। फूलबेहड़, नकहा, बांकेगंज और कुंभी में काम कर रहे दो एनजीओ बाल विकास और स्वजन शिक्षण संस्थान ने लिखित सूचना नहीं दी है लेकिन हाटकुक्ड वितरण बंद कराया जा चुका है।
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बता दें कि मिड-डे-मील की भांति ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर करीब सात साल पहले हाटकुक्ड व्यवस्था संचालित की गई थी। योजना के तहत तीन से छह वर्ष तक बच्चों को केंद्र पर ही पका-पकाया भोजन दिया जाता है। इसके लिए लिए मेन्यू भी तय है। 2014 में कई माह की देरी से सितंबर में हाटकुक्ड वितरण की शुरुआत करते हुए जिम्मेदारी एनजीओ को दी गई थी।
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फिरोजाबाद जिले में पकड़ी गई गड़बड़ियों के कारण दो एनजीओ को ब्लैक लिस्टेड किया गया था। वहां की गई कार्रवाई के बाद जिले में काम कर रही सेंटर फार नेशनल डेवलपमेंट और जनचेतना जागृति शिक्षण संस्थान का कार्य 25 जनवरी से बंद करा दिया गया। तत्कालीन डीएम ने भी एनजीओ से काम बंद कराने के मौखिक निर्देश दिए थे।
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15 ब्लाकों में योजना ठप
धौरहरा, ईसानगर, मितौली, बेहजम और बांकेगंज ब्लाक में 25 जनवरी से हाटकुक्ड आपूर्ति बंद हो चुकी थी। इसके बाद फरवरी में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग निदेशक ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को मौखिक रूप से समस्त एनजीओ को सरेंडर कराने के निर्देश दिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम कुमारी ने बताया कि निदेशालय से मिले निर्देशों के अनुसार एनजीओ का काम बंद कराया गया है। 11 ब्लाकों में काम कर रहे सभी एनजीओ ने लिखित तौर पर सरेंडर कर दिया है। फूलबेहड़, नकहा, बांकेगंज और कुंभी में काम कर रहे दो एनजीओ बाल विकास और स्वजन शिक्षण संस्थान ने लिखित सूचना नहीं दी है लेकिन हाटकुक्ड वितरण बंद कराया जा चुका है।