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खीरीः सुरक्षा के तमाम दावों के बीच दुधवा में लगातार बाघों की मौत

Mon, 27 Sep 2021 01:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 01:40 AM IST
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Amidst all the claims of security, the death of tigers continues in Dudhwa
बाघ के शावक का शव।

तीन साल के अंदर आठ बाघों की हो चुकी है अस्वाभाविक मौत

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बांकेगंज। सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की अस्वाभाविक मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। डीटीआर बफरजोन की मैलानी रेंज में रविवार को बाघ शावक का शव मिलने से पहले भी कई बाघों के शव मिल चुके हैं, जिनकी अस्वाभाविक मौत हुई थी। इनमें से अधिकांश मामलों का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। इनमें कुछ मामले शिकार से भी संबंधित हैं।
दो साल पहले दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला रेंज में बिझौली गांव के पास मिले बाघिन के शव के पोस्टमार्टम के बाद बिसरे की जांच में आर्गेनोफॉस्फेट नाम तीव्र जहर की पुष्टि हुई थी। इसमें किशनपुर सेंक्चुरी और मैलानी रेंज में एक बाघिन और एक बाघ के गले में रस्सी का फंदा डालकर शिकारियों ने मारने की कोशिश की थी। इसमें मैलानी रेंज की बाघिन इस फंदे से मौत का शिकार हुई थी, जबकि किशनपुर सेंक्चुरी में कड़ी मशक्त के बाद बाघ के गले से नॉयलान की रस्सी का फंदा निकालकर उसकी जान बचा ली गई थी। यह घटनाएं बाघों के सुरक्षा की तमाम दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। इसमें खास बात यह है कि एक साल के अंदर गोला और मैलानी रेंज में दो बाघ शावकों की अस्वाभाविक मौतें हुई हैं, वनाधिकारियों के मुताबिक दोनों ही शव मादा थे।
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तीन सालों में बाघों की मौत के आंकड़े

  • जुलाई 2019- दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज के बिझौली गांव में बड़ी नहर में एक बाघिन का शव उतराता मिला।
  • 11 अगस्त 2019- दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के हरदुआ गांव के पास एक बाघिन का शव मिला, जिसकी गर्दन में नॉयलान की रस्सी का फंदा पड़ा था।
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  • 17 दिसंबर 2020- किशनपुर सेंक्चुरी की कटैया बीट में एक बाघ के शिकार का प्रयास, इस बाघ के गर्दन में भी नॉयलान की रस्सी का फंदा पड़ा था। शिकारियों के हत्थे नहीं चढ़ सका बाघ।
  • फरवरी 2020- किशनपुर सेंक्चुरी की कटैया बीट में एक बाघिन का शव मिला।
  • 27 जनवरी 2021- दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज की सिकंदरपुर बीट में एक मादा बाघ शावक का शव बरामद हुआ। था। एक माह बाद आई पोस्टमार्टम रिर्पोट में सेप्टीसीमिया नामक बीमारी से मौत होने की पुष्टि हुई थी।
  • 14 फरवरी 2021- दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज में बाघ का शिकार।
  • 15 अप्रेल 2021- किशनपुर सेंक्चुरी में बाघिन का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिर्पोट में डायरिया से मौत की पुष्टि।
  • 26 सितंबर 2021- दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज में एक मादा बाघ शावक का शव मिला।

शिकार के मामलों पर दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन काफी गंभीर है। इसे रोकने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बीमारी, दुर्घटना और आपसी संघर्ष में मौतों पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता। - संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व

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