फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   All efforts went in vain...district fell short of wheat procurement target

Lakhimpur Kheri News: सब जतन गए बेकार...गेहूं खरीद के लक्ष्य से दूर रह गया जिला

Fri, 05 Jul 2024 01:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2024 01:30 AM IST
विज्ञापन
All efforts went in vain...district fell short of wheat procurement target
लखीमपुर खीरी। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं खरीद नहीं हो सकी। मंडी सचिव से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों तक की मेहनत बेकार हो गई। इस बार 1.88 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष 16.78 प्रतिशत ही खरीद हो सकी।
विज्ञापन

इस बार एक मार्च से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। शुरू में एक महीने तक केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। अप्रैल के पहले सप्ताह से गेहूं की आवक होने पर मंडियां गुलजार होने लगी थीं। नकद भुगतान को लेकर किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय आढ़तों पर अधिक फसल बेची। 1.88 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने के लिए डीएम सहित जिला स्तरीय अधिकारियों ने दिन-रात एक कर दी। यहां तक की मंडी में आने वाले किसानों को आढ़तों पर जाने से भी रोका गया। विरोध के बाद मंडी में आढ़तों पर आने वाले किसानों का 60 प्रतिशत गेहूं क्रय केंद्रों पर देने की सहमति बनी। इसके बावजूद लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सका। ढाई महीने चली खरीद के बाद 31,549 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। हालांकि मंडल में सर्वाधिक खरीद पर जिले को पहला स्थान मिला है।
विज्ञापन

-------
बाजार मूल्य ज्यादा होने से पीछे छूटा लक्ष्य
इस बार जिले में 156 सरकारी क्रय केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों के प्रभारियों ने भी किसानों को जागरूक कर क्रय केंद्रों पर ही फसल बेचने के लिए प्रेरित किया। इस बार समर्थन मूल्य 2275 रुपये निर्धारित किया गया था। हालांकि बाजार और आढ़तों पर 2280 से लेकर 2300 रुपये तक फसल खरीदी गई। किसानों ने नकद और ज्यादा धनराशि के चक्कर में अपनी फसलें बाजारों में बेंच दी। इस वजह से जिला लक्ष्य से पीछे छूट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
कई बार खरीद बढ़ाने का किया प्रयास, फिर भी लक्ष्य से दूर
चार अप्रैल को मंडी में किसानों की गेहूं भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रय केंद्रों पर खड़ी करा ली गई थी। किसानों का आरोप था कि मंडी सचिव ने आढ़तों पर तौल कराने की बजाय सरकारी केंद्रों पर ही तौल कराने की बात कही थी। आढ़तों पर गेहूं तौलवाने पर गेट पास न देने, आढ़तियों का लाइसेंस निरस्त करने की भी धमकी दी थी। हालांकि मंडी सचिव सुधांशु ने इस तरह की बात कहे जाने से इन्कार किया था। इतना सब होने के बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।

वर्जन
बाजार मूल्य अधिक होने की वजह से लक्ष्य के सापेक्ष खरीद नहीं की जा सकी। हालांकि प्रयास पूरा किया गया कि आढ़तों पर फसल न तुले, लेकिन किसान स्वतंत्र हैं।
संतोष पटेल, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed