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पूजन कर भाइयों के माथे पर लगाया लंबी उम्र का टीका
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भाई दूज का टीका करतीं बहनें।
जिले भर में विधि-विधान से मनाई गई भैया दूज
लखीमपुर खीरी। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया यानी शनिवार को जिले में भैया दूज श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई गई। बहनों ने शुभ मुहूर्त में विधि विधान से पूजन कर भाइयों को तिलक लगाकर लंबी उम्र और सुखद जीवन के लिए मंगलकामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर आशीर्वाद लिया और रक्षा करने का वचन दिया। पर्व को लेकर पूरे दिन मिठाई, चूरा, खील खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ रही। उधर, जेल प्रशासन की अनुमति से बहनों ने भाइयों को टीका कर त्योहार मनाया।
शनिवार को भैयादूज के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव का भी समापन हो गया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में त्योहार को लेकर हर घर में सुबह होते ही तैयारियों का दौर शुरू हो गया था। बहनों ने विधि-विधान से घर में पूजन सामग्री तैयार की। इसके बाद बहनों ने सामूहिक रूप से विधिवत पूजन कर कथा सुनी और चौक पर भाइयों को बैठाकर रोली, चंदन एवं अक्षत से टीका कर मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया। वहीं भाइयों ने बहनों के पैर छूकर उन्हें उपहार दिए और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इसके बाद बहनों ने परंपरा निभाते हुए भाइयों को भोजन कराया।
उधर, त्योहार को लेकर सुबह से ही मिठाई, चूरा, खील एवं मीठे खिलौनों की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ रही। बहनों ने भाइयों का टीका करने के लिए जमकर खरीदारी की।
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गोला गोकर्णनाथ। शनिवार को बहनों ने घरों के आंगन में भाई दूज की पूजा रखी। उपवास रखकर विधि विधान से भैया दूज की पूजा करने के बाद चौक पर भाइयों के माथे पर तिलक किया और लंबी उम्र की कामना की। भैया दूज पर नगर और क्षेत्र में मिठाई की दुकानें सजी रहीं। बहनों ने दुकानों पर भाई की पसंद के लिये मिठाई, शकर से बनी भुरकी, चूरा, लइया खरीदी।
ममरी। भैया दूज पर बहनों ने घरों में पिसे चावल से चौक बनाकर यमराज देवता का सामूहिक पूजन किया और भाइयों के माथे पर रोली तिलक लगाकर उनका मिठाइयों से मुंह मीठा कराकर उनके दीर्घायु होने की कामनाएं की। इस मौके पर ममरी, महेशपुर, अजान, रोशन नगर, अहमदनगर, झाऊधुर आदि स्थानों पर लगी मिठाई, भुरकी, चूरा और खील की दुकानों पर खरीदारी करने वालों का तांता लगा रहा।
मोहम्मदी। भैया दूज पर बहनों ने भाइयों के माथे पर मंगल तिलक करा उनकी सुख समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। भाईयों ने भी बहनों को दक्षिणा और उपहार देकर उनकी सलामती की प्रार्थना की। रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों में बसों का काफी इंतजार करना पड़ा।
तिकुनिया। इलाके में भैया दूज का पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर मुंह मीठा कराया। उनके मंगल भविष्य की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार स्वरूप दक्षिणा भेंट की।
अमीरनगर। कस्बे में भैया दूज के मौके पर बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर मिठाइयां खिलाई तिलक लगाने के बाद बहनों ने भाईयों की लंबी आयु की कामना की। इधर कस्बे में सुबह से ही मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ लगी रही इसके अलावा ककरहा, हरीनगर में भी भैया दूज के मौके पर भीड़ रही।
बहनों ने मिठाइयों और चूरा-खीलों की खूब की खरीददारी
बांकेगंज। कोरोना संक्रमण से थोड़ी राहत मिलने के बाद इस साल भैयादूज पर बाजार में काफी चहल-पहल दिखाई दी। कस्बे में दूरदराज क्षेत्रों से भाइयों के माथे पर टीका लगाने आई बहनों ने मायके जाने से पहले बाजार में सजी मिठाइयों और चूरा खीलों की दुकानों पर जमकर खरीददारी की। इस मौके पर बहनों ने भाइयों के माथे पर मंगल टीका लगाकर उनके दीर्घायु की कामना की। भइयों ने भी बहनों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार दिए।
पलियाकलां। इलाके के महंगापुर, मझगईं, संपूर्णानगर, गौरीफंटा, मझगईं, चंदनचौकी सहित अन्य जगहों पर भैया दूज धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भुरकी चूरा की दुकानों पर खूब भीड़ भाड़ रही, इससे बाजार में भी चहल पहल रही।
बहराइच की ट्रेनें बंद होने का दिखा असर
मैलानी। बहराइच रूट की ट्रेनें बंद होने का असर भाईदूज त्योहार पर दिखाई दिया। इस बार यहां बाजार में सन्नाटा पसरा नजर आया।
यहां बता दें कि 20 अक्तूबर को शारदा नदी में आई भीषण बाढ़ से भीरा एवं पलिया कलां के बीच मैलानी-बहराइच मीटरगेज रेलखंड बह गया था। तभी से इस रूट पर संचालित एक जोड़ी पैसेंजर ट्रेन का संचालन बंद है। इसका असर भाईदूज के त्योहार पर देखने को मिला। इस क्षेत्र में पूर्वांचल के निवासियों की खासी आबादी है। यहां के लोगों का बड़ी संख्या में इस ट्रेन से भाईदूज, रक्षा बंधन आदि अवसरों पर आवागमन होता है। चूंकि इस बार ट्रेन का संचालन बंद है। संभवत: इसी का असर यह रहा कि अबकी भाईदूज के मौके पर यहां मिठाइयों, लाईचूरा आदि दुकानों पर सन्नाटा दिखाई दिया।
विक्रेता दिनेश राठौर ने बताया कि पहले की अपेक्षा इस बार भाईदूज पर बिक्री काफी हल्की रही। मिठाई विक्रेता अमीर चंद्र के अनुसार, ट्रेन बंद होने का पूरा असर भाईदूज की दुकानदारी पर पड़ा है। बस अड्डे पर भी यात्रियों की भीड़भाड़ इस बार नजर नहीं आई।
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लखीमपुर खीरी। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया यानी शनिवार को जिले में भैया दूज श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई गई। बहनों ने शुभ मुहूर्त में विधि विधान से पूजन कर भाइयों को तिलक लगाकर लंबी उम्र और सुखद जीवन के लिए मंगलकामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर आशीर्वाद लिया और रक्षा करने का वचन दिया। पर्व को लेकर पूरे दिन मिठाई, चूरा, खील खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ रही। उधर, जेल प्रशासन की अनुमति से बहनों ने भाइयों को टीका कर त्योहार मनाया।
शनिवार को भैयादूज के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव का भी समापन हो गया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में त्योहार को लेकर हर घर में सुबह होते ही तैयारियों का दौर शुरू हो गया था। बहनों ने विधि-विधान से घर में पूजन सामग्री तैयार की। इसके बाद बहनों ने सामूहिक रूप से विधिवत पूजन कर कथा सुनी और चौक पर भाइयों को बैठाकर रोली, चंदन एवं अक्षत से टीका कर मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया। वहीं भाइयों ने बहनों के पैर छूकर उन्हें उपहार दिए और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इसके बाद बहनों ने परंपरा निभाते हुए भाइयों को भोजन कराया।
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उधर, त्योहार को लेकर सुबह से ही मिठाई, चूरा, खील एवं मीठे खिलौनों की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ रही। बहनों ने भाइयों का टीका करने के लिए जमकर खरीदारी की।
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गोला गोकर्णनाथ। शनिवार को बहनों ने घरों के आंगन में भाई दूज की पूजा रखी। उपवास रखकर विधि विधान से भैया दूज की पूजा करने के बाद चौक पर भाइयों के माथे पर तिलक किया और लंबी उम्र की कामना की। भैया दूज पर नगर और क्षेत्र में मिठाई की दुकानें सजी रहीं। बहनों ने दुकानों पर भाई की पसंद के लिये मिठाई, शकर से बनी भुरकी, चूरा, लइया खरीदी।
ममरी। भैया दूज पर बहनों ने घरों में पिसे चावल से चौक बनाकर यमराज देवता का सामूहिक पूजन किया और भाइयों के माथे पर रोली तिलक लगाकर उनका मिठाइयों से मुंह मीठा कराकर उनके दीर्घायु होने की कामनाएं की। इस मौके पर ममरी, महेशपुर, अजान, रोशन नगर, अहमदनगर, झाऊधुर आदि स्थानों पर लगी मिठाई, भुरकी, चूरा और खील की दुकानों पर खरीदारी करने वालों का तांता लगा रहा।
मोहम्मदी। भैया दूज पर बहनों ने भाइयों के माथे पर मंगल तिलक करा उनकी सुख समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। भाईयों ने भी बहनों को दक्षिणा और उपहार देकर उनकी सलामती की प्रार्थना की। रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों में बसों का काफी इंतजार करना पड़ा।
तिकुनिया। इलाके में भैया दूज का पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर मुंह मीठा कराया। उनके मंगल भविष्य की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार स्वरूप दक्षिणा भेंट की।
अमीरनगर। कस्बे में भैया दूज के मौके पर बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर मिठाइयां खिलाई तिलक लगाने के बाद बहनों ने भाईयों की लंबी आयु की कामना की। इधर कस्बे में सुबह से ही मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ लगी रही इसके अलावा ककरहा, हरीनगर में भी भैया दूज के मौके पर भीड़ रही।
बहनों ने मिठाइयों और चूरा-खीलों की खूब की खरीददारी
बांकेगंज। कोरोना संक्रमण से थोड़ी राहत मिलने के बाद इस साल भैयादूज पर बाजार में काफी चहल-पहल दिखाई दी। कस्बे में दूरदराज क्षेत्रों से भाइयों के माथे पर टीका लगाने आई बहनों ने मायके जाने से पहले बाजार में सजी मिठाइयों और चूरा खीलों की दुकानों पर जमकर खरीददारी की। इस मौके पर बहनों ने भाइयों के माथे पर मंगल टीका लगाकर उनके दीर्घायु की कामना की। भइयों ने भी बहनों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार दिए।
पलियाकलां। इलाके के महंगापुर, मझगईं, संपूर्णानगर, गौरीफंटा, मझगईं, चंदनचौकी सहित अन्य जगहों पर भैया दूज धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भुरकी चूरा की दुकानों पर खूब भीड़ भाड़ रही, इससे बाजार में भी चहल पहल रही।
बहराइच की ट्रेनें बंद होने का दिखा असर
मैलानी। बहराइच रूट की ट्रेनें बंद होने का असर भाईदूज त्योहार पर दिखाई दिया। इस बार यहां बाजार में सन्नाटा पसरा नजर आया।
यहां बता दें कि 20 अक्तूबर को शारदा नदी में आई भीषण बाढ़ से भीरा एवं पलिया कलां के बीच मैलानी-बहराइच मीटरगेज रेलखंड बह गया था। तभी से इस रूट पर संचालित एक जोड़ी पैसेंजर ट्रेन का संचालन बंद है। इसका असर भाईदूज के त्योहार पर देखने को मिला। इस क्षेत्र में पूर्वांचल के निवासियों की खासी आबादी है। यहां के लोगों का बड़ी संख्या में इस ट्रेन से भाईदूज, रक्षा बंधन आदि अवसरों पर आवागमन होता है। चूंकि इस बार ट्रेन का संचालन बंद है। संभवत: इसी का असर यह रहा कि अबकी भाईदूज के मौके पर यहां मिठाइयों, लाईचूरा आदि दुकानों पर सन्नाटा दिखाई दिया।
विक्रेता दिनेश राठौर ने बताया कि पहले की अपेक्षा इस बार भाईदूज पर बिक्री काफी हल्की रही। मिठाई विक्रेता अमीर चंद्र के अनुसार, ट्रेन बंद होने का पूरा असर भाईदूज की दुकानदारी पर पड़ा है। बस अड्डे पर भी यात्रियों की भीड़भाड़ इस बार नजर नहीं आई।