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एक माह बाद फिर विस्टाडोम कोच लेकर रवाना हुई ट्रेन
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विस्टाडोम कोच
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पहले दिन मैलानी से सवार हुए छह टूरिस्ट
मैलानी (लखीमपुर खीरी)। एक माह बाद शनिवार को फिर एसी विस्टाडोम कोच (पर्यटक कोच) पर्यटकों को लेकर दुधवा नेशनल पार्क के जंगल की सैर कराने के लिए रवाना हुए। ट्रेन शाम को अपने निर्धारित समय पर मैलानी पहुंची। यहां बता दें कि कड़ाके की सर्दी के चलते फरवरी में इनका संचालन बंद कर दिया गया था।
पूर्वोत्तर रेलवे के मीटरगेज मैलानी-बहराइच खंड पर विस्टाडोम कोच के संचालन का उद्घाटन छह जनवरी को किया गया था। आठ जनवरी से मैलानी-बहराइच पैसेंजर में अटैच कर हफ्ते में तीन दिन शनिवार, रविवार, सोमवार को इनका संचालन मैलानी से बिछिया के बीच शुरू किया गया था।
जनवरी में विस्टाडोम कोच का संचालन जारी रहा, लेकिन फरवरी में कड़ाके की सर्दी में पर्यटकों की कमी के चलते इनका संचालन बंद कर दिया गया था। अब सर्दी कम होने पर पूर्वोत्तर रेलवे ने शनिवार से फिर इन कोच का संचालन शुरू कर दिया। एक माह बाद संचालित हुए विस्टाडोम कोच में पहले दिन मैलानी से छह पर्यटक दुधवा के जंगलों की सैर करने के लिए रवाना हुए।
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रेलवे ने पर्यटक कोच दिया है नाम
मैलानी। मैलानी-बहराइच पैसेंजर में अटैच होकर मैलानी से बिछिया के बीच संचालित एसी विस्टाडोम कोच को रेलवे ने एसी पर्यटक कोच नाम दिया है। इसके पीछे तर्क यह है कि विस्टाडोम कोच की तर्ज पर ये कोच बने हैं न कि विस्टाडोम कोच हैं। रेल अधिकारियों के मुताबिक, विस्टाडोम कोच में रिवाल्विंग चेयर सहित और भी अन्य कई सुविधाएं होती हैं। इसी से रेलवे ने इन्हें विस्टाडोम के बजाए एसी पर्यटक कोच नाम दिया है। संवाद
रेलवे के लिए टूरिस्ट जुटाना हो रहा मुश्किल
मैलानी। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुधवा पार्क के जंगलों की सैर कराने के लिए एक माह बाद फिर से शुरू किए गए एसी पर्यटक कोच के लिए टूरिस्ट जुटाना भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। तमाम प्रचार-प्रसार के बाद भी शनिवार को मैलानी से सिर्फ छह टूरिस्ट ही कोच में सवार हुए। हालांकि टूरिस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए कई तरह की योजनाओं पर संबंधित अधिकारी काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि थोड़ा समय लगेगा, लेकिन धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
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मैलानी (लखीमपुर खीरी)। एक माह बाद शनिवार को फिर एसी विस्टाडोम कोच (पर्यटक कोच) पर्यटकों को लेकर दुधवा नेशनल पार्क के जंगल की सैर कराने के लिए रवाना हुए। ट्रेन शाम को अपने निर्धारित समय पर मैलानी पहुंची। यहां बता दें कि कड़ाके की सर्दी के चलते फरवरी में इनका संचालन बंद कर दिया गया था।
पूर्वोत्तर रेलवे के मीटरगेज मैलानी-बहराइच खंड पर विस्टाडोम कोच के संचालन का उद्घाटन छह जनवरी को किया गया था। आठ जनवरी से मैलानी-बहराइच पैसेंजर में अटैच कर हफ्ते में तीन दिन शनिवार, रविवार, सोमवार को इनका संचालन मैलानी से बिछिया के बीच शुरू किया गया था।
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जनवरी में विस्टाडोम कोच का संचालन जारी रहा, लेकिन फरवरी में कड़ाके की सर्दी में पर्यटकों की कमी के चलते इनका संचालन बंद कर दिया गया था। अब सर्दी कम होने पर पूर्वोत्तर रेलवे ने शनिवार से फिर इन कोच का संचालन शुरू कर दिया। एक माह बाद संचालित हुए विस्टाडोम कोच में पहले दिन मैलानी से छह पर्यटक दुधवा के जंगलों की सैर करने के लिए रवाना हुए।
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रेलवे ने पर्यटक कोच दिया है नाम
मैलानी। मैलानी-बहराइच पैसेंजर में अटैच होकर मैलानी से बिछिया के बीच संचालित एसी विस्टाडोम कोच को रेलवे ने एसी पर्यटक कोच नाम दिया है। इसके पीछे तर्क यह है कि विस्टाडोम कोच की तर्ज पर ये कोच बने हैं न कि विस्टाडोम कोच हैं। रेल अधिकारियों के मुताबिक, विस्टाडोम कोच में रिवाल्विंग चेयर सहित और भी अन्य कई सुविधाएं होती हैं। इसी से रेलवे ने इन्हें विस्टाडोम के बजाए एसी पर्यटक कोच नाम दिया है। संवाद
रेलवे के लिए टूरिस्ट जुटाना हो रहा मुश्किल
मैलानी। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुधवा पार्क के जंगलों की सैर कराने के लिए एक माह बाद फिर से शुरू किए गए एसी पर्यटक कोच के लिए टूरिस्ट जुटाना भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। तमाम प्रचार-प्रसार के बाद भी शनिवार को मैलानी से सिर्फ छह टूरिस्ट ही कोच में सवार हुए। हालांकि टूरिस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए कई तरह की योजनाओं पर संबंधित अधिकारी काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि थोड़ा समय लगेगा, लेकिन धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद