{"_id":"53bc94108b27bbfebe3ef42f0bb743f5","slug":"after-15-years-with-aunt-coming-home-missing-jumrati-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 साल बाद चाची के साथ घर आ रहा है लापता जुमराती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 साल बाद चाची के साथ घर आ रहा है लापता जुमराती
निघासन
Updated Wed, 10 Jun 2015 10:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
15 साल पहले घर से लापता हुआ जुमराती राजस्थान के अजमेर में मिला। वह अपनी चाची के साथ वापस अपने घर आ रहा है। उसके आने की सूचना से गांव में हर्ष का माहौल है।
थाना कोतवाली के तिकुनियां निवासी छेदुई पल्लेदार के तीन पुत्र सलमान, दिलशाद और सबसे छोटा जुमराती है। दो पुत्रियां भी है, जिनकी शादी हो चुकी हैं। जुमराती जब 10 वर्ष का था तब घर से लापता हो गया। उसकी काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। परिवार वालों ने उसके मिलने की आस छोड़ दी थी। पुत्र के वियोग में छेदुई तीन साल बाद स्वर्ग सिधार गया। जुमराती की मां जैतूना भी काफी परेशान रहती थी। पति और बेटे के वियोग में वह बीमार रहने लगी। जुमराती के गायब होने की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। इसी दौरान जुमराती की चाची सलील जहां बम्हनपुर आकर बस गई। तीन जून को कुछ लोग राजस्थान घूमने गए थे। साथ में सलील जहां भी गयी थी। राजस्थान में घूमते समय अनासागर के पास एक 25 वर्षीय युवक ने सलील जहां को देखकर पहचान लिया और उसे आपबीती बताने लगा। उसने बताया कि वह यहां मजदूरी कर रही है। सलील जहां के यह पूछने पर वह यहां पर कैसे पहुंचा। इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सका। फोन पर जुमराती के मिलने की खबर उसने परिवार वालों को सुनाई। परिवार वाले उसके मिलने की खबर सुनकर बेहद खुश हैं।
विज्ञापन
थाना कोतवाली के तिकुनियां निवासी छेदुई पल्लेदार के तीन पुत्र सलमान, दिलशाद और सबसे छोटा जुमराती है। दो पुत्रियां भी है, जिनकी शादी हो चुकी हैं। जुमराती जब 10 वर्ष का था तब घर से लापता हो गया। उसकी काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। परिवार वालों ने उसके मिलने की आस छोड़ दी थी। पुत्र के वियोग में छेदुई तीन साल बाद स्वर्ग सिधार गया। जुमराती की मां जैतूना भी काफी परेशान रहती थी। पति और बेटे के वियोग में वह बीमार रहने लगी। जुमराती के गायब होने की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। इसी दौरान जुमराती की चाची सलील जहां बम्हनपुर आकर बस गई। तीन जून को कुछ लोग राजस्थान घूमने गए थे। साथ में सलील जहां भी गयी थी। राजस्थान में घूमते समय अनासागर के पास एक 25 वर्षीय युवक ने सलील जहां को देखकर पहचान लिया और उसे आपबीती बताने लगा। उसने बताया कि वह यहां मजदूरी कर रही है। सलील जहां के यह पूछने पर वह यहां पर कैसे पहुंचा। इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सका। फोन पर जुमराती के मिलने की खबर उसने परिवार वालों को सुनाई। परिवार वाले उसके मिलने की खबर सुनकर बेहद खुश हैं।
विज्ञापन