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Lakhimpur Kheri News: अधिवक्ताओं ने उठाए एसडीएम के फैसलों पर सवाल
Fri, 29 May 2026 11:20 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 29 May 2026 11:20 PM IST
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डीएम कार्यालय ज्ञापन देने जाते अधिवक्ता महासंघ के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : 1
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश अधिवक्ता महासंघ ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन व सदस्य अजय कुमार शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। ज्ञापन में सदर एसडीएम अश्वनी कुमार सिंह के कार्यकाल की जांच कराने की मांग की गई है।
महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि एसडीएम सदर के रूप में कार्य करते हुए अश्वनी कुमार सिंह ने कई मामलों में विवादित निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के भुईफोरवानाथ मंदिर की भूमि से जुड़े प्रकरण में भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही सार्वजनिक उपयोग की भूमि से संबंधित मामलों में भी अनियमितताएं बरती गईं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रस्तावित ग्रीन फील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के नाम पर सदर तहसील के महोला, अमृतापुर सहित 11 गांवों की भूमि की खरीद-फरोख्त पर अनधिकृत रूप से रोक लगा दी गई, जिससे आमजन और सरकारी राजस्व प्रभावित हुआ है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनता के उत्पीड़न को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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इस दौरान अधिवक्ता आफताब अहमद, अफसर अली, नरेंद्र कुमार वर्मा, अशोक वर्मा, मीरा देवी, विशाल गुप्ता, हेमवती देवी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि एसडीएम सदर के रूप में कार्य करते हुए अश्वनी कुमार सिंह ने कई मामलों में विवादित निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के भुईफोरवानाथ मंदिर की भूमि से जुड़े प्रकरण में भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही सार्वजनिक उपयोग की भूमि से संबंधित मामलों में भी अनियमितताएं बरती गईं।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रस्तावित ग्रीन फील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के नाम पर सदर तहसील के महोला, अमृतापुर सहित 11 गांवों की भूमि की खरीद-फरोख्त पर अनधिकृत रूप से रोक लगा दी गई, जिससे आमजन और सरकारी राजस्व प्रभावित हुआ है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनता के उत्पीड़न को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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इस दौरान अधिवक्ता आफताब अहमद, अफसर अली, नरेंद्र कुमार वर्मा, अशोक वर्मा, मीरा देवी, विशाल गुप्ता, हेमवती देवी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।