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Lakhimpur Kheri News: 15 दिन पहले से बन रहा मिलावटी खाद्य सामान, अब भर रहे नमूने
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खाद्य पदार्थों का सैंपल लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम- स्रोत विभाग
लखीमपुर खीरी। होली से करीब एक माह पहले ही मिलावटी चीजें बननी शुरू हो गई हैं। इस बार भी दुकानदारों ने मिठाइयां तैयार कर ली हैं। पापड़, कचरी सहित अन्य खाद्य पदार्थ भी तैयार कर कारोबारी स्टोर करने लगे हैं, ताकि धड़ल्ले से बेच सकें। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई अब शुरू की है।
मिलावट खोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से सोमवार से छापामार कार्रवाई शुरू कर दी गई। पहले दिन धौरहरा, निघासन, गोला में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए। इसमें धौरहरा में पनीर और छेना का नमूना लिया गया। साथ ही 20 किलो दूषित छेना होने पर अफसरों ने उसे फिंकवा दिया।
इसके अलावा निघासन से दो खोया और गोला से एक दूध का नमूना भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। विभाग की ओर से यह अभियान 24 मार्च तक चलेगा। वैसे तो विभाग के पास नौ खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं, लेकिन पहले दिन की कार्रवाई में मात्र छह पदार्थों केे ही नमूने भरे जा सके।
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ऐसी जांच से फायदा क्या, जब रिपोर्ट आएगी त्योहार के बाद
खाद्य पदार्थों का सैंपल लेने के बाद जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। नियमानुसार जांच रिपोर्ट 14 दिन में आ जानी चाहिए, लेकिन यहां एक 20 से 25 या एक महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं आती। होली के अभियान में जो सैंपल लिए जा रहे हैं, उसकी रिपोर्ट होली के बाद ही आएगी। होली के लिए तैयार किया गया माल होली में ही खपा दिया जाएगा। अगर जांच रिपोर्ट में नमूना फेल पाया जाता है तो ऐसी जांच करने से क्या फायदा, क्योंकि जांच में खराब निकला खाद्य पदार्थ तो खपाया जा चुका होगा।
शहर के साथ मितौली, बेहजम, गोला से लिए सैंपल
खाद्य विभाग की ओर से सोमवार को धौरहरा, गोला व निघासन में सैंपल लिए गए। वहीं मंगलवार को गढ़ी रोड से एक पनीर, बेहजम से रंगीन कचरी, गोला से बेसन, हल्दी व चायपत्ती, लखीमपुर से एक दूध का नमूना भरा गया। इसके अलावा गोला से 19 पैकेट चायपत्ती जब्ती की गई है। मितौली में 48 लीटर कोल्ड ड्रिंक, दो मसाला, धौरहरा से 20 किलो छेना नष्ट कराया गया।
होली पर मिलावट खोरों पर कार्रवाई के लिए विभाग की ओर से छापामार कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जो लगातार होली तक चलती रहेगी। खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच में फेल आने वाले सैंपलों पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य
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मिलावट खोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से सोमवार से छापामार कार्रवाई शुरू कर दी गई। पहले दिन धौरहरा, निघासन, गोला में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए। इसमें धौरहरा में पनीर और छेना का नमूना लिया गया। साथ ही 20 किलो दूषित छेना होने पर अफसरों ने उसे फिंकवा दिया।
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इसके अलावा निघासन से दो खोया और गोला से एक दूध का नमूना भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। विभाग की ओर से यह अभियान 24 मार्च तक चलेगा। वैसे तो विभाग के पास नौ खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं, लेकिन पहले दिन की कार्रवाई में मात्र छह पदार्थों केे ही नमूने भरे जा सके।
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ऐसी जांच से फायदा क्या, जब रिपोर्ट आएगी त्योहार के बाद
खाद्य पदार्थों का सैंपल लेने के बाद जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। नियमानुसार जांच रिपोर्ट 14 दिन में आ जानी चाहिए, लेकिन यहां एक 20 से 25 या एक महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं आती। होली के अभियान में जो सैंपल लिए जा रहे हैं, उसकी रिपोर्ट होली के बाद ही आएगी। होली के लिए तैयार किया गया माल होली में ही खपा दिया जाएगा। अगर जांच रिपोर्ट में नमूना फेल पाया जाता है तो ऐसी जांच करने से क्या फायदा, क्योंकि जांच में खराब निकला खाद्य पदार्थ तो खपाया जा चुका होगा।
शहर के साथ मितौली, बेहजम, गोला से लिए सैंपल
खाद्य विभाग की ओर से सोमवार को धौरहरा, गोला व निघासन में सैंपल लिए गए। वहीं मंगलवार को गढ़ी रोड से एक पनीर, बेहजम से रंगीन कचरी, गोला से बेसन, हल्दी व चायपत्ती, लखीमपुर से एक दूध का नमूना भरा गया। इसके अलावा गोला से 19 पैकेट चायपत्ती जब्ती की गई है। मितौली में 48 लीटर कोल्ड ड्रिंक, दो मसाला, धौरहरा से 20 किलो छेना नष्ट कराया गया।
होली पर मिलावट खोरों पर कार्रवाई के लिए विभाग की ओर से छापामार कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जो लगातार होली तक चलती रहेगी। खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच में फेल आने वाले सैंपलों पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य