{"_id":"57348f214f1c1b387c9198b9","slug":"ado-angry-panchayat-leaders-in-the-room-to-put-the-lock","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाराज प्रधानों ने एडीओ पंचायत के कमरे में ताला डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाराज प्रधानों ने एडीओ पंचायत के कमरे में ताला डाला
अमर उजाला ब्यूरो-बिजुआ।
Updated Thu, 12 May 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
neta
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- भुगतान के लिए चेक को प्रमाणित करने के आदेश के खिलाफ फूटा गुस्सा
- डीएम को ज्ञापन भेजा, लगाया मनमानी का आरोप
सरकार पंचायतों को और अधिकार देने की बात कर रही है, दूसरी तरफ प्रधान अपने अधिकारों के हनन होने का हवाला देकर हंगामा कर रहे हैं। गुरुवार को बिजुआ के प्रधानों ने अपने अधिकारों पर कटौती का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। प्रधानों ने एडीओ पंचायत के कार्यालय में ताला डालकर डीएम के नाम एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा।
एक्ट और शासनादेश के खिलाफ पूर्व डीएम द्वारा जारी एक आदेश से प्रधानों में गुस्सा है। प्रधानों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के भुगतान के लिए चेक को प्रमाणित करने का आदेश पूर्व डीएम ने जारी कर दिया था। इस आदेश को जिले के कुछ ही ब्लाकों में लागू किया गया है। बिजुआ भी इसमें से एक ही है। प्रधानों का आरोप है कि अगर वह कोई भी विकास कार्य कराकर भुगतान करें तो उसके लिए चेक को एडीओ से प्रमाणित कराना पड़ता है, ऐसे में एडीओ को ढूंढना बहुत मुश्किल है, साथ ही ऐसी व्यवस्था प्रधानों के अधिकारों का हनन है। पंचायत में विकास कार्यों के रुके होने का जिम्मेदार प्रधानों ने एडीओ पंचायत को बताया, प्रधानों का आरोप है कि एडीओ पंचायत हफ्तेभर ब्लाक से गायब रहते हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हैं, गांवों के हैंडपंप भी बेकार पड़े हैं, लेकिन बगैर प्रमाणीकरण के इतने छोटे-छोटे भुगतान भी हफ्ते-हफ्ते लंबित पड़े रहते हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार को दिया। इससे पहले प्रधानों ने एडीओ के कार्यालय में ताला लगाकर अपना विरोध जताया।
आदेश न हटा तो सोमवार को होगा आंदोलन
प्रदर्शन में शामिल प्रधानों ने कहा कि अगर सोमवार तक इस व्यवस्था को नहीं हटाया गया तो ब्लाक गेट पर ताला डालकर प्रदर्शन किया जाएगा।
विज्ञापन
- डीएम को ज्ञापन भेजा, लगाया मनमानी का आरोप
सरकार पंचायतों को और अधिकार देने की बात कर रही है, दूसरी तरफ प्रधान अपने अधिकारों के हनन होने का हवाला देकर हंगामा कर रहे हैं। गुरुवार को बिजुआ के प्रधानों ने अपने अधिकारों पर कटौती का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। प्रधानों ने एडीओ पंचायत के कार्यालय में ताला डालकर डीएम के नाम एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा।
एक्ट और शासनादेश के खिलाफ पूर्व डीएम द्वारा जारी एक आदेश से प्रधानों में गुस्सा है। प्रधानों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के भुगतान के लिए चेक को प्रमाणित करने का आदेश पूर्व डीएम ने जारी कर दिया था। इस आदेश को जिले के कुछ ही ब्लाकों में लागू किया गया है। बिजुआ भी इसमें से एक ही है। प्रधानों का आरोप है कि अगर वह कोई भी विकास कार्य कराकर भुगतान करें तो उसके लिए चेक को एडीओ से प्रमाणित कराना पड़ता है, ऐसे में एडीओ को ढूंढना बहुत मुश्किल है, साथ ही ऐसी व्यवस्था प्रधानों के अधिकारों का हनन है। पंचायत में विकास कार्यों के रुके होने का जिम्मेदार प्रधानों ने एडीओ पंचायत को बताया, प्रधानों का आरोप है कि एडीओ पंचायत हफ्तेभर ब्लाक से गायब रहते हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हैं, गांवों के हैंडपंप भी बेकार पड़े हैं, लेकिन बगैर प्रमाणीकरण के इतने छोटे-छोटे भुगतान भी हफ्ते-हफ्ते लंबित पड़े रहते हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार को दिया। इससे पहले प्रधानों ने एडीओ के कार्यालय में ताला लगाकर अपना विरोध जताया।
विज्ञापन
आदेश न हटा तो सोमवार को होगा आंदोलन
प्रदर्शन में शामिल प्रधानों ने कहा कि अगर सोमवार तक इस व्यवस्था को नहीं हटाया गया तो ब्लाक गेट पर ताला डालकर प्रदर्शन किया जाएगा।