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लाखों के गबन का आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 27 Jul 2016 09:41 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फूलबेहड़ की ग्राम पंचायत ओदरहना का मामला
मौजूदा समय में मितौली ब्लाक में सेक्रेटरी तैनात
डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत बेहजम को सौंपी जांच
फूलबेहड़ ब्लाक की ग्राम पंचायत ओदरहना की तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज प्रियदर्शिनी को डीपीआरओ ने सस्पेंड कर दिया है। उनके खिलाफ राज्य वित्त एवं 13वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि में से 65 लाख रुपये के गबन का आरोप है। इस मामले की जांच सीडीओ की ओर से गठित त्रिस्तरीय समिति कर रही है, लेकिन सेक्रेटरी टीम के समक्ष उपस्थित नहीं हुईं। जांच के लिए आवश्यक अभिलेख भी टीम को मुहैया नहीं कराए, जिससे जांच टीम ने मामले की शिकायत डीपीआरओ से की थी।
वर्तमान में मितौली ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज प्रियदर्शनी के खिलाफ करीब छह माह पूर्व गबन के आरोप लगे थे, जिसमें लखीमपुर निवासी मातादीन यादव और विश्वपाल सिंह ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ 65 लाख रुपये गबन का गंभीर आरोप है। डीएम के आदेश पर तत्कालीन सीडीओ नितीश कुमार ने प्रकरण की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति डीएसटीओ एसपी वर्मा के नेतृत्व में गठित की थी, जिसमें पीडब्ल्यूडी के जेई नफीस अहमद और बीडीओ फूलबेहड़ भी शामिल हैं। जांच के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी ने समिति के समक्ष ग्राम पंचायत ओदरहना के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए, जिससे आरोपों की जांच आगे नहीं बढ़ सकी। उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना की गई। डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने समिति की रिपोर्ट पर ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज प्रियदर्शिनी को सस्पेंड करते हुए जिला मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया है।
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निलंबन अवधि में ग्राम पंचायत अधिकारी जिला मुख्यालय पर उपस्थिति दर्ज कराएंगी। प्रकरण की जांच बेहजम के एडीओ पंचायत को सौंपी गई है, जो जांच कर 15 दिन के अंदर आरोप पत्र प्रस्तुत करेंगे।
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-अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ