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Lakhimpur Kheri News: फर्जी टीसी और अंकपत्र देने का आरोप
Thu, 30 Jul 2026 11:10 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 30 Jul 2026 11:10 PM IST
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निघासन। सिंगाही कस्बे के एक अभिभावक ने निजी विद्यालय के संचालकों पर फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) और अंकपत्र जारी कर बच्चे के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सिंगाही कस्बे के वार्ड नंबर-8 निवासी आकाश सिंह ने बताया कि उनके बेटे आदित्य सिंह ने करीब पांच वर्ष तक सिंगाही पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की। मार्च 2026 में उसने कक्षा-5 उत्तीर्ण की, इसके बाद उसका प्रवेश राजा प्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज, सिंगाही में कक्षा-6 में कराया गया।
आरोप है कि करीब तीन माह बाद इंटर कॉलेज प्रशासन ने विद्यालय की ओर से जारी टीसी को फर्जी बताते हुए छात्र का दाखिला-नामांकन निरस्त कर दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में सिंगाही पब्लिक स्कूल के संचालकों से संपर्क किया तो असली टीसी उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे 29,400 रुपये जमा करा लिए गए, लेकिन अब तक वैध टीसी उपलब्ध नहीं कराई गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विद्यालय द्वारा जारी कक्षा-5 की अंकपत्र और टीसी पर अंकित पेन नंबर भी फर्जी है। इसके चलते छात्र का भविष्य प्रभावित हुआ और उसे दोबारा कक्षा-5 में फ्यूचर विजन स्कूल, लखीमपुर में प्रवेश लेना पड़ा। पीड़ित ने विद्यालय संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने तथा विद्यालय को बंद कराने की मांग की है।
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खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेश कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर स्कूल प्रबंधक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतकर्ता आकाश सिंह ने अपने बेटे आदित्य सिंह को एक कक्षा प्रमोट करने का अनुरोध किया था, क्योंकि बच्चे की उम्र अधिक हो रही थी। उनका कहना है कि विद्यालय के शिक्षक फरीद ने अभिभावक को बताया था कि पोर्टल (साइट) खुलने पर छात्र को नियमानुसार प्रमोट कर दिया जाएगा। फिलहाल साइट बंद होने के कारण प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही पोर्टल खुलेगा, नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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आरोप है कि करीब तीन माह बाद इंटर कॉलेज प्रशासन ने विद्यालय की ओर से जारी टीसी को फर्जी बताते हुए छात्र का दाखिला-नामांकन निरस्त कर दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में सिंगाही पब्लिक स्कूल के संचालकों से संपर्क किया तो असली टीसी उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे 29,400 रुपये जमा करा लिए गए, लेकिन अब तक वैध टीसी उपलब्ध नहीं कराई गई।
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शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विद्यालय द्वारा जारी कक्षा-5 की अंकपत्र और टीसी पर अंकित पेन नंबर भी फर्जी है। इसके चलते छात्र का भविष्य प्रभावित हुआ और उसे दोबारा कक्षा-5 में फ्यूचर विजन स्कूल, लखीमपुर में प्रवेश लेना पड़ा। पीड़ित ने विद्यालय संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने तथा विद्यालय को बंद कराने की मांग की है।
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खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेश कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर स्कूल प्रबंधक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतकर्ता आकाश सिंह ने अपने बेटे आदित्य सिंह को एक कक्षा प्रमोट करने का अनुरोध किया था, क्योंकि बच्चे की उम्र अधिक हो रही थी। उनका कहना है कि विद्यालय के शिक्षक फरीद ने अभिभावक को बताया था कि पोर्टल (साइट) खुलने पर छात्र को नियमानुसार प्रमोट कर दिया जाएगा। फिलहाल साइट बंद होने के कारण प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही पोर्टल खुलेगा, नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। संवाद